बहुत डर गए थे Donald Trump, इजरायली टीवी पर बताई ईरान से एयरमैन के रेस्क्यू की कहानी, ऑपरेशन में इजरायल ने की थी मदद

Donald Trump ने इजरायली टीवी को बताया कि अमेरिका डर गया था, जब ईरान ने F-15 विमान गिराया। लापता एयरमैन का “God is good” रेडियो संदेश फर्जी लग रहा था, आशंका थी कि ईरान ने उसे पकड़कर ट्रैप लगाया है।

Donald Trump | Image: AP

4 अप्रैल 2026 को ईरान ने अमेरिकी F-15 फाइटर जेट मार गिराया था, उसमें बैठे एयरमैन (हथियार सिस्टम ऑपरेटर) अमेरिकी सेना ने सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया है। इस ईरान की धरती पर इस घातक ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए बेहद सटीक प्लानिंग की थी। लेकिन इस पूरे ऑपरेशन के दौरान अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बेहद डरे हुए थे।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि जब ईरान के ऊपर एक अमेरिकी फाइटर जेट गिराया गया, तो उन्हें डर था कि उसमें बैठे एयरमैन को ईरानी सेना ने पकड़ लिया है। ईरान उसे मजबूर करके अमेरिकी रेस्क्यू टीम को जाल में फंसाने की कोशिश कर रहा था। ट्रंप ने यह बयान रविवार को दिया, ठीक उसी समय जब लापता सैनिक को बचा लिया गया।

यह घटना 4 अप्रैल 2026 को हुई। ईरान ने अमेरिकी F-15 विमान को कंधे से दागे जाने वाले मिसाइल से गिरा दिया। ट्रंप ने कहा कि ईरान को लकी शॉट मिल गया। इस विमान में दो क्रू सदस्य थे। पहले पायलट को जल्दी बचा लिया गया, लेकिन दूसरे एयरमैन को ढूंढने में समय लगा। एयरमैन जब विमान से बाहर निकला, तो उसने रेडियो पर छोटा सा मैसेज भेजा- 

"God is good"।

ट्रंप को था ट्रैप का डर

ट्रंप ने इजरायली टीवी को दिए इंटरव्यू में बताया कि "एयरमैन ने विमान से eject होने के बाद रेडियो पर एक छोटा और असामान्य संदेश दिया। हमने आशंका जताई कि शायद ईरानियों ने उसे पकड़ लिया है, क्योंकि यह ऐसा वाक्य लग रहा था जो कोई मुस्लिम बोल सकता है। हमने सोचा कि ईरानी हमें फर्जी सिग्नल भेज रहे हैं और यह एक ट्रैप है।” ट्रंप ने आगे कहा, 

"हमने सोचा कि ईरानी हमें फंसाने के लिए झूठे सिग्नल भेज रहे हैं। लेकिन बाद में पुष्टि हो गई कि यह वाकई वह व्यक्ति था। उसके जानने वाले लोग बताते हैं कि वह बहुत धार्मिक है।"

"दूसरे देश ऐसा नहीं करते, हमने किया"

विमान से eject होने के बाद एयरमैन पहाड़ी इलाके में एक दरार में छिप गया था। ईरानी सैनिक और स्थानीय लोग उसे ढूंढ रहे थे। ईरान ने कैच करने वालों को इनाम देने का ऐलान भी किया था। अमेरिका ने तकनीकी साधनों से उसे ढूंढा। ट्रंप ने कहा, “दूसरे देश 200 सैनिकों और 10 विमानों को एक सैनिक के लिए खतरे में नहीं डालते, लेकिन हमने किया।”

इजरायल की भूमिका

ट्रंप ने कहा कि इजरायल ने रेस्क्यू ऑपरेशन में थोड़ी मदद की। इजरायल ने इलाके की जानकारी दी और कुछ टारगेट पर हमला भी किया ताकि ईरानी सैनिक न पहुंच सकें। ट्रंप ने इजरायल को बहादुर साथी बताया और कहा कि अमेरिका बड़ा भाई है और इजरायल छोटा भाई।

SEAL टीम ने किया ऑपरेशन

रेस्क्यू ऑपरेशन में अमेरिकी SEAL टीम 6 शामिल थी। SEAL टीम ने ही पाकिस्तान में घुसकर ओसामा बिन लादेन को मारा था। उन्होंने एयरमैन को पहाड़ से निकाला। दो C-130 विमान रेत में फंस गए थे, इसलिए उन्हें उड़ा दिया गया ताकि ईरान के हाथ न लगें। एयरमैन घायल हुआ लेकिन ट्रंप ने कहा कि वह ठीक हो जाएगा। ट्रंप ने Truth Social पर लिखा- 

“हम कभी भी अमेरिकी सैनिक को दुश्मन के पीछे नहीं छोड़ते।”

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Published By : Sagar Singh

पब्लिश्ड 6 April 2026 at 11:39 IST