अपडेटेड 1 March 2026 at 20:05 IST

"I LOVE you, Donald Trump...", अली खामेनेई की मौत के बाद लंदन में ईरानी दूतावास के बाहर मना जश्न, ईरानियों ने ऐसे किया खुशी का इजहार

Ayatollah Ali khamenei की मौत के बाद लंदन स्थित ईरानी दूतावास के बाहर लोगों ने जश्न मनाया। उन्होंने ट्रंप को इसका श्रेय देते हुए 'आई लव यू' नारे लगे।

Iranians celebrate outside the Iranian Embassy in London after the death of Ali Khamenei
अली खामेनेई की मौत के बाद लंदन में ईरानी दूतावास के बाहर मना जश्न | Image: Video Grab

अमेरिका-इजराइल के संयुक्त हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई। इसके बाद भारत समेत दुनिया भर में अली खामेनेई के समर्थक विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। लेकिन ईरान के इस्लामी शासन से मुक्ति की खबर ने दुनिया भर में रहने वाले ईरानियों के चेहरों पर खुशी की लहर दौड़ा दी है।

अली खामेनेई की मौत के बाद लंदन स्थित ईरानी दूतावास के बाहर इकट्ठा हुए सैकड़ों ईरानी मूल के लोगों ने इस पल का जश्न मनाया। कई लोगों ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को इस बदलाव का श्रेय दिया और खुलकर उनके प्रति अपना प्यार जाहिर किया।

यूनाइटेड किंगडम के टॉक टीवी की रिपोर्टर समारा गिल ने मौके पर मौजूद लोगों से बात की, जहां एक युवती ने जोरदार तरीके से कहा, "I LOVE you, Donald Trump!" यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें लोग झंडे लहराते, गाते-बजाते और एक-दूसरे को गले लगाते नजर आ रहे हैं। वीडियो में ईरान का झंडा भी लहरा रहा है।

'ट्रंप ने हमें आजादी दी'

ईरान में हाल ही में हुए राजनीतिक उथल-पुथल ने इस्लामी गणराज्य को हिला दिया है। ट्रंप प्रशासन की सख्त नीतियों, आर्थिक प्रतिबंधों और अंतरराष्ट्रीय दबाव ने इस बदलाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। लंदन में जश्न मना रहे लोगों ने बताया कि वे वर्षों से इस पल का इंतजार कर रहे थे। एक प्रदर्शनकारी ने कहा, "47 साल का दमनकारी शासन खत्म हो गया। ट्रंप ने हमें आजादी दी।"

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मौके पर मौजूद लोग अलग-अलग उम्र के थे, जिसमें युवा, बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। महिलाओं ने बिना हिजाब के अपनी खुशी जाहिर की, जो ईरान में महिलाओं पर थोपे गए नियमों के खिलाफ एक प्रतीकात्मक विरोध था।

दुनिया भर से प्रतिक्रियाएं

यह घटना सिर्फ लंदन तक सीमित नहीं है। अमेरिका, कनाडा और यूरोप के अन्य शहरों में भी ईरानी समुदाय जश्न मना रहा है। सोशल मीडिया पर #FreeIran और #ThankYouTrump जैसे हैशटैग चल कर रहे हैं। हालांकि, कुछ आलोचक इस बदलाव को अस्थिर मान रहे हैं और आगे की चुनौतियों की बात कर रहे हैं। लेकिन जश्न मना रहे लोगों के लिए यह एक नई शुरुआत है।

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कैसे मारे गए खामेनेई?

अमेरिका की प्लानिंग इतनी मजबूत थी की 30 सेकेंड में ईरान का एक बड़ा राजनैतिक कुनबा ध्वस्त कर दिया। 30 सेकेंड की बमबारी में ईरान अपना नेतृत्व खो बैठा। हमले की शुरुआत में ही तेहरान स्थित खामेनेई के कंपाउंड को निशाना बनाया गया। इस हमले में सटीक खुफिया जानकारी के आधार पर कई बम गिराए गए, जिससे कंपाउंड पूरी तरह तबाह हो गया। ईरानी राज्य टीवी ने कुछ घंटों बाद खामेनेई की मौत की आधिकारिक पुष्टि की और 40 दिनों का राष्ट्रीय शोक घोषित किया।

खबरों के अनुसार हमले के वक्त खामेनेई सलाहकारों के साथ मीटिंग कर रहे थे। सीक्रेट बैठक की जानकारी मोसाद को मिली। इजरायल ने हमले के लिए रात का इंतजार नहीं किया, हमला जानबूझकर खामेनेई की बैठक के वक्त हुआ। अमेरिका-इजरायल का टारगेट खलीफा ही थे। 

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Published By : Sagar Singh

पब्लिश्ड 1 March 2026 at 20:05 IST