अपडेटेड 11 January 2026 at 11:45 IST

अमेरिका ने किया 'मिस्ट्री वेपन' का इस्तेमाल, वेनेजुएला सैनिकों को आई खून की उल्टियां और नाक से बहने लगा खून, 100 पर भारी पड़े 20 सैनिक

3 जनवरी 2026 को अमेरिका ने वेनेजुएला पर बड़ा सैन्य अभियान चलाया। राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और पत्नी सिलिया फ्लोर्स को गिरफ्तार किया गया। चश्मदीद के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने रहस्यमय हथियार इस्तेमाल किया, जिससे वेनेजुएला सैनिकों को तेज आवाज, नाक-कान से खून आया और उल्टियां हुईं। मात्र 30 मिनट में 100 से अधिक सैनिक मारे गए।

अमेरिका ने किया 'मिस्ट्री वेपन' का इस्तेमाल? | Image: X

वेनेजुएला के इतिहास में 3 जनवरी, 2026 की रात कभी भूली नहीं जाएगी। अमेरिकी सेना एक सैन्य अभियान चलाकर वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोर्स को गिरफ्तार कर अपने देश ले गई। दावा है कि इस ऑपरेशन में अमेरिकी बलों ने बेहद अत्याधुनिक हथियारों का इस्तेमाल किया। जिसके कारण वेनेजुएला सैनिकों की नाक से खून बहने लगा और मुंह से खून की उल्टी आने लगी।

निकोलस मादुरो की सुरक्षा में लगभग 100 जवान तैनात थे, लेकिन वो अपने राष्ट्रपति को नहीं बचा पाए और चंद अमेरिकी सैनिक मादुरो और उनकी पत्नी को उठाकर अमेरिका ले गए। वेनेजुएला के सुरक्षा गार्ड ने दावा किया है कि अमेरिकी बलों ने एक रहस्यमयी और अत्यंत शक्तिशाली ध्वनि तरंग आधारित हथियार का उपयोग किया, जिसके कारण सैनिकों की नाक से खून बहने लगा, मुंह से खून उल्टी आई और जमीन पर गिरकर हिलने-डुलने में भी असमर्थ हो गए।

'मिस्ट्री वेपन' का दावा

मादुरो की सुरक्षा में तैनात एक सुरक्षाकर्मी के हवाले से न्यूयॉर्क पोस्ट ने इस सैन्य ऑपरेशन के बारे में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। मादुरो की सुरक्षा टीम में शामिल एक चश्मदीद ने इस ऑपरेशन के दौरान अमेरिकी सेना द्वारा इस्तेमाल किए गए एक मिस्ट्री वेपन का दावा किया है।

हर मिनट 300 राउंड फायर

गार्ड ने बताया कि ऑपरेशन शुरू होने से पहले सब कुछ सामान्य था, लेकिन अचानक रडार सिस्टम ने काम करना बंद कर दिया। इसके बाद ड्रोन और लगभग आठ हेलीकॉप्टरों से करीब 20 अमेरिकी सैनिक उतरे। ये सैनिक बेहद सटीक और तेजी से फायरिंग कर रहे थे। गार्ड के अनुसार, हर सैनिक प्रति मिनट करीब 300 राउंड तक फायर कर रहा था।

'सिर फट रहा था, नाक से खून बहने लगा'

अमेरिकी सैनिक बहुत तेज और सटीक फायरिंग कर रहे थे। मादुरो की सुरक्षा में तैनता जब तक कुछ समझ पाते, तब तक कई सैनिक मारे जा चुके थे। फिर अमेरिकी सेना ने कुछ लॉन्च किया, जिससे बहुत तेज और भयानक आवाज हुई। गार्ड ने कहा, "अचानक ऐसा लगा जैसे बहुत तेज ध्वनि तरंग आई हो। मुझे लगा कि मेरा सिर अंदर से फट रहा है। हम सभी के नाक से खून बहने लगा। कुछ सैनिकों ने खून उल्टी की। हम जमीन पर गिर पड़े और हिल भी नहीं पा रहे थे। हम सैकड़ों की संख्या में थे, लेकिन हमारे पास कोई मौका नहीं था। उन 20 आदमियों ने बिना एक भी हताहत के सैकड़ों को मार गिराया।"

'ऐसी तकनीक कभी नहीं देखी'

अमेरिकी सैनिकों द्वारा इस्तेमाल किया गया ये हथियार सोनिक या डायरेक्टेड एनर्जी वेपन माना जा रहा है, जो तेज ध्वनि तरंगों से सिर में दर्द, नाक से खून और शरीर को लकवा मारने जैसी स्थिति पैदा कर सकता है। जिसका इस्तेमाल दुश्मन सैनिकों को शारीरिक रूप से प्रभावित करने और उन्हें तुरंत निष्क्रिय करने के लिए किया जाता है। गार्ड ने कहा कि उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी में ऐसी तकनीक कभी नहीं देखी थी। उन्होंने चेतावनी दी कि जो कोई भी अमेरिका से लड़ने की सोचता है, उसे पता होना चाहिए कि वे कितने खतरनाक हैं।

इस ऑपरेशन में वेनेजुएला की सुरक्षा में तैनात लगभग 100 सैनिकों की मौत हो गई, जबकि अमेरिकी पक्ष से किसी भी सैनिक की जान जाने की कोई रिपोर्ट नहीं आई। पूरा अभियान महज 30 मिनट से थोड़े ज्यादा समय में पूरा हो गया।

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Published By : Sagar Singh

पब्लिश्ड 11 January 2026 at 11:45 IST