अपडेटेड 1 March 2026 at 22:00 IST
इजराइल हमलों के दौरान अपने आवास पर क्यों थे अली खामेनेई? सुरक्षा अधिकारी ने बताया, कहा- इतिहास याद रखेगा
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत अमेरिका-इजराइल के संयुक्त हवाई हमले में हुई। हमले के वक्त वे अपने आवास पर थे और बंकर में छिपने के बजाय सामान्य जीवन जीने पर अड़े रहे।
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत की खबर ने पूरे विश्व को हिला दिया है। 86 वर्षीय खामेनेई, पिछले 36 साल से ईरान की सत्ता के शीर्ष पर थे, संयुक्त राज्य अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हवाई हमले में मारे गए। यह हमला 28 फरवरी 2026 को हुआ और उनकी मौत की पुष्टि ईरानी राज्य मीडिया ने 1 मार्च को की।
ईरान की अमेरिका और इजराइल के साथ लंबे समय से तनातनी चल रही थी। ऐसे में सवाल उठ रहा कि अली खामेनेई हमलों के दौरान अपने आवास पर क्यों थे? वो किसी सुरक्षित जगह या बंकर में क्यों नहीं गए? इस सवाल का जवाब एक इंटरव्यू के दौरान एक ईरानी सुरक्षा अधिकारी ने दिया है।
सुरक्षा अधिकारी ने खुलासा किया कि हमले के दौरान खामेनेई अपने आवास पर ही थे। रिपोर्टर ने सवाल पूछा कि खामेनेई अपने आवास पर क्यों थे? इसपर सुरक्षा अधिकारी ने जवाब दिया कि वे सामान्य जीवन जीने पर जोर देते थे। वे बंकरों में छिपकर नहीं रहे। अंतिम समय तक अपने लोगों के बीच, अपने घर में रहे। यह घमंड नहीं, साहस है और इतिहास याद रखेगा।"
यह बयान ईरानी टीवी पर प्रसारित हुआ है, जिसमें सुरक्षा अधिकारी भावुक होते हुए खामेनेई के निर्णय की सराहना कर रहे हैं।
1989 से ईरान के सर्वोच्च नेता
अयातुल्लाह खामेनेई 1989 से ईरान के सर्वोच्च नेता थे और उन्होंने देश को कट्टरपंथी इस्लामी शासन के तहत चलाया। उनके शासनकाल में ईरान ने क्षेत्रीय मिलिशिया को मजबूत किया, विरोध प्रदर्शनों को कुचला और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका और इजराइल जैसे ताकतवर देशों से टकराव बढ़ाया। हाल के महीनों में तनाव चरम पर था, जिसके चलते अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर हमला किया।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमले के बाद खामेनेई की मौत की पुष्टि की और चेतावनी दी कि ईरान बदला न ले। वहीं, ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने इसे मुस्लिमों के खिलाफ युद्ध की घोषणा बताया।
Published By : Sagar Singh
पब्लिश्ड 1 March 2026 at 22:00 IST