युद्ध की चिंगारी भड़कने के बाद फिर अच्छी खबर, अमेरिका-ईरान के बीच डील फाइनल मोड़ पर, सिर्फ ट्रंप की मुहर का इंतजार- अमेरिकी मीडिया का दावा
युद्ध की चिंगारी के बाद राहत की खबर आई है। अमेरिका और ईरान के बीच MoU पर सहमति बन गई है। सीजफायर 60 दिन बढ़ाने, होर्मुज खाड़ी खोलने, ईरान के माइन्स हटाने और परमाणु हथियार न बनाने पर सहमति हुई। फिलहाल सिर्फ राष्ट्रपति ट्रंप की अंतिम मंजूरी का इंतजार है।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
- 2 min read
इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच चले 40 दिनों के भीषण युद्ध के बाद अब डिप्लोमेसी की राह पर सकारात्मक बात हो रही है। व्हाइट हाउस ने पुष्टि की है कि दोनों पक्षों के बीच एक मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) पर बातचीत पूरी हो चुकी है। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अंतिम मंजूरी अभी बाकी है।
अमेरिकी मीडिया का दावा है कि MoU के अनुसार मौजूदा सीजफायर को 60 दिनों के लिए बढ़ाया जाएगा। होर्मुज की खाड़ी में जहाजों की आवाजाही पूरी तरह बिना किसी बाधा और टोल के खोल दी जाएगी। 30 दिनों के अंदर ईरान खाड़ी में लगाए गए अपने नेवल माइन्स को हटा लेगा।
इस बदले में अमेरिका ईरानी बंदरगाहों पर लगाए गए नौसैनिक ब्लॉकेड को धीरे-धीरे हटाएगा। ईरान औपचारिक रूप से परमाणु हथियार न बनाने, न विकसित करने और न खरीदने की प्रतिबद्धता देगा। अगले 60 दिनों में परमाणु कार्यक्रम पर गंभीर बातचीत शुरू होगी, जिसमें ईरान के संवर्धित यूरेनियम स्टॉक के निपटान और भविष्य में संवर्धन की सीमाओं पर चर्चा होगी।
लेबनान में भी लागू रहेगा सीजफायर
इस दौरान अमेरिका कुछ प्रतिबंधों में अस्थायी छूट देगा, जिससे ईरान बिना रोक-टोक तेल निर्यात कर सके। लेबनान में भी सीजफायर लागू रहेगा, हालांकि इजरायल हिजबुल्लाह से तत्काल खतरे का जवाब देने के लिए स्वतंत्र रहेगा।
अभी क्या स्थिति है?
अमेरिकी मीडिया और व्हाइट हाउस के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, ट्रंप इस MoU पर दो-तीन दिन विचार करना चाहते हैं। वहीं ईरान की तरफ से भी अभी अंतिम सार्वजनिक मंजूरी नहीं आई है। ईरानी सूत्रों का कहना है कि समझौते का मसौदा अभी अंतिम रूप ले रहा है। इजरायली ने सतर्कता बरती हुई है। उन्होंने कहा है कि ईरानी सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई की तरफ से अभी कोई स्पष्ट हरी झंडी नहीं मिली है।
यह पूरा घटनाक्रम फरवरी 2026 में शुरू हुए युद्ध के बाद हो रहा है, जिसमें होर्मुज की खाड़ी में ईरान ने शिपिंग को बाधित कर दिया था और अमेरिका-इजरायल ने ईरान के परमाणु ठिकानों को निशाना बनाया था। अब दोनों पक्ष युद्ध रोककर बातचीत की टेबल पर लौटने को तैयार दिख रहे हैं।
Published By : Sagar Singh
पब्लिश्ड 29 May 2026 at 16:57 IST