आतंकवाद को मिलेगा मुंहतोड़ जवाब... जयशंकर ने UNGA में पाकिस्तान को धो डाला; कहा- 'अपना रवैया बदलो वरना...'

संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र को संबोधित करते हुए विदेश मंत्री जयशंकर ने एक एक बार फिर पाकिस्तान को जमकर लताड़ लगाई। आईए जानतें हैं आतंकवाद को लेकर विदेश मंत्री ने क्या कहा?

विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर | Image: ANI

संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र को संबोधित करते हुए विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर ने कहा, "संघर्षों से दूर रहने वाले देशों को बिना किसी गलती के सजा भुगतनी पड़ रही है। जिन पर सबसे ज्यादा असर पड़ता है, अक्सर उनकी बात सबसे कम सुनी जाती है। इस सभा को हालात की असलियत का सामना करना होगा। इस साल हम खाड़ी क्षेत्र में संघर्ष देख रहे हैं, जो पहले से ही मुश्किल हालात को और बिगाड़ रहा है।

मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष को लेकर जयशंकर ने कहा, "हम लगातार जारी तनाव को लेकर बहुत चिंतित हैं। अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों से गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों और नाविकों को निशाना बनाना बिल्कुल भी मंजूर नहीं है। "

ईरान जंग पर क्या बोले जयशंकर?

 'भारत सभी पक्षों से संयम बरतने, तनाव कम करने, आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और ऊर्जा व व्यापार का निर्बाध प्रवाह बनाए रखने की अपील करता है।"

September 26, 2026

 जयशंकर ने UNGA में पाकिस्तान को धो डाला

आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान को घेरते हुए UNGA में  विदेश मंत्री  एस. जयशंकर ने कहा, "आतंकवाद शांति के लिए एक लगातार खतरा बना हुआ है। यह खतरा राज्य-प्रायोजित हो सकता है और इसका मकसद सीमा-पार की गतिविधियों को अंजाम देना हो सकता है, जो इसे वैश्विक व्यवस्था के लिए सीधी चुनौती बनाता है। ऐसी गतिविधियों में शामिल सरकारों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। आतंकवाद के प्रति हमारी 'ज़ीरो-टॉलरेंस' (सख्त) नीति में कोई ढील नहीं होनी चाहिए। खासकर इसके वित्तीय पहलुओं को उजागर किया जाना चाहिए और उनसे निपटा जाना चाहिए।"
 

September 26, 2026

टू-स्टेट सॉल्यूशन' की आवश्यकता-जयशंकर

अपने संबोधन में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कहा, "भारत इस स्थिति को बेहतर बनाने के लिए हर संभव प्रयास करने को तैयार है, खासकर खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा के मामले में। दुर्भाग्य से, पश्चिम एशिया या मध्य पूर्व में तनाव और हिंसा भी जारी है। हमारा दृढ़ विश्वास है कि स्थायी शांति के लिए 'टू-स्टेट सॉल्यूशन' (दो-राष्ट्र समाधान) की आवश्यकता है। इस बीच, भारत फिलिस्तीनी लोगों के लिए मानवीय सहायता और राहत कार्यों में योगदान दे रहा है। हमें यह समझना चाहिए कि शांति का अर्थ केवल युद्ध का न होना नहीं है। यदि दुनिया लगातार खतरों और दबावों का सामना कर रही है, तो हम वास्तव में एक गहरी खाई के किनारे पर जी रहे हैं। हमें उस खाई में धकेलने के लिए बस एक और कदम की जरूरत है। इसलिए, स्थिरता, सुरक्षा और पूर्वानुमान-योग्यता को मजबूत करना अनिवार्य है। ये शांति के लिए अनुकूल माहौल बनाने वाले महत्वपूर्ण तत्व हैं।"

September 26, 2026

अब युद्ध को खत्म करना जरूरी- एस जयशंकर

रूस-यूक्रेन में चल रहे संघर्ष पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा, "यूक्रेन में चल रहा संघर्ष, जो अब अपने पांचवें साल में है, उतनी ही चिंता की बात है। जैसा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है, अंतहीन युद्ध की जगह अब युद्ध को खत्म करने की कोशिश होनी चाहिए। भारत शांति लाने के लिए चल रही पहलों का समर्थन करता है। साथ ही, समुद्री यात्रियों की सुरक्षा और भोजन, अनाज व ऊर्जा की आपूर्ति पर ध्यान देने की भी तत्काल आवश्यकता है।"

September 26, 2026

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Published By : Rupam Kumari

पब्लिश्ड 26 September 2026 at 23:35 IST