Earthquake: तिब्बत में सुबह-सुबह आया भूकंप, इधर भारत में भी कांप उठी धरती; कहां-कितना तगड़ा झटका?
आज तिब्बत में जोरदार भूकंप आया है, जबकि भारत के जम्मू-कश्मीर में भी धरती हिली। इससे पहले रात में नेपाल में भी भूकंप के झटके दर्ज किए गए थे। लगातार अलग-अलग इलाकों में भूकंप आने से लोगों में चिंता बढ़ गई है।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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Earthquake: बाढ़ से जूझ रहे नेपाल के बाद बुधवार सुबह तिब्बत में भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। शनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी (NCS) के मुताबिक, यहां सुबह ठीक 5 बजकर 33 मिनट पर धरती कांप उठी। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4.3 मापी गई है और इसका केंद्र जमीन से लगभग 121 किलोमीटर की गहराई में था।
इसके अलावा भारत के जम्मू-कश्मीर में भी भूकंप आया है। इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.2 दर्ज की गई है। इसका केंद्र जमीन से 10 किलोमीटर नीचे था। लगातार अलग-अलग इलाकों में भूकंप आने से लोगों में चिंता बढ़ गई है।
झटकों से सहमे लोग
सुबह का वक्त था और लोग गहरी नींद में थे, तभी अचानक आए झटके ने सभी को डरा दिया। बिस्तर हिलने लगे और लोग हड़बड़ाकर उठ बैठे। कुछ पलों के लिए तो किसी को समझ ही नहीं आया कि क्या हुआ है, लेकिन देखते ही देखते हर तरफ खौफ छा गया। हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस दौरान किसी के हताहत होने या बड़े नुकसान की सूचना नहीं है।
क्या 4.3 और 3.2 तीव्रता का झटका खतरनाक है?
रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता मापी जाती है। इस स्केल पर 4.0 से 4.5 तीव्रता के भूकंप आम तौर पर हल्के माने जाते हैं। इनसे दीवारों में दरारें आने जैसा हल्का नुकसान तो हो सकता है, लेकिन बड़े पैमाने पर तबाही की आशंका बहुत कम होती है। ऐसा ही कुछ 3.2 तीव्रता के भूकंप में भी होता है।
नेपाल में भूकंप के झटके
इससे एक दिन पहले यानी मंगलवार को नेपाल की राजधानी काठमांडू में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। NCS के अनुसार, भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.0 मापी गई। भूकंप ऐसे समय आया है, जब नेपाल पहले से ही हालिया विनाशकारी बाढ़ के बाद राहत और बचाव अभियान में जुटा हुआ है। भूकंप के झटकों के बाद लोगों में कुछ समय के लिए डर का माहौल बना।
अचानक आए इस झटके से कुछ ही देर में सड़कों और खुले मैदानों में लोगों की भीड़ लग गई। रात के सन्नाटे में इस भूकंप ने लोगों के मन में फिर से हाल ही में गुजरे खौफनाक मंजर की यादें ताजा कर दीं। हर कोई एक-दूसरे का हाल-चाल पूछने में जुट गया।
भूकंप आने पर क्या करें?
भूकंप आने पर सबसे पहले घबराना नहीं है। सरकार की आपदा टीम NDMA की तीन शब्दों की सीख को ध्यान में रखना है- झुको, ढको, पकड़ो। यानी झुको यानी नीचे बैठ जाएं या लेट जाएं। ढको यानी सिर और गर्दन को हाथों से ढक लें या फिर अगर पास में कोई मजबूत मेज हो तो उसके नीचे घुस जाएं। पकड़े यानी उस मेज को मजबूती से पकड़ लें ताकि वह हिलते-हिलते कहीं दूर न चली जाए।
इसके अलावा अगर आपके घर में खिड़की, शीशे, टीवी और भारी अलमारी है दो उससे दूरी बनाए रखें। रसोई या बाथरूम के कोने में बैठ जाएं। दरवाजे के पास खड़े होने की गलती कतई न करें। यदि आप बाहर हैं तो खुली जगह की तरफ जाएं जैसे मैदान या पार्क। इमारतों, पेड़ों, बिजली के खंभों और दीवारों से कोसो दूर रहें।
वहीं अगर आप ड्राइव कर रहे हैं हो तो गाड़ी सड़क के किनारे रोककर अंदर ही बैठे रहें। ब्रेक लगाएं और सिर को हाथों से कवर कर लें। अगर स्कूल या ऑफिस में हैं तो टीचर या बॉस के बताए रास्ते पर चलें। इस दौरान लिफ्ट का इस्तेमाल भूलकर भी न करें। सीढ़ियों से धीरे-धीरे नीचे उतरें।
भूकंप के बाद क्या करें?
भूकंप के झटके रुकने के बाद भी एक-दो मिनट अपनी जगह पर रुके रहें। इसके बाद आराम से बाहर निकलें। फिर गैस, बिजली का स्विच और पानी की पाइप बंद कर दें। इसके अलावा अगर कहीं आग लगी हो तो पहले उसे बुझाने का प्रयास करें। अपने आसपास मौजूद लोगों पर ध्यान दें कि कहीं कोई घायल तो नहीं है। बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को की पहले मदद करें और उन्हें बाहर निकालें। फोन का इस्तेमाल केवल बेहद जरूरी काम के लिए ही करें, क्योंकि भूकंप के बाद लाइनें अत्यधिक व्यस्त हो जाती हैं। साथ ही रेडियो या टीवी से सरकारी जानकारी प्राप्त करते रहें।
Published By : Priyanka Yadav
पब्लिश्ड 9 September 2026 at 07:06 IST