अपडेटेड 13 February 2026 at 09:43 IST
'परमाणु डील नहीं हुई तो दर्दनाक होंगे हालात', नेतन्याहू संग मीटिंग के बाद ट्रंप ने फिर दी ईरान को धमकी
Donald Trump threatens Iran: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू संग व्हाइट हाउस में बैठक की। इसके बाद अब ट्रंप ने परमाणु डील को लेकर फिर ईरान को चेतावनी दी है।
Iran-US news: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने परमाणु समझौते को लेकर एक बार फिर ईरान को धमकाया है। उन्होंने खामेनेई को सीधी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर यह डील नहीं हुई, तो यह दर्दनाक साबित होगा। ट्रंप ने यह बयान इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात के एक दिन बाद दिया है।
हाल ही में व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नेतन्याहू से मुलाकात की। तीन घंटे चली इस बैठक में कोई अंतिम समझौता नहीं हो सका। ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ बातचीत जारी रहेगी।
‘समझौते तक पहुंचने में विफल होते हैं तो…’
इस बीच ट्रंप ने ईरान को फिर से धमकी देते हुए कहा कि हमें समझौता करना ही होगा। अगर हम समझौते तक पहुंचने में फेल होते हैं, तो "दर्दनाक" हो सकता है। उन्होंने कहा, "हमें समझौता करना ही होगा, नहीं तो ईरान के लिए यह बहुत ही दर्दनाक होगा और मैं ऐसा नहीं होने देना चाहता।"
ट्रंप ने आगे यह भी कहा कि उन्हें (ईरान को) पहली बार में ही डील कर लेनी चाहिए थी, लेकिन इसके बजाय उन्हें 'मिडनाइट हैमर' जैसी कार्रवाई झेलनी पड़ी।अगर वे डील नहीं करते हैं तो यह ईरान के लिए बहुत ट्रॉमेटिक होगा। यह एक अलग कहानी होगी। कल बेंजामिन नेतन्याहू के साथ हमारी बहुत अच्छी मीटिंग हुई, और वह समझते हैं, लेकिन आखिरकार यह मुझ पर है।
एक और विमानवाहक पोत तैनात करेगा पेंटागन
ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी रक्षा विभाग (पेंटागन) मध्य पूर्व में एक और विमानवाहक पोत तैनात करने की तैयारी कर रहा है। यूएसएस जॉर्ज एच.डब्ल्यू बुश (USS George H.W. Bush) नामक यह पोत वर्तमान में वर्जीनिया तट के पास प्रशिक्षण अभ्यास कर रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसे मध्य पूर्व भेजने से पहले इन अभ्यासों को जल्दी पूरा किया जा सकता है।
हालांकि, राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने अभी तक इसकी आधिकारिक तैनाती के लिए कोई अंतिम आदेश जारी नहीं किया है। योजना में बदलाव भी संभव है। अगर ट्रंप का आदेश मिलता है, तो यह पोत जल्द ही मध्य पूर्व में पहले से मौजूद यूएसएस अब्राहम लिंकन (USS Abraham Lincoln) के साथ शामिल हो सकता है। यह कदम ईरान के खिलाफ अमेरिका की सैन्य तैयारियों को और मजबूत करने का संकेत देता है।
Published By : Ruchi Mehra
पब्लिश्ड 13 February 2026 at 09:43 IST