Canada New PM: कौन हैं मार्क कार्नी, जो जस्टिन ट्रूडो की जगह बनेंगे कनाडा के अगले PM? भारत के साथ रिश्तों पर क्या पड़ेगा असर?
बड़ी बात ये है कि मार्क कार्नी ने कभी भी कोई निर्वाचित पद नहीं संभाला है और वो संसद के सदस्य भी नहीं हैं।
Canada New Prime Minister Mark Carney: कनाडा को अपना नया प्रधानमंत्री मिल रहा है। जस्टिन ट्रूडो की कनाडा के PM पद से जल्द विदाई होने जा रही है और मार्क कार्नी उनकी जगह लेने को तैयार हैं। सत्ताधारी लिबरल पार्टी ने उन्हें अपना नेता चुन लिया। कार्नी ने प्रचंड समर्थन हासिल किया और करीब 86 फीसदी वोट के साथ वह कनाडा के प्रधानमंत्री पद की गद्दी संभालने जा रहे हैं। उन्होंने पूर्व कैबिनेट मंत्री करीना गोल्ड, पूर्व वित्त मंत्री और उप प्रधानमंत्री क्रिस्टिया फ्रीलैंड और व्यवसायी और पूर्व लिबरल सांसद फ्रैंक बेलिस को हराया।
जस्टिन ट्रूडो ने जनवरी के शुरुआत में कनाडा के प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी थी। ट्रूडो अपनी ही पार्टी में भारी विरोध का सामना कर रहे थे। उनकी लोकप्रियता भी घट रही थी। कहीं न कहीं भारत से बिगड़ते रिश्ते के चलते भी उनकी मुश्किलें बढ़ रही थीं। इन वजहों से उन्हें PM पद से इस्तीफा देना पड़ा।
राजनीति में नहीं है कोई अनुभव
जस्टिन ट्रूडो के बाद अब मार्क कार्नी उनकी जगह कनाडा के प्रधानमंत्री पद का जिम्मा संभालने जा रहे हैं। वो बैंक ऑफ कनाडा और बैंक ऑफ इंग्लैंड के गवर्नर हैं। बड़ी बात ये है कि मार्क कार्नी ने कभी भी कोई निर्वाचित पद नहीं संभाला है और वो संसद के सदस्य भी नहीं हैं। ट्रूडो के इस्तीफे की घोषणा के बाद से ही मार्क कार्नी प्रधानमंत्री की रेस में सबसे आगे चल रहे थे और अब उन्होंने बाजी भी मार ली है।
जानिए कनाडा के नए PM मार्क कार्नी के बारे में…
मार्क कार्नी का जन्म कनाडा के उत्तर पश्चिमी क्षेत्र के छोटे शहर में हुआ है। उन्होंने हार्वर्ड और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की है। उन्हें साल 2008 में बैंक ऑफ कनाडा का गवर्नर नियुक्त किया गया था। 2008 के वित्तीय संकट के दौरान कनाडा को उबारने में उनकी भूमिका काफी अहम रही। साल 2013 में कार्नी बैंक ऑफ इंग्लैंड के गवर्नर का पदभार संभाला और साल 2020 तक उन्होंने इस पद पर काम किया। इतना ही नहीं मार्क कार्नी ने उन्होंने संयुक्त राष्ट्र में भी काम किया है।
मार्क कार्नी ऐसे समय में कनाडा के प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं, जब उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। डोनाल्ड ट्रंप के फिर से राष्ट्रपति पद संभालने के बाद व्यापार नीतियों को लेकर कनाडा की अमेरिका से तनातनी बढ़ी हुई है। ट्रंप ने कनाडा पर 25% टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति कनाडा को अमेरिका का 51वां राज्य बनाने की भी कई बार बात कह चुके हैं। मार्क कार्नी ने कभी खुलकर ट्रंप का विरोध तो नहीं किया, लेकिन उन्हें उनका आलोचक बताया जाता है।
पीएम पद के लिए चुने जाने के बाद मार्क कार्नी ने अमेरिका को स्पष्ट शब्दों में संदेश देते हुए कह दिया कि कनाडा कभी भी किसी भी तरह, आकार या रूप में अमेरिका का हिस्सा नहीं होगा। हमने इस लड़ाई के लिए नहीं कहा था, लेकिन जब कोई और दस्ताने उतारता है तो कनाडाई हमेशा तैयार रहते हैं।
वहीं, बात भारत की करें तो जस्टिन ट्रूडो के कार्यकाल में दोनों देशों के बीच रिश्ते काफी बिगड़ गए थे। हालांकि अब मार्क कार्नी के आने से इनमें सुधार की संभावना है। हाल ही में दिए बयान में कार्नी ने कहा था कि हमें भारत के साथ रिश्ते फिर से मजबूत करने चाहिए। ऐसे में उनके प्रधानमंत्री बनने से भारत और कनाडा के संबंधों में आई खटास दूर हो सकती है।
Published By : Ruchi Mehra
पब्लिश्ड 10 March 2025 at 08:30 IST