'अमेरिका खुश तो दुनिया खुश...', Davos में Donald Trump ने यूरोप को सुनाई खरी-खोटी, ग्रीनलैंड पर फिर ठोकी दावेदारी

WEF Davos 2026 में डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड पर अमेरिकी कंट्रोल की मांग दोहराई और डेनमार्क को एहसान फरामोश बताया। उन्होंने अमेरिका को वैश्विक अर्थव्यवस्था का इंजन कहा, चीन की ग्रीन एनर्जी नीति पर सवाल उठाए और यूरोप की दिशा को गलत बताया।

Donald Trump | Image: ANI

WEF Davos 2026: स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) 2026 के मंच से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ग्रीनलैंड पर अमेरिका के दावे की मांग दोहराई। इस दौरान ट्रंप ने कहा कि ग्रीनलैंड की सुरक्षा अमेरिका के अलावा कोई देश या समूह नहीं कर सकता और इसके लिए तत्काल बातचीत शुरू होनी चाहिए। 

‘अमेरिका खुश, तो दुनिया खुश..’

अपने भाषण में ट्रंप ने अमेरिका को दुनिया की अर्थव्यवस्था का इंजन बताया। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, “USA इस ग्रह का इकोनॉमिक इंजन है। जब अमेरिका में तेजी आती है, तो पूरी दुनिया में तेजी आती है। यह इतिहास रहा है। जब हालात खराब होते हैं, तो आप सब भी हमारे साथ नीचे चले जाते हैं।” ट्रंप ने दावा किया कि उनकी नीतियों के चलते अमेरिका में अभूतपूर्व आर्थिक बूम आया है और देश पहले से ज्यादा मजबूत स्थिति में है।

ट्रंप ने ग्रीन टेक्नोलॉजी को लेकर चीन पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि चीन ग्रीन एनर्जी के नाम पर दुनिया को भ्रमित कर रहा है और वहां विंड फार्म सिर्फ दिखावे के लिए लगाए जाते हैं। ट्रंप के मुताबिक यह सिर्फ दूसरे देशों को प्रभावित करने का तरीका है, जबकि असल में चीन खुद इस दिशा में गंभीर नहीं है।

डेनमार्क को बताया एहसान फरामोश

ट्रंप ने अपने भाषण में डेनमार्क पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान डेनमार्क सिर्फ छह घंटे में जर्मनी के सामने हार गया था और वह न तो खुद की और न ही ग्रीनलैंड की रक्षा कर सका था। ट्रंप के मुताबिक, उस समय अमेरिका ने डेनमार्क और ग्रीनलैंड दोनों की रक्षा की, लेकिन बाद में ग्रीनलैंड डेनमार्क को लौटा दिया गया। अब डेनमार्क अमेरिका के योगदान को नजरअंदाज कर रहा है, जो गलत है।

यूरोप सही दिशा में नहीं.. : ट्रंप

ट्रंप ने यूरोप की मौजूदा स्थिति पर भी चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि उन्हें यूरोप पसंद है और वे चाहते हैं कि यूरोपीय देश तरक्की करें, लेकिन फिलहाल यूरोप सही दिशा में नहीं जा रहा। ट्रंप के अनुसार, बड़े पैमाने पर माइग्रेशन ने यूरोप की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को नुकसान पहुंचाया है।

WEF 2026 की यह बैठक 19 जनवरी से 23 जनवरी तक चल रही है, जिसमें 130 देशों के करीब 3,000 हाई-लेवल प्रतिभागी शामिल हैं। इसमें ग्लोबल लीडर्स, बड़ी कंपनियों के CEO, नीति-निर्माता और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद हैं। ट्रंप इस दौरान कई वैश्विक नेताओं से द्विपक्षीय मुलाकातें भी करेंगे।

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Published By : Sagar Singh

पब्लिश्ड 21 January 2026 at 20:21 IST