नेपाल में बाढ़ से बिगड़े हालात, बिहार-यूपी में भी अलर्ट... IAF ने कसी कमर, राहत बचाव के लिए एयरक्राफ्ट C-130J और C-295 मुस्तैद
चीन-नेपाल सीमा पर बुधवार तड़के तिब्बत की ओर से आए तेज जलप्रवाह के कारण भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों में भीषण बाढ़ आ गई, जिससे नेपाल में भारी तबाही हुई है। इस आपदा में 55 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और 400 से ज्यादा लोग लापता हैं। स्थिति को देखते हुए नेपाल सरकार ने भारत और चीन से आपातकालीन मदद मांगी है। वहीं भारत सी-130जे विमान से 30 टन राहत सामग्री नेपाल भेज रहा है तथा वायुसेना के अन्य जहाजों को स्टैंडबाय पर रखा गया है। इसके साथ ही NDRF की टीमों को भी हाई अलर्ट किया गया है।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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नेपाल और चीन के सीमावर्ती इलाकों में बुधवार तड़के प्रकृति का भयानक रूप देखने को मिला। तिब्बत की ओर से आए अचानक और तेज जलप्रवाह ने नेपाल के कई हिस्सों में भारी तबाही मचाई है। उफनती भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों के कारण दर्जनों गांव और कस्बे जलमग्न हो चुके हैं। इस प्राकृतिक आपदा में व्यापक स्तर पर जान-माल का नुकसान हुआ है, जिससे पूरे क्षेत्र में हाहाकार मच गया है।
नेपाल में तबाही का मंजर,सैकड़ों मौतें और भारी तबाही
तिब्बत के ऊपरी इलाकों से आए अचानक पानी के तेज बहाव ने नेपाल में त्रिशूली और भोटेकोशी नदियों के जलस्तर को खतरे के निशान से काफी ऊपर पहुंचा दिया। इस भीषण आपदा में 55 से अधिक लोगों की दुखद मौत हो चुकी है, जबकि 400 से ज्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं। आपदा की विभीषिका को देखते हुए नेपाल सरकार ने भारत और चीन से तुरंत मानवीय सहायता की मांग की है। नेपाल के प्रभावित क्षेत्रों में स्थानीय प्रशासन और सेना बड़े पैमाने पर बचाव कार्य में जुटी है।
भारत में राहत सामग्री और NDRF हाई अलर्ट पर
नेपाल में आई आपदा पर भारत ने तुरंत संज्ञान लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह से फोन पर बात कर शोक व्यक्त किया और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। भारत की ओर से नेपाल में लगभग 30 टन राहत सामग्री भेजी जा रही है। भारतीय वायुसेना ने अपने C-17, C-130J और C-295 जैसे परिवहन विमानों को स्टैंडबाय पर रखा है ताकि बिना किसी देरी के राहत सामग्री नेपाल पहुंचाई जा सके। आपदा की गंभीरता को देखते हुए भारत ने NDRF की कई टुकड़ियों को हाई अलर्ट पर रखा है।
उत्तर प्रदेश और बिहार में क्यों बढ़ी टेंशन?
नेपाल की अधिकांश नदियां आगे चलकर भारत के मैदानी इलाकों में प्रवेश करती हैं। तिब्बत और नेपाल से आ रहा यह अतिरिक्त जलप्रवाह अब भारतीय सीमाओं की ओर बढ़ रहा है। उत्तर प्रदेश और बिहार के बड़े हिस्से नेपाल से आने वाली नदियों के जलभराव क्षेत्र में आते हैं। यदि नेपाल में पानी का दबाव इसी तरह बना रहा या ऊपरी हिस्सों में मलबा टूटने से पानी का तेज बहाव आया, तो भारत के सीमावर्ती जिलों में भीषण बाढ़ आ सकती है।
भोटेकोशी का उफान और गंडक-नारायणी पर असर
भोटेकोशी और त्रिशूली नदियां आगे चलकर नारायणी नदी में मिलती हैं। भारत में प्रवेश करते ही नारायणी को गंडक नदी के नाम से जाना जाता है। भोटेकोशी में बढ़ा जलस्तर सीधे तौर पर गंडक के प्रवाह को कई गुना बढ़ा देगा। यद्दपि कोसी और बागमती नदियां भी नेपाल से आती हैं, लेकिन इस वर्तमान आपदा का तात्कालिक और सबसे बड़ा प्रभाव गंडक नदी के जलतंत्र पर देखने को मिल रहा है।
उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में अलर्ट जारी
उत्तर प्रदेश सरकार ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नेपाल सीमा से लगे जिलों में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है। मुख्य रूप से महाराजगंज और कुशीनगर जिलों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। क्योंकि गंडक का पानी इन्हीं क्षेत्रों से होकर गुजरता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्थानीय प्रशासन को नदियों के जलस्तर की 24 घंटे निगरानी करने और निचले इलाकों में रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने के निर्देश दिए हैं।
बिहार में रेड अलर्ट
बिहार नेपाल से आने वाली नदियों का मुख्य डाउनस्ट्रीम क्षेत्र है। नेपाल में जलप्रवाह बढ़ते ही बिहार के मैदानी इलाकों में पानी का फैलाव बहुत तेजी से होता है। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गंडक नदी के किनारे बसे पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली जिलों को विशेष रूप से अलर्ट पर रखा है।राज्य की प्रशासनिक और तकनीकी टीमें तटबंधों की निगरानी में जुटी हैं ताकि किसी भी संभावित दरार या कटाव को तुरंत रोका जा सके।
अगले 24 से 48 घंटे बेहद संवेदनशील
आपदा प्रबंधन टीमों के अनुसार, अगले 24 से 48 घंटे भारत और नेपाल दोनों के लिए बेहद नाजुक हैं। नेपाल के ऊपरी इलाकों में यदि रुका हुआ मलबा या अस्थायी प्राकृतिक बांध टूटते हैं, तो जलप्रवाह का दूसरा तेज रेला भारत के मैदानी इलाकों में भारी तबाही मचा सकता है। प्रशासन लगातार दोनों देशों के जलस्तर डेटा को साझा करते हुए स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है।
Published By : Aarya Pandey
पब्लिश्ड 26 August 2026 at 23:18 IST