अपडेटेड 18 February 2026 at 23:16 IST

ईरान-अमेरिका तनाव के बीच तेहरान में धमाके, आसमान में दूर से दिखा धुएं का गुबार

अमेरिका से युद्ध की आशंका के बीच तेहरान में धमाके की खबरें आईं, जहां बहुमंजिला इमारत में आग लगी। ईरानी अधिकारी इसे आग बताते हैं। सैटेलाइट इमेज से पता चला कि पारचिन मिलिट्री कॉम्प्लेक्स में नई सुविधा पर कंक्रीट का मोटा शील्ड बनाकर मिट्टी से ढक दिया गया।

Tehran blasts amid Iran-US tensions
ईरान-अमेरिका तनाव के बीच तेहरान में धमाके | Image: Video Grab

ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच तेहरान प्रांत में कई धमाकों की खबरें आई हैं। स्थानीय मीडिया और सोशल मीडिया पर कई वीडियो सर्कुलेट हो रहे हैं, जिनमें तेहरान के पारंद इलाके में एक बहुमंजिला इमारत पर धमाका होने के बाद काला धुआं आसमान में फैलता दिख रहा है।

ईरानी अधिकारियों ने इसे आग लगने की घटना बताया है और किसी बाहरी हमले से इनकार किया है। फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पाने का दावा किया है, लेकिन अभी तक किसी हताहत की पुष्टि नहीं हुई है। इसी तरह शिराज प्रांत के पहाड़ी इलाके में भी धमाकों की आवाजें सुनी गईं, जिनका कारण स्पष्ट नहीं है। ये घटनाएं ऐसे समय में हुई हैं जब ईरान-अमेरिका के बीच युद्ध की आशंका बढ़ रही है।

मजबूत किलेबंदी पर जोर

इस बीच, सैटेलाइट इमेज से ईरान की महत्वपूर्ण सैन्य और न्यूक्लियर सुविधाओं पर तेजी से किलेबंदी की जानकारी सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ईरान ने एक संवेदनशील मिलिट्री साइट पर नई फैसिलिटी के ऊपर कंक्रीट का मोटा शील्ड बनाया है और इसे मिट्टी से ढक दिया है, ताकि यह हवाई हमलों से सुरक्षित रहे। यह काम पारचिन मिलिट्री कॉम्प्लेक्स में हुआ है, जो तेहरान से लगभग 30 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में स्थित है। यह जगह ईरान की सबसे संवेदनशील साइट्स में से एक मानी जाती है, जहां पश्चिमी खुफिया एजेंसियां न्यूक्लियर संबंधी गतिविधियों का शक करती रही हैं।

सैटेलाइट तस्वीरों के विश्लेषण से पता चलता है कि अक्टूबर 2024 में इजरायल के हमले से क्षतिग्रस्त हुई इमारत को फिर से बनाया गया। अक्टूबर 2025 की तस्वीरों में नई संरचना का ढांचा दिखा, दिसंबर 2025 तक यह आंशिक रूप से ढका हुआ था और फरवरी 2026 तक पूरी तरह कंक्रीट के शील्ड से छिपा दिया गया।

Advertisement

सुरंगों के एंट्री गेट सील

इसी तरह, इस्फहान न्यूक्लियर कॉम्प्लेक्स में भी सुरंगों के एंट्री गेट को मिट्टी और कंक्रीट से पूरी तरह सील किया जा रहा है। यह जगह ईरान के यूरेनियम संवर्धन प्लांट्स में से एक है, जहां पिछले साल अमेरिकी हमलों से नुकसान हुआ था। सैटेलाइट इमेज में ट्रकों और भारी मशीनरी से मिट्टी भरते हुए दिखाया गया है, जिससे सभी एंट्रेंस बंद हो गए हैं। नतांज और अन्य साइट्स पर भी मरम्मत और मजबूती का काम चल रहा है।

ये तैयारियां अमेरिका-इजरायल के साथ तनाव के बीच हो रही हैं। हाल ही में ओमान की मध्यस्थता से जिनेवा में अप्रत्यक्ष वार्ता हुई, जहां ईरान के विदेश मंत्री ने प्रगति बताई, लेकिन अमेरिकी पक्ष ने कहा कि ईरान उनकी "रेड लाइंस" को नहीं मान रहा। ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में मिसाइल टेस्ट भी किए, जो तेल आपूर्ति पर दबाव बनाने का संकेत माना जा रहा है।

Advertisement

विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान युद्ध की संभावना को नजरअंदाज नहीं कर रहा और अपनी महत्वपूर्ण सुविधाओं को हवाई हमलों से बचाने के लिए तेजी से काम कर रहा है। हालांकि ईरान इन गतिविधियों को रक्षा संबंधी बता रहा है, लेकिन सैटेलाइट इमेज से साफ है कि तेहरान मजबूत किलेबंदी पर जोर दे रहा है। स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है।

ये भी पढ़ें: MP: पति ने पत्नी का बनाया प्राइवेट VIDEO, रिश्तेदारों को भेजा और सोशल मीडिया पर कर दिया VIRAL; कट्टा लेकर पहुंचा ससुराल फिर...

Published By : Sagar Singh

पब्लिश्ड 18 February 2026 at 22:53 IST