'होर्मुज से 19 मिलियन बैरल तेल निकला, ईरान हाई लेवल न्यूक्लियर इंस्पेक्शन के लिए तैयार', ट्रंप का बड़ा दावा; तो दुनिया की टेंशन हो गई खत्म?

डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि सोमवार को होर्मुज स्ट्रेट से रिकॉर्ड 19 मिलियन बैरल तेल निकला। ईरान ने उच्चतम स्तर के न्यूक्लियर इंस्पेक्शन को मंजूरी दे दी है और स्ट्रेट को हमेशा खुला रखने का वादा किया। ईरान-अमेरिका इस समझौते से तेल की कीमतें घटी हैं और मध्य पूर्व में तनाव कम हुआ है।

डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा दावा | Image: AP

दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्ते स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Hormuz Strait) पर पिछले कुछ महीनों से काफी तनाव था। ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच संघर्ष के कारण तेल का परिवहन रुक गया था, जिससे पूरी दुनिया में तेल की कीमतें आसमान छू रही थीं। लेकिन अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अच्छी खबर दी है।

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि सोमवार को होर्मुज स्ट्रेट से 19 मिलियन बैरल तेल निकला, जो अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है। उन्होंने Truth Social पर लिखा, “तेल की कीमतें गिर रही हैं और दुनिया अब कहीं ज्यादा सुरक्षित जगह है।”

ट्रंप ने व्हाइट हाउस प्रेस ब्रिफिंग में यह भी कहा कि होर्मुज स्ट्रेट अब पूरी तरह खुला है और कोई ब्लॉकेड नहीं है। उन्होंने दो मुख्य उपलब्धियों पर जोर दिया, वैश्विक ऊर्जा सप्लाई का निर्बाध प्रवाह सुनिश्चित करना और ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना।

क्या हुआ समझौता?

ट्रंप के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच पिछले हफ्ते एक समझौता हुआ है। इसके तहत ईरान ने उच्चतम स्तर के न्यूक्लियर इंस्पेक्शन को लंबे समय तक मंजूरी दे दी है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि ईरान परमाणु बम नहीं बना सकेगा।

होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह खुला रखा जाएगा। कोई नया नौसैनिक ब्लॉकेड नहीं होगा। अमेरिका ने ईरान पर कुछ प्रतिबंध हटा दिए हैं, जिससे तेल निर्यात शुरू हो गया। ट्रंप ने कहा, “हमारे पास दो बड़ी चीजें हैं- खुला स्ट्रेट और एक ऐसा देश जो कभी न्यूक्लियर हथियार नहीं बना सकेगा।”

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी स्विट्जरलैंड में हुई बातचीत के बाद कहा कि ईरान यूएन परमाणु निरीक्षकों को वापस आने देगा। अमेरिका ने ईरानी तेल पर आर्थिक प्रतिबंध अस्थायी रूप से हटा दिए हैं।

ईरान का क्या कहना है?

ईरान के विदेश मंत्रालय ने कुछ बातों पर विरोध जताया है। उन्होंने कहा कि क्षतिग्रस्त न्यूक्लियर साइट्स पर IAEA (अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी) के इंस्पेक्शन की कोई चर्चा नहीं हुई। मतलब दोनों तरफ अभी भी कुछ मतभेद बाकी हैं, लेकिन बातचीत जारी है। ईरान के UN प्रतिनिधि ने भी वॉशिंगटन के बयानों को खारिज किया।

क्या दुनिया की टेंशन खत्म हो गई?

होर्मुज स्ट्रेट से दुनिया का करीब 20% तेल गुजरता है। अगर ये बंद हो जाए तो तेल की कीमतें बहुत बढ़ जाती हैं। इस समझौते से तेल की कीमतें घटी हैं, जिसका फायदा भारत समेत कई देशों को मिलेगा। हालांकि, अभी दोनों तरफ से विरोधाभासी बयान आ रहे हैं और क्षेत्रीय तनाव बरकरार है।

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Published By : Sagar Singh

पब्लिश्ड 23 June 2026 at 22:58 IST