'हमारी लड़ाई लेबनान से नहीं, जब तक मैं प्रधानमंत्री हूं, ईरान...', हिज्बुल्लाह पर IDF के एक्शन को लेकर बोले PM नेतन्याहू; पीस डील पर दो टूक जवाब

लेबनान पर हमले को लेकर नेतन्याहू ने कहा, "हम अपने लोगों की सुरक्षा के लिए हर मुमकिन कोशिश करते हैं। हमारी लड़ाई लेबनान से नहीं है।"

Donald Trump- Benjamin Netanyahu | Image: AP

अमेरिका और ईरान के बीच स्विट्जरलैंड के बर्जेनस्टाक में शांति वार्ता को लेकर पहले दौर की बैठक हुई। लेबनान पर इजरायल के एक्शन और ट्रंप की धमकी की वजह से यह बैठक महज 80 मिनट तक चली। अब अमेरिका-ईरान के बीच हुई पीस डील और ट्रंप के साथ अपने संबंधों पर प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दो टूक जवाब दिया है। उन्होंने यह साफ कह दिया है कि इजरायली के लोगों की सुरक्षा के लिए जो भी जरूरी कदम होंगे वो उठाएंगे। नेतन्याहू ने यह साफ कर दिया कि 'जो ट्रंप चाहते हैं, मैं वह हर काम नहीं कर सकता'।

ईरान ने शांति वार्ता के दौरान लेबनान पर इजरायल के हमले को लेकर सवाल उठाया था और इसक कड़ी निंदा की थी। मगर इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने साफ कह दिया है कि उनका हिज्बुल्लाह के खिलाफ एक्शन जारी रहेगा। यरूशलम में JNS समिट में भाषण देते हुए नेतन्याहू ने इशारों-इशारों में ट्रंप को संदेश देते हुए साफ कर दिया इजरायल की लोगों की रक्षा के लिए जो जरूरी होगा,वो करेंगे।

हमारी लड़ाई लेबनान से नहीं- नेतन्याहू

लेबनान पर हमले को लेकर नेतन्याहू ने कहा, "हम अपने लोगों की सुरक्षा के लिए हर मुमकिन कोशिश करते हैं। हमारी लड़ाई लेबनान से नहीं है। हमारी लड़ाई हिज्बुल्लाह से है, जो लेबनान में आतंक फैलाता है और हमें खत्म करना चाहता है। और जब ईरान का यह प्रॉक्सी (प्रतिनिधि) खतरा नहीं रह जाएगा, जब इसे खत्म कर दिया जाएगा, जब इसके हथियार छीन लिए जाएंगे, तो हां, लेबनान के साथ शांति कायम होगी। मैं उस समझौते पर हस्ताक्षर करने का इंतजार कर रहा हूं।"

June 21, 2026

ईरान-अमेरिका पीस डील पर क्या बोले नेतन्याहू ?

ईरान-अमेरिका शांति समझौते पर बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा, "बातचीत में कुछ भी हो, समझौता हो या न हो, मैं आपसे वादा करता हूं कि जब तक मैं प्रधानमंत्री हूं, ईरान के पास कभी भी परमाणु हथियार नहीं होगा। कभी नहीं। जब तक मैं इजरायल का प्रधानमंत्री हूं, मैं ऐसा नहीं होने दूंगा। जब तक हमें अपने लोगों की सुरक्षा की जरूरत है, हम दक्षिणी लेबनान के सुरक्षा क्षेत्र में बने रहेंगे। किसी भी देश से इसके अलावा कुछ और करने के लिए नहीं कहा जाएगा। "

June 21, 2026

 नेतन्याहू ने अमेरिका से पूछा ये सवाल?

नेतन्याहू ने आगे कहा, "अब जरा सोचिए कि अमेरिका की सीमा के उस पार हजारों की संख्या में, हजारों आतंकवादियों की एक फौज है जो आपके शहरों और कस्बों पर रॉकेट, बैलिस्टिक मिसाइल और किलर ड्रोन से हमला करती है। वे आपके सैनिकों को मारते हैं, आपके नागरिकों को मारते हैं, आपके बच्चों को मारते हैं और हर दिन उन्हें धमकाते हैं। तो, अमेरिका क्या करेगा?"

नेतन्याहू ने अमेरिका से सवाल पूछते हुए कहा, "क्या वह कहेगा कि हम कुछ नहीं कर सकते? चलो हमला रोक देते हैं? क्या अमेरिका ऐसा कहेगा? नहीं। आप अच्छी तरह जानते हैं कि अमेरिका क्या करेगा। वह सीमा पार करेगा, एक सुरक्षा क्षेत्र बनाएगा, आतंकवादियों को मारेगा और खतरा टलने तक अपने लोगों की रक्षा करेगा। हम ठीक वही कर रहे हैं। हमारी सबसे बड़ी कामयाबी डर की दीवार को तोड़ना है।"

जो ट्रंप चाहते हैं, मैं वो हर काम नहीं करता- नेतन्याहू 

वहीं, अपने और ट्रंप के संबंधों पर भी  प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने खुलकर बात की। उन्होंने अपने भाषण में साफ-साफ कहा कि हम दोनों स्वतंत्र देशों के नेता हैं और हमेश एक-दूसरे की हर इच्छा पूरी नहीं कर सकते। नेतन्याहू ने कहा, लोग समझते हैं कि अमेरिकी राष्ट्रपति और मैं एक-दूसरे के मुताबिक काम करते हैं। मगर यह सच नहीं है।  ट्रंप वह सब कुछ नहीं करते जो मैं चाहता हूं और न ही मैं ट्रंप की इच्छा के मुताबिक हर काम करता हूं। कभी हमारी राय एक होती है. तो कभी एक दूसरे की राय अलग होती है।

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Published By : Rupam Kumari

पब्लिश्ड 22 June 2026 at 10:12 IST