GST Council Meeting: जीएसटी पर मोदी सरकार का बड़ा फैसला, दो स्लैब हुई खत्म; अब रहेगी सिर्फ 5% और 18% स्लैब, 22 सितंबर से लागू
56th Meeting GST Council: 56वीं जीएसटी परिषद की बैठक के बाद हिमाचल प्रदेश के मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा, "सर्वसम्मति से, सभी ने जीएसटी दर को युक्तिसंगत बनाने के पक्ष में सहमति व्यक्त की है। अब तीन स्लैब होंगे। प्रभावी रूप से, यह 5% और 18% होगा। 12% और 28% को समाप्त कर दिया गया है। लक्जरी वस्तुओं पर 40% कर लगेगा।"
- बिजनेस न्यूज
- 3 min read

56th Meeting GST Council: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में आज GST Council की बैठक दिल्ली में हुई। यह बैठक GST Council की 56वीं बैठक है। इस बीच जीएसटी स्लैब को लेकर मोदी सरकार ने बड़ा फैसला किया है। मिली जानकारी के अनुसार, जीएसटी स्लैब से 12% और 28% को समाप्त कर दिया गया है। वहीं, अब इसमें केवल 5 फीसदी और 18 फीसदी के स्लैब रहेंगी। इसके अलावा लक्जरी और तंबाकू की चीजों पर 40 फीसदी जीएसटी लागू होंगे।
56वीं जीएसटी परिषद की बैठक के बाद हिमाचल प्रदेश के मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा, "सर्वसम्मति से, सभी ने जीएसटी दर को युक्तिसंगत बनाने के पक्ष में सहमति व्यक्त की है। अब तीन स्लैब होंगे। प्रभावी रूप से, यह 5% और 18% होगा। 12% और 28% को समाप्त कर दिया गया है। लक्जरी वस्तुओं पर 40% कर लगेगा।" नई दर 22 सितंबर से लागू होगी।
सभी पार्टियों से बात हुई और सभी की सहमती भी मिली - सम्राट चौधरी
वहीं, 56वीं GST काउंसिल की बैठक के बाद बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा, "हम 8 घंटे बैठे और सभी की बातें सुनी गईं।" उन्होंने न्यूज एजेंसी एएनआई से कहा कि सभी पार्टियों से बात हुई और सभी की सहमती भी मिली।
ये सुधार आम आदमी को ध्यान में रखकर किए गए हैं - वित्त मंत्री
वहीं, GST परिषद की 56वीं बैठक के बाद केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रेस वार्ता की। इस दौरान उन्होंने कहा,"हमने स्लैब कम कर दिए हैं। अब केवल 2 स्लैब होंगी और हम क्षतिपूर्ति उपकर के मुद्दों पर भी विचार कर रहे हैं।"
उन्होंने आगे कहा, "ये सुधार आम आदमी को ध्यान में रखकर किए गए हैं। आम आदमी के दैनिक उपयोग की वस्तुओं पर लगने वाले हर कर की कड़ी समीक्षा की गई है और ज्यादातर मामलों में दरों में भारी कमी आई है... श्रम प्रधान उद्योगों को अच्छा समर्थन दिया गया है। किसानों और कृषि क्षेत्र के साथ-साथ स्वास्थ्य क्षेत्र को भी लाभ होगा। अर्थव्यवस्था के प्रमुख चालकों को प्रमुखता दी जाएगी।"