अपडेटेड 17 February 2026 at 09:16 IST

कमजोर इकॉनमी, फेल लॉ एंड ऑर्डर और खराब होते रिश्‍ते...बांग्लादेश में तारिक रहमान का शपथ ग्रहण आज; कांटों से भरा होगा ताज

भारत के पड़ोसी मूल्क बांग्लादेश में आज, 17 फरवरी को नई सरकार का शपथ ग्रहण होने वाला है। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के चेयरमैन और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान अगले प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने जा रहे हैं।

Tarique Rahman | Image: X

भारत के पड़ोसी मूल्क बांग्लादेश में आज, 17 फरवरी को नई सरकार का शपथ ग्रहण होने वाला है। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के चेयरमैन और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान अगले प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने जा रहे हैं। शपथ ग्रहण समारोह के लिए कई देशों के प्रतिनिधियों को निमंत्रण मिला है, जिसमें भारत भी शामिल है। भारत की ओर से लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला देश का प्रतिनिधित्व करेंगे। इसके साथ ही उम्मीद जताई जा रही कि आज से बांग्लादेश में एक नए राजनीतिक युग की शुरुआत हो जाएगी। मगर बांग्लादेश के ताजा हालात को देखते हुए कहा जा सकता है कि तारिक रहमान के लिए यह सफर काफी चुनौतियों से भरा रहने वाला है।

12 फरवरी 2026 को हुए आम चुनावों में BNP और उसके सहयोगी दलों ने 299 में से लगभग 212 सीटें जीतकर दो-तिहाई से अधिक बहुमत हासिल किया। यह चुनाव अगस्त 2024 में शेख हसीना की सरकार के पतन के बाद हुए पहला आम चुनाव था, जिसमें अवामी लीग को चुनाव लड़ने से रोका गया था। 13वें संसदीय आम चुनावों में बीएनपी को भारी बहुमत मिलने के बाद 60 वर्षीय तारिक रहमान आज सत्ता की बागडोर संभालने जा रहे हैं।

तारिक रहमान की ताजपोशी आज

तारिक रहमान की ताजपोशी भी अलग होने वाली है। इस बार शपथ ग्रहण समारोह राष्ट्रपति भवन 'बंगभवन' के बजाय संसद भवन (जातीय संसद) के साउथ प्लाजा में आयोजित किया जा रहा है, जो लंबे समय से चली आ रही परंपरा से अलग है। जानकारी के मुताबिक, पहले सासंदों का शपथ ग्रहण होगा,जिसके लिए सुबह 10.00 बजे का समय निर्धारित किया गया है। इसके बाद शाम 4.00 बजे तारिक रहमान प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे।  इससे पहले सुबह 11:30 बजे संसदीय दल के नेता के चुनाव के लिए बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की बैठक बुलाई गई है।

तारिक रहमान बांग्लादेश के पहले पुरुष प्रधानमंत्री 

साल 1991 के बाद तारिक रहमान बांग्लादेश के पहले पुरुष प्रधानमंत्री बनेंगे, क्योंकि पिछले तीन दशकों से सत्ता पर शासन या तो खालिदा जिया ने या शेख हसीना ने किया है। तारिक रहमान अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस की जगह लेंगे। शेख हसीना के देश छोड़कर भागने के बाद मोहम्मद यूनुस अंतरिम सरकार के रूप बांग्लादेश की सत्ता संभाल रहे थे। यूनुस के कार्यकाल में भारत-बांग्लादेश संबंधों में उतार-चढ़ाव देखा गया। अब सभी की निगाहें तारिक रहमान की विदेश नीति पर टिकी हैं, खासकर भारत के साथ संबंधों को सुधारने की दिशा में उनकी पहल पर।

तारिक रहमान के सामने ये चुनौतियां

तारिक रहमान के लिए नया सफर चुनौतियों से भरा रहने वाला है। उम्मीद जताई जा रही है कि देश की नाजुक और कमजोर अर्थव्यवस्था को वो फिर से स्थिर कर पाएंगे। देश में कानून-व्यवस्था बहाल करने, धार्मिक हिंसा रोकने, कमजोर संवैधानिक संस्थाओं को मजबूत करने, भारत के साथ संबंध बहाल करने, पाकिस्तान और आईएसआई के प्रभाव को नियंत्रित करने, चीन के बढ़ते दखल को कम करने, सांप्रदायिक तनाव खत्म करने समेत कई चुनौतियां तारिक रहमान के सामने खड़ी है। 

 

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Published By : Rupam Kumari

पब्लिश्ड 17 February 2026 at 08:11 IST