इधर ईरान जल रहा, उधर झूले पर मस्त अठखेलियां कर रही बच्ची... भीषण, भयंकर दृश्यों के बीच मासूम का VIDEO वायरल
मध्य-पूर्वी देश पिछले 28 दिनों से एक बढ़ते हुए युद्ध में उलझा हुआ है, और अभी तक युद्ध कम होने के कोई ठोस संकेत नजर नहीं आ रहे हैं।
ईरान से मासूमियत की एक बेहद दिल को छू लेने वाली और दमदार तस्वीर सामने आई है। यह मध्य-पूर्वी देश पिछले 28 दिनों से एक बढ़ते हुए युद्ध में उलझा हुआ है, और अभी तक युद्ध कम होने के कोई ठोस संकेत नजर नहीं आ रहे हैं।
ईरान के शहर बंदर अब्बास में एक छोटी बच्ची को समुद्र तट पर झूले पर खेलते हुए देखा गया। ऐसा लग रहा था कि वह नौसेना के उस अड्डे से उठते हुए काले धुएं के खौफनाक गुबार से बिल्कुल भी परेशान नहीं थी, जिस पर अभी-अभी हमला हुआ था।
जंग से अनजान मासूम बचपन
इस दृश्य ने क्षेत्रीय तनाव की पृष्ठभूमि में बचपन की मासूम भावना को उजागर किया, और यह एक कड़वी याद दिलाता है कि युद्ध का मासूम जिंदगियों पर कितना गहरा असर पड़ता है।
युद्ध की नाटकीय पृष्ठभूमि के बीच इस छोटी बच्ची के शांतिपूर्ण पल ने मासूमियत और युद्ध की भयानक सच्चाइयों के बीच के तीखे विरोधाभास को बखूबी दिखाया।
वीडियो देखें
ईरान के बच्चे युद्ध में हिस्सा लेंगे
इस छोटी बच्ची का वीडियो ऐसे समय में सामने आया है, जब ईरानी सरकार ने एक बेहद चिंताजनक फैसला लिया है। इस फैसले के तहत, बच्चों को युद्ध से जुड़े सहायक कामों में हिस्सा लेने की इजाजत दी गई है।
इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के एक अधिकारी ने गुरुवार को सरकारी मीडिया को बताया कि अब ईरान में 12 साल तक के छोटे बच्चे भी युद्ध से जुड़े सहायक कामों में हिस्सा ले सकते हैं। IRGC के सांस्कृतिक अधिकारी रहीम नदाली ने बताया कि इस पहल को "ईरान के लिए" (For Iran) नाम दिया गया है। इसका मकसद ऐसे लोगों को भर्ती करना है जो गश्त, चेकपॉइंट और लॉजिस्टिक्स (साजो-सामान के इंतजाम) जैसी गतिविधियों में मदद कर सकें।
नदाली ने कहा, "यह देखते हुए कि जो लोग आगे आ रहे हैं, उनकी उम्र कम होती जा रही है और वे खुद हिस्सा लेने की गुजारिश कर रहे हैं, हमने न्यूनतम उम्र सीमा घटाकर 12 साल कर दी है।" उन्होंने आगे कहा कि अब 12 साल के बच्चे और उनसे ज्यादा उम्र के लोग, अगर चाहें तो, इन कामों में हिस्सा ले सकते हैं।
Published By : Kunal Verma
पब्लिश्ड 27 March 2026 at 17:40 IST