अपडेटेड 28 January 2026 at 07:43 IST
'दावोस में जो कहा, उसी पर कायम हूं...', 'बोर्ड ऑफ पीस' का न्योता 'ठुकराने' के बाद अब कनाडाई PM ने ट्रंप को फोन पर सुनाया
कनाडा अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों के खिलाफ खुलकर खड़ा नजर आ रहा है। कनाडाई पीएम ने ट्रंप से फोन कॉल पर साफ कर दिया कि वह अपने दावोस वाले बयान से पीछे नहीं हटे हैं।
Mark Carney: अमेरिका के साथ बढ़ते व्यापारिक तनाव के बीच कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच बातचीत हुई है। कार्नी ने ट्रंप के सामने स्पष्ट कर दिया कि वह दावोस में दिए गए अपने बयान पर अडिग हैं।
राष्ट्रपति ट्रंप ने कनाडाई पीएम मार्क कार्नी से लंबी बातचीत की। इस बातचीत के बाद कार्नी ने मीडिया इंटरैक्शन में कहा कि, 'राष्ट्रपति ट्रंप ने कल मुझे फोन किया, हमारी यूक्रेन, वेनेजुएला, आर्कटिक सुरक्षा और कनाडा-चीन के बीच ट्रेड डील जैसे कई विषयों पर बातचीत हुई। मैंने ट्रंप को अपने देश की रणनीति, चीन के साथ फ्री ट्रेड पैक्ट और CUSMA (कनाडा-अमेरिका-मैक्सिको मुक्त व्यापार समझौता) पर चर्चा की। हमने इस बारे में भी बात की कि कनाडा क्या अच्छा कर रहा है।'
मैंने दावोस में जो कहा, वही मेरा मतलब- कार्नी
उन्होंने आगे कहा, 'मैंने राष्ट्रपति ट्रंप से कहा कि मैंने दावोस में जो कहा था, वही मेरा मतलब था। अमेरिका की व्यापार नीति में आए बदलाव के जवाब में कनाडा अपनी रणनीति तय कर रहा है। हम उस पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देने के लिए तैयार हैं।'
ट्रेजरी सेक्रेटरी बेसेंट ने किया था ये दावा
अमेरिका के ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने फॉक्स न्यूज पर हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में बताया था कि कार्नी ट्रंप के साथ फोन पर बातचीत के दौरान दावोस में दिए अपने बयान से मुकरने की कोशिश कर रहे थे। हालांकि अब बेसेंट के बयान को कार्नी ने खारिज कर दिया है।
कनाडा-अमेरिका रिश्तों में खटास
इससे पहले डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा को अपने गठित 'बोर्ड ऑफ पीस' में शामिल होने के लिए दिया निमंत्रण वापस ले लिया। उनका यह फैसला उत्तर अमेरिका के दोनों पड़ोसी देशों के बीच हालिया कूटनीतिक तनाव के बीच आया। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी थी। हालांकि उन्होंने अपने इस फैसले के पीछे किसी तरह का ठोस कारण नहीं बताया।
कार्नी के दावोस बयान से बढ़ी तल्खी
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने बुधवार को दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम को संबोधित करते हुए कहा था, 'महाशक्तियां अब व्यापार को हथियार की तरह इस्तेमाल करने लगी हैं। टैरिफ को दबाव डालने के हथियार के तौर पर, फाइनेंशियल सिस्टम को जबरदस्ती करने के लिए और सप्लाई चेन की कमजोरियों का गलत फायदा उठाया जा रहा है।'
मार्क कार्नी ने यह भी कहा था, 'मिडिल पावर्स को एकजुट होकर काम करना चाहिए क्योंकि अगर आप टेबल पर साथ नहीं होंगे तो आप मेन्यू में नजर आएंगे।'
Published By : Priyanka Yadav
पब्लिश्ड 28 January 2026 at 07:40 IST