अपडेटेड 23 March 2026 at 23:56 IST
Iran Israel War: 5 दिन के युद्ध विराम पर छिड़ी बहस... तो ईरान के 48 घंटे वाले अल्टीमेटम से ठीक पहले ट्रंप ने क्यों लिया ऐसा फैसला?
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर 48 घंटे में हॉर्मुज शुरू नहीं किया गया तो वह पावर प्लांट्स पर हमला कर देंगे। उनकी धमकी के 48 घंटे बीतने के बावजूद हॉर्मुज नहीं खुला। अब उन्होंने ईरान के पावर प्लांट्स को निशाना नहीं बनाने का ऐलान कर दुनियाभर को हैरान कर दिया।
Iran Israel War: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अक्सर अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहते हैं। लेकिन ईरान से जंग के बीच उनकी बातें हर किसी को चौंका रही हैं। ईरान को मिटा देने की धमकी देने वाले ट्रंप के बीते कुछ घंटों में सुर गजब ही बदले हैं।
डोनाल्ड ट्रंप ने पहले दावा किया कि अमेरिका अपने सभी लक्ष्य हासिल कर चुका है और युद्ध लगभग खत्म होने वाला है। उनके इस बयान से आशंका जताई गई कि इतने दिनों से जारी तनाव शायद अब कम हो जाएगा, लेकिन 24 घंटे बीतने से पहले ही उन्होंने ईरान को सीधे तौर पर तबाह करने की धमकी दे डाली।
डोनाल्ड ट्रंप के बदल गए सुर
ट्रंप ने कहा कि वह ईरान के पावर प्लांट्स पर हमला कर देंगे। लेकिन ईरान ने ड्रोन, मिसाइल और होर्मुज के दम पर अमेरिका को घुटनों पर आने को मजबूर कर दिया। दअरसल, ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी थी कि अगर 48 घंटे में हॉर्मुज शुरू नहीं किया गया तो वह पावर प्लांट्स पर हमला कर देंगे। उनकी धमकी के 48 घंटे बीतने के बावजूद हॉर्मुज नहीं खुला। ऐसे में ट्रंप की धमकी धरी की धरी रह गई।
पांच दिन में हो सकती है डील- ट्रंप
इस बीच, ट्रंप ने एक और दावा कर दिया कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत चल रही है। ईरान समझौते के लिए बेकरार है। ऐसे में अब उसके पावर प्लांट्स को निशाना नहीं बनाया जाएगा।
ट्रंप ने कहा कि उन्होंने अमेरिकी डिफेंस वॉर को ईरानी पावर प्लांट्स और एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्टर पर फिलहाल पांच दिनों तक कोई हमने नहीं करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने दावा किया कि दोनों देशों के बीच मिडिल ईस्ट में जारी तनाव को खत्म करने की दिशा में बातचीत चल रही है। अगर ईरान अपनी बात पर अडिग रहता है तो टकराव खत्म हो सकता है। उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान किसी भी कीमत पर डील करने के लिए इच्छुक है। लेकिन, ईरान ने ट्रंप के इस दावे को पूरी तरह से खारिज कर दिया।
ट्रंप में क्यों आया इतना बदलाव?
ऐसे में अब सवाल उठ रहा है कि आखिर जंग को बढ़ाने की बात करने वाले ट्रंप के सुर कैसे बदल गए? आईए जानते हैं इसके पीछे के कुछ पहलु।
पहली वजह मानी जा रही है कि ट्रंप को इसका अंदाजा नहीं था कि ईरान संग युद्ध इतना लंबा खिंच जाएगा। इसके अलावा ट्रंप अमेरिका के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी अकेले पड़ गए हैं। सीनेट ने उनकी अतिरिक्त फंड की मांग को भी ठुकरा दिया है।
अमेरिका में एक धड़ा इस बात को साबित करने में सफल रहा है कि ईरान और इजरायल के युद्ध में अमेरिका जबरन कूदा है। दूसरी ओर ईरान भी अड़ा है जिसकी वजह से दुनिया उर्जा संकट से जूझ रही है। ऐसे में इसका जिम्मेदार ट्रंप को ही ठहराया जा रहा है। ऐसे में ट्रंप के ईरान संग डील वाले दावे में कितनी सच्चाई है ये तो आने वाले समय में पता चलेगा।
Published By : Priyanka Yadav
पब्लिश्ड 23 March 2026 at 23:47 IST