अपडेटेड 5 August 2024 at 16:54 IST
देश छोड़ने पहले भाषण रिकॉर्ड करना चाहती थीं शेख हसीना, लेकिन तभी घुसे प्रदर्शनकारी और फिर...
Bangladesh Protest: AFP ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि PM शेख हसीना ने मिलिट्री हैलिकॉप्टर से उड़ान भरीं। वो देश छोड़ने से पहले भाषण रिकॉर्ड करना चाहती थीं।
Bangladesh Crisis: बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना के अपने पद से इस्तीफा देने के बाद देश की कमान सेना के हाथ आ गई है। बांग्लादेश के सेना प्रमुख जनरल वाकर-उज-जमान ने हसीना के देश छोड़कर चले जाने की खबरों के बीच टेलीविजन पर कहा कि मैं सारी जिम्मेदारी ले रहा हूं, कृपया सहयोग करें। सेना प्रमुख ने कहा कि उन्होंने नेताओं से मुलाकात की और उन्हें बताया कि सेना कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालेगी।
पिछले दो दिनों में शेख हसीना सरकार के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शनों में 100 से अधिक लोगों की मौत हुई है। बांग्लादेश पीएम पद से इस्तीफा देने के बाद शेख हसीना भारत पहुंचीं हैं। खबर है कि वो दिल्ली से लंदन के लिए फ्लाइट ले सकती हैं। आर्मी चीफ ने ऐलान किया है कि 48 घंटे में अंतरिम सरकार का गठन करेंगे। उन्होंने सेना और पुलिस को फायरिंग रोकने के आदेश दिए हैं। बांग्लादेश के हालात पर भारत की भी पैनी नजर है। बांग्लादेश-भारत बोर्डर पर हाई अलर्ट जारी किया गया है। बॉर्डर पर BSF जवानों की संख्या भी बढ़ाई गई है।
भाषण रिकॉर्ड करना चाहती थीं शेख हसीना
बांग्लादेश में हजारों प्रदर्शनकारियों के सोमवार को 'लॉन्ग मार्च टू ढाका' का ऐलान किया था। सरकार ने प्रदर्शनकारियों के आह्वान के बाद सुबह ही इंटरनेट को पूरी तरह बंद करने का आदेश दे दिया था। दोपहर होते-होते देश में हालत बेहद खराब हो गए। बांग्लादेश की राजधानी ढाका में हजारों प्रदर्शनकारी प्रधानमंत्री शेख हसीना के आधिकारिक आवास में घुस गए। बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों ने सैन्य कर्फ्यू का उल्लंघन करते हुए राजधानी की तरफ मार्च किया।
AFP ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि पीएम शेख हसीना ने सोमवार दोपहर 2:30 बजे एक मिलिट्री हैलिकॉप्टर से उड़ान भरीं। शेख हसीना अपना देश छोड़ने से पहले एक भाषण रिकॉर्ड करना चाहती थीं, लेकिन उन्हें इसका भी मौका नहीं मिला। प्रधानमंत्री शेख हसीना को अपने पद से इस्तीफा देने के लिए बांग्लादेश की सेना ने 45 मिनट का अल्टीमेटम दिया था। इसी बीच उनके आवास में सैकड़ों प्रदर्शनकारी घुस गए।
क्यों हो रहे हिंसक प्रदर्शन?
बांग्लादेश में प्रदर्शनकारी उस कोटा प्रणाली को खत्म करने की मांग कर रहे हैं, जो 1971 में पाकिस्तान के खिलाफ बांग्लादेश के मुक्ति संग्राम में हिस्सा लेने वाले लोगों के परिजनों के लिए दिया गया था। ये आरक्षण सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत है। प्रदर्शनकारी 1971 में पाकिस्तान के खिलाफ मुक्ति संग्राम में लड़ने वाले नायकों के रिश्तेदारों के लिए सार्वजनिक क्षेत्र की कुछ नौकरियों को आरक्षित करने की प्रणाली के खिलाफ रैलियां कर रहे थे। उनका तर्क है कि यह भेदभाव है। छात्र चाहते हैं कि योग्यता के आधार पर नौकरियां दी जाएं।
शेख हसीना आरक्षण का बचाव कर रही थीं, उन्होंने कहा था कि संघर्ष में योगदान देने वालों को सम्मान मिलना चाहिए। विरोध अधिक बढ़ने के बाद आरक्षण पर बांग्लादेश की सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी थी। कोर्ट ने बांग्लादेश के मुक्ति संग्राम में हिस्सा लेने वाले लोगों के परिजनों 5 प्रतिशत आरक्षण देने का ऐलान किया था। इसके बाद प्रदर्शनकारी छात्र शेख हसीना के इस्तीफे की मांग करने लगे और फिर से प्रदर्शन शुरु हो गए।
Published By : Sagar Singh
पब्लिश्ड 5 August 2024 at 16:54 IST