अपडेटेड 18 January 2026 at 08:56 IST
'कोई धमकी नहीं चलेगी...', डोनाल्ड ट्रंप ने 8 देशों पर थोपा टैरिफ, तो इमैनुएल मैक्रों ने कहा- इसे डरने वाले नहीं...
Trump Tariff: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड विवाद को लेकर 8 यूरोपीय देशों पर टैरिफ लगाने का ऐलान किया, जिस पर फ्रांस और ब्रिटेन की तीखी प्रतिक्रिया आई। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने साफ शब्दों में कहा है कि कोई भी धमकी या दबाव हमें प्रभावित नहीं करेगा- न तो यूक्रेन में, न ग्रीनलैंड में, और न ही दुनिया में कहीं और।
French President Emmanuel Macron on Donald Trump tariff: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड को अमेरिका में शामिल करने की कोशिशों के बीच फिर कई देशों पर टैरिफ बम फोड़ा है। उन्होंने ग्रीनलैंड विवाद में समर्थन नहीं करने पर 8 यूरोपीय देशों पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगाने का ऐलान किया। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने ट्रंप की धमकियों के आगे झुकने से इनकार कर दिया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि कोई धमकी या दबाव हमें प्रभावित नहीं कर सकता।
ट्रंप ने ग्रीनलैंड मसले पर उनका विरोध करने वाले 8 यूरोपीय देशों पर 10 प्रतिशत टैरिफ थोपा है। इसमें डेनमार्क, नॉर्वे, स्वीडन, फ्रांस, जर्मनी, यूनाइटेड किंगडम (ब्रिटेन), नीदरलैंड्स, फिनलैंड शामिल हैं। यही नहीं उन्होंने जून तक ग्रीनलैंड की पूर्ण खरीद के लिए कोई समझौता न होने पर टैरिफ बढ़ाकर 25% करने की भी बात कही।
कोई भी धमकी या दबाव हमें प्रभावित नहीं करेगा- मैक्रों
अमेरिकी राष्ट्रपति की इन धमकियों पर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों का जवाब आया। उन्होंने एक्स X पर एक पोस्ट कर कहा, "फ्रांस यूरोप और दुनिया के दूसरे हिस्सों में देशों की संप्रभुता और स्वतंत्रता के लिए प्रतिबद्ध है। यही हमारे फैसलों को गाइड करता है। यह संयुक्त राष्ट्र और उसके चार्टर के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का आधार है। इसी आधार पर हम यूक्रेन का समर्थन करते हैं और करते रहेंगे और हमने इन सिद्धांतों और अपनी सुरक्षा की रक्षा के लिए एक मजबूत और स्थायी शांति के लिए इच्छुक देशों का गठबंधन बनाया है।"
उन्होंने आगे कहा, "इसी आधार पर हमने ग्रीनलैंड में डेनमार्क द्वारा आयोजित अभ्यास में भाग लेने का फैसला किया। हम इस फैसले की पूरी जिम्मेदारी लेते हैं, क्योंकि आर्कटिक और हमारे यूरोप के बाहरी किनारों पर सुरक्षा दांव पर लगी है। जब हमें ऐसी स्थितियों का सामना करना पड़ता है, तो कोई भी धमकी या दबाव हमें प्रभावित नहीं करेगा- न तो यूक्रेन में, न ग्रीनलैंड में, और न ही दुनिया में कहीं और।"
मैक्रों ने साफ शब्दों में कहा कि टैरिफ की धमकियां अस्वीकार्य हैं और इस संदर्भ में उनकी कोई जगह नहीं है। अगर इनकी पुष्टि होती है, तो यूरोपीय देश एकजुट और समन्वित तरीके से जवाब देंगे। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि यूरोपीय संप्रभुता बनी रहे। इसी भावना के साथ मैं अपने यूरोपीय साझेदारों के साथ बातचीत करूंगा।
टैरिफ लगाना पूरी तरह से गलत- ब्रिटेन के PM
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीएर स्टारमर ने भी ट्रंप के फैसले की आलोचना की। उन्होंने कहा, "ग्रीनलैंड पर हमारा रुख एकदम साफ है- यह डेनमार्क किंगडम का हिस्सा है और इसका भविष्य ग्रीनलैंड के लोगों और डेनिश लोगों का मामला है। हमने यह भी साफ कर दिया है कि आर्कटिक सुरक्षा पूरे NATO के लिए मायने रखती है और सभी सहयोगियों को आर्कटिक के अलग-अलग हिस्सों में रूस से होने वाले खतरे से निपटने के लिए मिलकर और ज्यादा काम करना चाहिए।"
स्टारमर ने आगे कहा कि NATO सहयोगियों की सामूहिक सुरक्षा के लिए सहयोगियों पर टैरिफ लगाना पूरी तरह से गलत है। हम निश्चित रूप से इस मामले को सीधे अमेरिकी प्रशासन के साथ उठाएंगे।
ट्रंप ने किया टैरिफ का ऐलान
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार, 17 जनवरी को एक पोस्ट में कहा कि दुनिया की शांति दांव पर है! चीन और रूस ग्रीनलैंड चाहते हैं और डेनमार्क इसके बारे में कुछ नहीं कर सकता। उन्होंने ऐलान किया कि 1 फरवरी, 2026 से डेनमार्क, नॉर्वे, स्वीडन, फ्रांस, जर्मनी, यूनाइटेड किंगडम, नीदरलैंड्स और फिनलैंड से अमेरिका भेजे जाने वाले किसी भी सामान पर 10% टैरिफ लिया जाएगा। 1 जून 2026 को टैरिफ बढ़ाकर 25% कर दिया जाएगा। यह टैरिफ तब तक देना होगा जब तक ग्रीनलैंड की पूरी खरीद के लिए कोई डील नहीं हो जाती।
Published By : Ruchi Mehra
पब्लिश्ड 18 January 2026 at 08:56 IST