अपडेटेड 29 January 2026 at 21:52 IST

Budget 2026: महंगाई से मिलेगी राहत? वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बजट से आम जनता को क्या हैं उम्मीदें

Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2026 को संसद में भारत सरकार का आम बजट पेश करेंगी। इस बजट में रेलवे, टैक्स स्लैब में संभावित बदलाव, घरेलू उत्पादन को बढ़ावा, महंगाई नियंत्रण और रोजमर्रा के खर्चों पर असर पर लोगों की खास नजर रहेगी।

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Union Budget FY26
Union Budget FY26 | Image: Republic

Union Budget 2026-27: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2026 को संसद में भारत सरकार का आम बजट पेश करेंगी। इससे पहले आम जनता के मन में राहत और महंगाई को लेकर कई सवाल हैं। इस बजट में डिफेंस, रेलवे, एविएशन जैसे बड़े सेक्टरों पर खास नजर रहेगी। 

इसके अलावा टैक्स स्लैब में संभावित बदलाव, घरेलू उत्पादन को बढ़ावा, महंगाई नियंत्रण और रोजमर्रा के खर्चों पर असर को लेकर चर्चाएं तेज हो गई है। ऐसे में आइए जानते हैं, इस बार का आम बजट से लोगों को क्या उम्मीदें होंगी और यह जनता के लिए राहत बनेगा या फिर सिर दर्द का कारण?

साल 2025 के बजट में मिली थी राहत

बजट 2025 का असर आम जनता पर सीधे तौर पर महसूस किया था और राहत भरा रहा था। सरकार ने 12 लाख रुपये तक की सालाना आय को इनकम टैक्स से मुक्त कर मध्यम वर्ग को बड़ी राहत दी, जिससे लोगों की बचत बढ़ी और खर्च करने की क्षमता मजबूत हुई। वहीं, वरिष्ठ नागरिकों के लिए ब्याज आय पर टैक्स में छूट देकर रिटायर्ड लोगों की आर्थिक सुरक्षा को मजबूती दी गई। 

हालांकि, बजट 2025 के बाद महंगाई को लेकर भी चिंताएं सामने आईं। पिछले बजट में आर्थिक विकास गति तेज हुई, लेकिन उपभोक्ता वस्तुओं पर दबाव और महंगाई-उत्पाद कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर दिखा।

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Budget 2026 से क्या उम्मीदें?

इनकम टैक्स में राहत-

बजट 2026 से मध्यम वर्ग को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद की जा रही है। टैक्स स्लैब में बढ़ोतरी या फिर Standard Deduction को एक लाख रुपये तक बढ़ाने पर विचार संभव है, जिससे सैलरी पाने वाले कर्मचारियों पर टैक्स का बोझ कम होगा और उनकी हाथ में आने वाली आय बढ़ सकती है।

रेलवे पर बड़ा असर-

आम आदमी की जेब पर सबसे बड़ा असर टिकट की कीमतों का पड़ता है। हालांकि, पिछले एक साल में मॉडर्न सुविधाओं और सुरक्षा पर भारी निवेश हुआ है, जिसके कारण रेलवे पर आर्थिक दबाव बढ़ा है। ऐसे में किराया बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है, लेकिन मध्यम वर्ग को राहत देने के लिए बुजुर्गों को मिलने वाली रियायत को दोबारा शुरू करने या जनरल कोच की संख्या बढ़ाने की घोषणा कर सकती है।

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किसानों को लाभ की उम्मीद-

बजट 2026 में कृषि क्षेत्र के लिए सकारात्मक उम्मीदें हैं। सुझावों के अनुसार, बीज, कृषि उपकरण और आवश्यक दवाइयों पर सब्सिडी या राहत देने से खेती की लागत कम हो सकती है और किसानों की आय स्थिर हो सकती है। इसके अलावा, किसान सम्मान निधि की राशि बढ़ने की संभावना है, जो वर्तमान में सालाना 6000 रुपये है, वह 8000 रुपये हो सकती है।

कृषि क्रेडिट टारगेट बढ़ाने की भी योजना है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में मांग और खपत बढ़ सकती है। इससे किसानों और कृषि-सहायक क्षेत्रों को वित्तीय सहारा मिलेगा। कृषि अनुसंधान और विकास पर अधिक बजट आवंटन की उम्मीद है, जिससे किसानों की उत्पादकता बढ़ सके।

घरेलू उत्पादन और निवेश को प्रोत्साहन-

सरकार "Make in India" को और मजबूत करने के लिए टीवी, मोबाइल और अन्य घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स के निर्माण पर प्रोत्साहन दे सकती है। इससे देश में निवेश बढ़ेगा, रोजगार के अवसर पैदा होंगे और घरेलू उत्पाद सस्ते होने से उपभोक्ताओं को कीमतों में राहत मिल सकती है।

होम लोन ब्याज पर टैक्स छूट-

वर्तमान में इनकम टैक्स एक्ट की धारा 24(b) के तहत होम लोन के ब्याज पर सालाना ₹2 लाख तक की कटौती मिलती है। वहीं पिछले कुछ सालों में घरों की कीमतों और बैंक की दरों में बढ़ोतरी देखी गई है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस सीमा को बढ़ाकर ₹5 लाख किया जाना चाहिए। अगर ऐसा होता है, तो मध्यम वर्ग की कर योग्य आय में बड़ी कमी आएगी और सीधे तौर पर उनकी बचत बढ़ेगी।

ये चीजें हो सकती हैं महंगी..

  • बजट 2026 से पहले पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ने की चर्चा है, जिससे ईंधन महंगा हो सकता है। इससे ट्रांसपोर्ट और डिलीवरी लागत बढ़ेगी, जिसका असर रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर दिख सकता है।
  • बिजली बिल भी 10% तक महंगा हो सकता है, क्योंकि कई राज्यों में ईंधन समायोजन अधिभार बढ़ाया गया है।
  • इसके अलावा, टैक्स और इम्पोर्ट ड्यूटी में बदलाव से प्रीमियम कारें, लग्ज़री घड़ियां, ज्वेलरी, हवाई टिकट और कुछ विदेशी इलेक्ट्रॉनिक सामान महंगे हो सकते हैं, जिससे लग्जरी चीजें आम लोगों की पहुंच से दूर हो सकती हैं।

Budget 2026 से आम जनता को कुछ मोर्चों पर राहत मिलने की संभावना जताई जा रही है। वहीं, दूसरी ओर महंगाई को लेकर चिंताएं भी बनी हुई हैं। ऐसे में यह बजट आम आदमी के लिए राहत भरा साबित होगा या महंगाई का नया सिर दर्द , इसका जवाब 1 फरवरी को बजट पेश होने के बाद ही साफ होगा।

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Published By : Sujeet Kumar

पब्लिश्ड 29 January 2026 at 21:35 IST