अपडेटेड 18 March 2026 at 14:52 IST
Iran Israel War: 'जिसके हाथ-पैर नहीं हों, चेहरा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो तो 95% संभावना है, वो ईरान से...', जंग को लेकर ट्रंप ने थपथपाई अपनी पीठ
US-Israel-Iran War: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान संग जारी युद्ध के बीच कहा कि हम उन्हें परमाणु हथियार नहीं रखने दे सकते। वे इसका इस्तेमाल खुशी-खुशी कर लेते, हमने अच्छा काम किया।
Donald Trump on Iran: अमेरिका-इजरायल और ईरान में जारी जंग थमने की जगह, दिन पर दिन और भीषण होती जा रही है। अमेरिका और इजरायल के ईरान पर हमले थम रहे हैं। दोनों देश ईरान को तबाह करने का दावा कर रहे हैं। अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान को इस जंग में जो नुकसान हुआ है, उसे ठीक करने में 10 साल लग जाएंगे।
युद्ध बहुत अच्छी तरह से आगे बढ़ रहा है- ट्रंप
मंगलवार (17 मार्च) को ट्रंप ने ईरान के खिलाफ चल रहे अमेरिकी-इजरायल सैन्य अभियानों को "बहुत अच्छी तरह से आगे बढ़ रहा" बताया। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि तेहरान को परमाणु हथियार हासिल करने की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में बमबारी के दौरान जो कुछ भी नष्ट हुआ है, उसके पुनर्निर्माण में कम से कम एक दशक लगेगा।
ट्रंप ने कहा, "युद्ध बहुत अच्छी तरह से आगे बढ़ रहा है। हम उन्हें परमाणु हथियार नहीं रखने दे सकते। वे इसका इस्तेमाल खुशी-खुशी कर लेते, हमने अच्छा काम किया। जब भी आप किसी ऐसे व्यक्ति को देखते हैं जिसके पैर नहीं हैं, हाथ नहीं हैं, जिसका चेहरा बुरी तरह से क्षतिग्रस्त है, जीवन तबाह हो गया है, तो 95% संभावना है कि यह ईरान से आया है।"
‘ईरान को नुकसान की भरपाई में 10 साल लग जाएंगे’
उन्होंने कहा कि अगर हम आज चले भी जाएं, तो भी ईरान को हुए नुकसान की भरपाई में 10 साल लग जाएंगे। मुझे लगता है कि हमें इसे थोड़ा और स्थायी बनाना होगा, जिससे किसी और राष्ट्रपति को इस स्थिति से न गुजरना पड़े।
ट्रंप ने इस दौरान यह भी कहा कि अगर पहले अमेरिका ने सैन्य कार्रवाई न की होती, तो ईरान अब तक परमाणु क्षमता हासिल कर चुका होता। उन्होंने कहा कि वे बस दो हफ्ते ही दूर थे और फिर बातचीत की कोई गुंजाइश ही नहीं बचती।
ईरान की मिसाइलों पर 5000 पाउंड बंकर बस्टर से किया हमला
जंग के बीच होर्मुज पर अलग-थलग पड़े ट्रंप अब अकेले ही इसे खुलवाने के मिशन पर जुट गई है। अमेरिकी सेना ने होर्मुज के पास ईरान की मिसाइल साइटों पर 5000 पाउंड वजनी ‘डीप पेनिट्रेटर’ बंकर बस्टर बम गिराए। यूएस सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने एक पोस्ट में बताया कि ये हमले ईरान की एंटी-शिप क्रूज मिसाइलों को निशाना बनाकर किए गए, जो अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए खतरा बन चुकी थीं।
ईरान ने युद्ध के जवाब में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लगभग बंद कर दिया था, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हो रही थी। हमला ऐसे वक्त में किया गया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप लगातार होर्मुज की सुरक्षा के लिए कई देशों से गुहार लगा रहे थे। ज्यादातर NATO सहयोगियों ने ईरान में देश के सैन्य अभियान में शामिल नहीं होने से इनकार कर दिया है।
Published By : Ruchi Mehra
पब्लिश्ड 18 March 2026 at 14:52 IST