'Wait and watch...', कनाडा में गोदारा गैंग का आतंक, फायरिंग की वीडियो जारी कर लिखा- 24 घंटे में कॉल बैक, नहीं तो सीने पर चलेगी गोली
Crime News : रोहित गोदारा गैंग ने कनाडा के ब्राम्पटन में अभी वर्मा के घर पर फायरिंग की जिम्मेदारी ली है। गैंग ने सोशल मीडिया पर वीडियो और पोस्ट जारी कर दावा किया कि वर्मा ने उनके कई कॉल्स इग्नोर किए। धमकी दी गई है कि 24 घंटे में कॉल बैक नहीं हुआ तो अगली गोली सीने पर चलेगी।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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Rohit Godara Gang Firing in Canada: कनाडा में भारतीय मूल के गैंगस्टरों की एक्सटॉर्शन और टारगेट हमलों की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। रोहित गोदारा गैंग ने ब्राम्पटन में अभी वर्मा के घर पर फायरिंग कराने का दावा किया है। गैंग ने इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर जारी किया है, जिसमें एक शख्स को गोलीबारी करते हुए स्पष्ट दिखा जा सकता है।
सोशल मीडिया पर जारी पोस्ट में गैंग ने लिखा है कि उन्होंने अभी वर्मा को कई बार फोन किया, लेकिन उन्होंने कॉल्स इग्नोर कर दिए। पोस्ट में धमकी भरे लहजे में कहा गया है कि अगर 24 घंटे में कॉल बैक नहीं किया तो गोली सीने पर चलेगी। दावा है कि यह पोस्ट गैंग के सदस्यों द्वारा शेयर किया गया, जिसमें फायरिंग को चेतावनी के तौर पर पेश किया गया है। गैंग ने इसे एक संदेश बताया है और आगे की कार्रवाई की आशंका जताई है।
महेंद्र दिलाना ने डाला पोस्ट
सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हुआ है, जिसमें खुद को महेंद्र दिलाना (Mahendar Delana) बताने वाले व्यक्ति ने रोहित गोदारा ग्रुप की ओर से जिम्मेदारी ली। पोस्ट में दावा किया गया कि ब्राम्पटन में अभी वर्मा के घर पर फायरिंग उन्होंने की है। इसे ट्रेलर बताते हुए धमकी दी गई कि अगर 24 घंटे में कॉल बैक नहीं किया गया तो अगली बार गोली सीने पर चलेगी। इसके साथ फायरिंग का वीडियो भी सोशल मीडिया पर शेयर किया गया है।
यह घटना हाल के महीनों में कनाडा में रोहित गोदारा गैंग की कई अन्य फायरिंग घटनाओं की कड़ी है। इससे पहले गैंग ने ब्राम्पटन और अन्य इलाकों में दलवीर (डेविड) के घर पर फायरिंग की जिम्मेदारी ली थी। इन घटनाओं में सोशल मीडिया का इस्तेमाल धमकियां देने और जिम्मेदारी लेने के लिए किया जा रहा है।
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कनाडा में बढ़ रही घटनाएं
कनाडा में भारतीय मूल के गैंगस्टरों, खासकर लॉरेंस बिश्नोई और रोहित गोदारा गिरोहों से जुड़े सदस्यों की गतिविधियां बढ़ रही हैं। ये गिरोह मुख्य रूप से एक्सटॉर्शन, धमकियां और टारगेट हमलों में शामिल बताए जाते हैं। ब्राम्पटन जैसे इलाके जहां भारतीय समुदाय बड़ी संख्या में रहता है, इन घटनाओं से प्रभावित हो रहे हैं।