टैरिफ वॉर के बीच SCO के मंच पर मिलेंगे PM मोदी, पुतिन और जिनपिंग... दुनिया की रहेगी नजर, डोनाल्ड ट्रंप की बढ़ेगी टेंशन
चीन में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) का अब तक का सबसे बड़ा शिखर सम्मेलन आयोजित होने वाला है। इस समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग समेत दुनियाभर के 20 पावरफुल नेता भाग लेंगे।
चीन में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) का अब तक का सबसे बड़ा शिखर सम्मेलन आयोजित होने वाला है। इस समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग समेत दुनियाभर के 20 पावरफुल नेता भाग लेंगे।
आपको बता दें कि यह समिट 31 अगस्त से 1 सितंबर तक आयोजित होगा। सबसे बड़ी बात ये होगी कि इस समिट में भारत-रूस और चीन एक बार फिर एक मंच पर आएंगे, जिसपर दुनियाभर के देशों, खासकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की खास नजर होगी।
चीन के सहायक विदेश मंत्री ने क्या कहा?
चीन के सहायक विदेश मंत्री लियू बिन के अनुसार, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य नेता तियानजिन शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। 31 अगस्त और 1 सितंबर को होने वाले इस शिखर सम्मेलन में संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस और नौ अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुख भी शामिल होंगे।
मंत्री के अनुसार, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग एससीओ शिखर सम्मेलन में संगठन के समर्थन के लिए बीजिंग द्वारा उठाए जाने वाले नए कदमों की घोषणा करेंगे। एक रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने यह भी कहा कि नेता तियानजिन घोषणापत्र पर हस्ताक्षर करके उसे जारी करेंगे।
कौन-कौन भाग ले रहे हैं?
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी - भारत
- राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन - रूस
- राष्ट्रपति शी जिनपिंग - चीन
- राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन - ईरान
- उप प्रधानमंत्री इशाक डार - पाकिस्तान
- राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप एर्दोआन - तुर्की
- प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम - मलेशिया
- महासचिव एंटोनियो गुटेरेस - संयुक्त राष्ट्र
भारत में चीनी राजदूत जू फेइहोंग ने गुरुवार को कहा कि इस महीने के अंत में होने वाले शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चीन यात्रा इस शिखर सम्मेलन और दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों के लिए "बहुत महत्वपूर्ण" होगी। उन्होंने कहा कि चीन पीएम मोदी की इस यात्रा को "काफी महत्व" देता है।
फिएहोंग ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, "प्रधानमंत्री मोदी की चीन यात्रा न केवल एससीओ के लिए, बल्कि दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों के लिए भी एक बेहद महत्वपूर्ण घटना होगी। चीन और भारत का एक कार्य समूह इस यात्रा को सफल बनाने की तैयारी कर रहा है। हम इस यात्रा को काफी महत्व देते हैं।"
Published By : Kunal Verma
पब्लिश्ड 22 August 2025 at 23:36 IST