अपडेटेड 19 February 2026 at 09:21 IST
US: गाजा पीस बोर्ड की पहली बैठक आज, राष्ट्रपति ट्रंप करेंगे मेजबानी, भारत नहीं होगा शामिल; 5 बिलियन डॉलर के मदद का ऐलान संभव
व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप शांति बोर्ड की पहली बैठक की अध्यक्षता करेंगे। बैठक में 20 से अधिक सदस्य देश गाजा में शांति स्थापित करने की पहल पर चर्चा करेंगे।
गाजा में शांति बहाल करने की कोशिश तेज हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) आज, गुरुवार को शांति बोर्ड (Board of Peace) की पहली बैठक की अध्यक्षता करेंगे। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलाइन लेविट ने इस संबंध में बताया कि इस बैठक में 20 से अधिक सदस्य देश गाजा पट्टी के लिए 5 अरब डॉलर से अधिक की वित्तीय सहायता की आधिकारिक घोषणा करेंगे। इसके साथ ही बैठक में गाजा में युद्धविराम और तबाह हुए क्षेत्र के पुनर्निर्माण समेत कई मुद्दों पर बातचीत होगी। भारत इस बैठक में शामिल नहीं होगा।
व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने मीडिया को बताया कि शांति बोर्ड की बैठक में इजरायल और हमास के बीच युद्ध के बाद गाजा में सुरक्षा बनाए रखने पर फोकस किया जाएगा। डोनाल्ड ट्रंप वाशिंगटन के इंस्टीट्यूट ऑफ पीस में तीन बजे ( अमेरिका समयानुसार) शांति बोर्ड की बैठक की मेजबानी करेंगे। यह मिडिल ईस्टपक्की शांति बनाने के लिए बोर्ड ऑफ पीस के एक्शन पर एक बड़ी घोषणा होगी।
गाजा पीस बोर्ड की पहला बैठक आज
वहीं, गाजा पट्टी के लिए रिकंस्ट्रक्शन फंड पर, व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने कहा, "बोर्ड ऑफ पीस यह तय करेगा कि (गाजा के लिए) फंडिंग कैसे की जाएगी। फिर नीचे की टेक्नोक्रेटिक लेयर, जिसमें सदस्य देश शामिल हैं, भी फैसले लेने में शामिल होगी। शांति बोर्ड के सदस्य देशों ने गाजा में मानवीय और पुनर्निर्माण कार्यों के लिए पांच अरब डॉलर देने का वादा है, इसमें उसकी घोषणा की जाएगी। "
पांच अरब डॉलर की मदद का होगा ऐलान
जब पत्रकारों ने कैरोलिन लेविट से बोर्ड की वित्तीय फैसलों की प्रक्रिया के बारे में पूछा गया, तो लेविट ने कहा कि निर्णय शांति बोर्ड ही लेगा, जिसमें अध्यक्ष राष्ट्रपति हैं। सभी सदस्य फंडिंग को लेकर मतदान करेंगे और इसके बाद बोर्ड के तहत तकनीकी स्तर पर काम होगा।
गाजा में शांति बहाल पर चर्चा
लेविट ने आगे कहा, "हम गाजा के पुनर्निर्माण की बात कर रहे हैं। यह ऐतिहासिक कदम है और राष्ट्रपति ट्रंप की अगुवाई में यह बोर्ड विश्व शांति के लिए सबसे महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय निकाय साबित हो सकता है।" बैठक में 20 से अधिक देशों के प्रतिनिधि, जिसमें कुछ देशों के प्रमुख भी शामिल होंगे, हिस्सा लेंगे। यह बोर्ड ट्रंप प्रशासन की गाजा शांति योजना का हिस्सा है, जिसे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने मंजूरी दी थी।"
Published By : Rupam Kumari
पब्लिश्ड 19 February 2026 at 09:21 IST