होर्मुज पर लगा 'ट्रंप स्ट्रेट' का ठप्पा... ईरान के 7 दिन वाले सीजफायर ऑफर को अमेरिका ने ठुकराया, कहा- दोबारा शुरू करेंगे बमबारी
दोनों देशों के बीच समझौते के आसार को तब झटका लगा, जब ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के 7 दिन वाले प्रस्ताव को अमेरिका ने ठुकरा दिया। अराघची ने कहा था कि अगर अमेरिका हमारी कुछ शर्तें पूरी करता है तो 7 दिनों के अंदर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोल दिया जाएगा। उसके बाद ईरान और अमेरिका के बीच अंतिम समझौते पर बातचीत शुरू हो।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के संयुक्त राज्य अमेरिका के दौरे को हरी झंडी मिला तो दुनिया को लगा कि शायद युद्ध पर स्थायी विराम लग जाएगा। लेकिन एक बार फिर दुनिया की उम्मीदों को झटका लगा है। ईरान के 7 दिन वाले प्रपोजल को अमेरिका ने ठुकरा दिया है। साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया ट्रुथ पर एक पोस्ट किया है। जिसमें एक बार फिर होर्मुज स्ट्रेट का मैप लगा है और ईरान को मैसेज दिया गया है।
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता जा रहा है। न्यूयॉर्क में 81वीं संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) सत्र शुरू होने के पहले उम्मीद जगी थी कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत होगी तो दोनों समझौते के लिए तैयार हो जाएंगे। ये उम्मीद और प्रबल हुई जब विदेश मंत्री अब्बास अराघची के नेतृत्व में एक ईरानी दल न्यूयॉर्क पहुंचा। बता दें कि फरवरी 2026 में अमेरिका इजरायल के ईरान पर हमले के बाद किसी ईरानी उच्च अधिकारी या मंत्री का पहला अमेरिका दौरा था।
ईरानी विदेश मंत्री अराघची ने क्या दिया था प्रस्ताव?
दोनों देशों के बीच समझौते के आसार को तब झटका लगा, जब ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के 7 दिन वाले प्रस्ताव को अमेरिका ने ठुकरा दिया। अराघची ने कहा था कि अगर अमेरिका हमारी कुछ शर्तें पूरी करता है तो 7 दिनों के अंदर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोल दिया जाएगा। उसके बाद ईरान और अमेरिका के बीच अंतिम समझौते पर बातचीत शुरू हो जाए। उन्होंने कहा कि 7 दिनों की गिनती अमेरिका के प्रस्ताव स्वीकार करने वाले दिन से शुरू होगी। अमेरिका को जो जरूरी कदम उठाने हैं वे 4-5 दिनों में पूरा कर सकता है। उसके बाद छठे दिन होर्मुज को खुल सकता है। इसके बाद सातवें दिन बातचीत शुरू हो सकती है।
अब फैसला अमेरिका के हाथ में है कि वो क्या करना चाहता है। अराघची के प्रस्तावों में अमेरिका के ईरानी पोर्ट्स पर सैन्य नाकेबंदी हटानी थी। ईरान के तेल एक्सपोर्ट पर लगे बैन हटाने और लेबनान में सीजफायर का सम्मान करना था। इसके अलावा इन प्रस्तावों में परमाणु मुद्दे पर भी बातचीत शुरू करना भी शामिल था।
डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर क्या पोस्ट किया?
ईरानी विदेश मंत्री अराघची के 7 दिनों वाले प्रस्ताव को अमेरिका ने बिल्कुल गंभीरता से नहीं लिया और उसे ठुकरा दिया। अमेरिकी मीडिया के मुताबिक, ट्रंप ने कहा कि ईरान कभी न्यूक्लियर बम नहीं बना पाएगा। उन्होंने शक जताया कि तेहरान कभी उनकी शर्तें मानेगा। ट्रंप ने एक बार फिर चेतावनी दी है कि अमेरिका दोबारा बमबारी कैंपेन शुरू कर सकता है।
प्रस्ताव ठुकराने के बाद अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया ट्रुथ पर एक पोस्ट शेयर किया है। उसमें स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को ‘ट्रंप स्ट्रेट’ के रूप में दिखाया गया है। बता दें कि इससे पहले भी दो बार होर्मुज को अमेरिका का हिस्सा बताने वाला पोस्ट डोनाल्ड ट्रंप कर चुके हैं। उन्होंने लिखा था कि ये एक अच्छा आइडिया है। मतलब जरूरत पड़ने पर अमेरिका होर्मुज पर कब्जा कर सकता है। बता दें कि अभी ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिका ने नाकेबंदी कर रखी है। ईरान बार-बार कह रहा है कि अमेरिका को ये नाकेबंदी हटानी पड़ेगी।
Published By : Sujeet Kumar
पब्लिश्ड 26 September 2026 at 19:18 IST