ईरान-अमेरिका के बीच भीषण इन्फॉर्मेशन वॉरफेयर... डील का ड्राफ्ट मिलने के ईरानी मीडिया के दावों की अमेरिका ने उड़ाई धज्जियां; बताया झूठा, मनगढ़ंत
व्हाइट हाउस ने ईरानी मीडिया द्वारा प्रसारित अमेरिका-ईरान शांति समझौते की खबर को पूरी तरह फर्जी बताया है। रिपोर्ट में दावा किया गया था कि दोनों देशों के बीच मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग पर काम चल रहा है, जिसमें ईरान पर नौसैनिक ब्लॉकेड हटाने और अमेरिकी सैनिकों की वापसी शामिल थी।
ईरानी सरकारी मीडिया ने दावा किया था कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते पर बातचीत हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देश एक शुरुआती समझौते (MOU) पर काम कर रहे हैं, जिसमें अमेरिका ईरान पर लगाए गए नौसैनिक नाकेबंदी को हटाने और खाड़ी क्षेत्र से अपनी सेना वापस लेने का प्रस्ताव दे रहा है।
व्हाइट हाउस ने ईरानी सरकारी मीडिया की इस खबर को सिरे से खारिज कर दिया। व्हाइट हाउस ने कहा कि “ईरानी मीडिया की यह रिपोर्ट सच नहीं है। उन्होंने जो MOU जारी किया है, वह पूरी तरह से फर्जी है। किसी को भी ईरानी सरकारी मीडिया पर भरोसा नहीं करना चाहिए।”
क्या था ईरानी मीडिया का दावा?
ईरानी मीडिया के अनुसार अमेरिका स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से अपनी नौसैनिक नाकेबंदी हटा लेगा। ईरान व्यावसायिक जहाजों को सामान्य रूप से आने-जाने देगा। एक महीने के अंदर यातायात पहले जैसा हो जाएगा। युद्धपोतों पर यह समझौता लागू नहीं होगा, और ओमान के साथ मिलकर ईरान नौवहन की निगरानी करेगा।
हालांकि, ईरानी मीडिया ने खुद कहा था कि यह समझौता अभी प्रारंभिक और अनौपचारिक है।
व्हाइट हाउस का जवाब
व्हाइट हाउस ने साफ कहा कि ऐसा कोई समझौता या बातचीत नहीं हो रही है। उन्होंने इसे सूचना युद्ध का हिस्सा बताया। यह घटना उस समय हुई है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पूरे मध्य पूर्व में व्यापक शांति समझौते की कोशिश कर रहे हैं।
होर्मुज स्ट्रेट का वैश्विक महत्व
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया की कुल 20 प्रतिशत ईंधन आपूर्ति का रास्ता है। इसके बंद रहने से कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया था और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हुई थी। इस जलमार्ग के खुलने से न केवल तेल की कीमतें स्थिर होंगी, बल्कि भारत जैसे बड़े आयातक देशों को भी बड़ी राहत मिलेगी।
Published By : Sagar Singh
पब्लिश्ड 27 May 2026 at 23:20 IST