पूरे यूरोप में भीषण गर्मी का कहर, इटली के 27 शहरों में रेड अलर्ट जारी, ऑस्ट्रिया और स्लोवाकिया में टूटे रिकॉर्ड

Europe में भीषण गर्मी ने कहर बरपा दिया है। इटली, ऑस्ट्रिया, फ्रांस और स्लोवाकिया में तापमान 40°C से 42°C तक पहुंच गया है। रोम में रेड अलर्ट, ऑस्ट्रिया में नया रिकॉर्ड, फ्रांस में जंगल में आग और नदियां सूख रही हैं। यह सिर्फ गर्मी नहीं, बल्कि जलवायु परिवर्तन की चेतावनी है। इस वीडियो में जानें पूरी स्थिति, खतरे और हमें क्या करना चाहिए।

पूरे यूरोप में भीषण गर्मी का कहर | Image: Republic

Europe heatwave 2026: इस बार यूरोप ने पूरी दुनिया को ये संकेत दे दिया है कि गर्मी अब महज मौसम नहीं रही, यह हम सबके लिए खतरा बन चुकी है। इटली से लेकर ऑस्ट्रिया, फ्रांस, स्लोवाकिया और पूरे यूरोप तक एक भयंकर हीट वेव ने कहर बरपा रखा है। तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, और कई जगहों पर नए-नए रिकॉर्ड टूट रहे हैं। यह सिर्फ गर्मी नहीं, बल्कि एक चेतावनी है। हर देश के लिए और हर इंसान के लिए।

इटली में इस बार गर्मी इतनी अधिक पड़ रही है कि सभी शहर रेड अलर्ट पर चले गए हैं, तापमान 40 डिग्री से ऊपर पहुंच गया और लोग घरों में बंद रहने को मजबूर हो गए हैं। यही हाल इन दिनों पूरे यूरोप का है। कई जगहों पर नए-नए रिकॉर्ड टूट रहे हैं। इटली, ऑस्ट्रिया, फ्रांस, हंगरी, लगभग पूरा महाद्वीप भीषण गर्मी की चपेट में है।

इटली में स्वास्थ्य मंत्रालय ने पहली बार इस साल देश के सभी 27 प्रमुख शहरों को रेड अलर्ट पर रख दिया है। उत्तर में ट्रिएस्ट से लेकर दक्षिण में सिसिली के पलेर्मो तक हर जगह सबसे ऊंचे स्तर की चेतावनी जारी की गई है। अब सिर्फ बुजुर्ग या बीमार लोग ही नहीं, पूरी जनसंख्या खतरे में है।

रोम में पर्यटक परेशान

रोम में कोलोसियम के पास पर्यटक हाथों में पंखे और पानी की बोतलें लेकर खड़े हैं। शहर ने टाइबर नदी के किनारे एक अर्बन बीच भी खोल दिया है, ताकि लोग पानी में राहत पा सकें। कोलोसियम और पैंथियन जैसे स्मारकों में शाम के समय खुलने के घंटे बढ़ा दिए गए हैं।  

लोगों को सलाह दी जा रही है कि दिन के सबसे गर्म समय में धूप में न निकलें, घर के अंदर रहें और खूब पानी पिएं। रोम में ऐतिहासिक स्थलों के खुलने का समय शाम तक बढ़ा दिया गया है। वहां मिस्ट फैन लगाए गए हैं और मेडिकल स्टेशन भी। रोम वालों के लिए तिबर नदी के किनारे एक मुफ्त अर्बन बीच भी बनाया गया है, जहां परिवार पानी में ठंडक महसूस कर सकें।

ऑस्ट्रिया और स्लोवाकिया में टूटे रिकॉर्ड  

ऐसा ही हाल ऑस्ट्रिया में है। बुधवार को एक गांव में तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया, जो देश का अब तक का सबसे अधिक तापमान है। स्लोवाकिया में तो 42.2 डिग्री दर्ज हुआ। फ्रांस के दक्षिण-पूर्व में जंगल की आग भड़क रही है। एक बड़ी आग ने 60 वर्ग किलोमीटर से ज्यादा क्षेत्र जला दिया है। जंगली आग बुझाने में फायर फाइटर्स लगे हुए हैं और सर्बिया में भी आग फैल रही है। हंगरी में दान्यूब नदी का पानी इतना कम हो गया कि परमाणु बिजलीघर की क्षमता सिर्फ 10 प्रतिशत रह गई। लोगों और कंपनियों से बिजली बचाने की अपील की जा रही है।

अगर आप इसे सिर्फ एक मौसम की खबर समझ रहे हैं, तो गलती रह रहे हैं। वैज्ञानिक और अधिकारी बार-बार कह रहे हैं कि जलवायु परिवर्तन की वजह से ऐसी भीषण गर्मी के दिन पहले से ज्यादा बार और ज्यादा तेज आ रहे हैं। नदियों का पानी सूख रहा है, बिजली उत्पादन प्रभावित हो रहा है, परिवहन रुक रहा है और पर्यटन भी मुश्किल में है।  

ये देखकर वाकई थोड़ी चिंता होती है। यूरोप जैसे विकसित देशों में गर्मी से लोग परेशान हैं। प्रकृति हमें साफ संदेश दे रही है कि हमें ज्यादा सावधान और जिम्मेदार बनना होगा। गर्मी का ये प्रकोप हमें याद दिलाता है कि प्रकृति के साथ संतुलन बनाए रखना कितना जरूरी है। अगर आज यूरोप इस तरह तप रहा है, तो आने वाले सालों में हमारे देश में भी ऐसी स्थितियां आम हो सकती हैं।

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Published By : Sagar Singh

पब्लिश्ड 7 August 2026 at 22:19 IST