बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हिंसा जारी, एक और हिंदू युवक की मौत, पिछले 18 दिन में 7वीं 'हत्या'
बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय पर हमले जारी हैं। नाओगांव जिले में हिंदू युवक मिथुन सरकार की मौत हो गई। चोरी के शक में भीड़ ने उन्हें खदेड़ा, जिससे बचकर भागने दौरान नहर में कूदने से डूबकर मौत हो गई। यह पिछले 18 दिनों में हिंदू समुदाय पर सातवां घातक हमला है।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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Bangladesh News : बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय पर हमलों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला नाओगांव के महादेवपुर का है, जहां भीड़ से भागते समय एक हिंदू युवक नहर में कूद गया और उसकी मौत हो गई। चोरी के शक में स्थानीय लोग उसका पीछा कर रहे थे। खबरों के अनुसार, मृतक की पहचान मिथुन सरकार (25) के रूप में हुई है। पुलिस ने नहर से उसका शव बरामद कर लिया है।
बांग्लादेश में लगातार हिंदुओं को हिंसा का शिकार बनाया जा रहा है। यह घटना पड़ोसी देश में हिंदू अल्पसंख्यक शेख हसीना के सत्ता से बेदखल होने के बाद से हिंसा का सामना कर रहे हैं। बांग्लादेश में राष्ट्रीय चुनाव की तैयारी के बीच फैली व्याप्त अशांति फैली हुई है।
18 दिन में 7 मौत
यह घटना पिछले 18 दिनों में 7 हिंदुओं की मौत हो चुकी है। इन घटनाओं में भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या, गोली मारना और अन्य तरीकों से जान लेने के मामले शामिल हैं। मानवाधिकार संगठनों का मानना है कि देश में अंतरिम सरकार के कार्यकाल में अस्थिरता और चुनावी माहौल के कारण अल्पसंख्यकों की सुरक्षा चिंता का विषय बनी हुई है।
- 6 जनवरी: नरसिंगदी जिले के चारसिंदुर बाजार में किराना दुकानदार मणि चक्रवर्ती की अज्ञात हमलावरों ने हत्या कर दी।
- उसी दिन: जेसोर जिले के कपालिया बाजार में 45 वर्षीय राणा प्रताप की गोली मारकर हत्या।
- 3 जनवरी: झेनाइदह जिले में एक हिंदू महिला के साथ सामूहिक बलात्कार की घटना सामने आई, जहां आरोपियों ने उसे पेड़ से बांधकर पीटा और बाल काटे।
- 3 जनवरी: खोकन चंद्र दास नामक एक दवा और मोबाइल बैंकिंग व्यवसायी को भीड़ ने पीटा और आग लगा दी, जिससे उनकी मौत हो गई।
- 29 दिसंबर 2025: मायमेनसिंह के भालुका में गारमेंट फैक्ट्री में काम करने वाले बजेंद्र बिस्वास को गोली मार दी गई।
- 24 दिसंबर 2025: राजबारी में अमृत मंडल की उगाही के शक में भीड़ ने हत्या कर दी।
- 18 दिसंबर 2025: मायमेनसिंह में दीपू चंद्र दास को ईशनिंदा के आरोप में भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला और शव जला दिया।
भारत सरकार ने इन घटनाओं पर गहरी चिंता जताई है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि अंतरिम सरकार के कार्यकाल में अल्पसंख्यकों के खिलाफ 2,900 से अधिक हिंसा की घटनाएं दर्ज की गई हैं। बांग्लादेश में आगामी राष्ट्रीय चुनावों से पहले स्थानीय स्तर पर तनाव बढ़ा हुआ है, जिससे कई क्षेत्रों में लोग असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
मानवाधिकार संगठन बांग्लादेश हिंदू बौद्ध क्रिश्चियन यूनिटी काउंसिल ने इन हमलों को अल्पसंख्यकों के खिलाफ लक्षित हिंसा करार दिया है। पुलिस कई मामलों में जांच कर रही है और कुछ गिरफ्तारियां भी हुई हैं, लेकिन समुदाय में भय का माहौल बना हुआ है।
Published By : Sagar Singh
पब्लिश्ड 7 January 2026 at 09:17 IST