'कोई लिखता है, अफवाह फैलती है...', केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने गैस की कीमत बढ़ने की अटकलों पर लगाया विराम

केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कुकिंग गैस पर किसी भी नए टैक्स की संभावना को खारिज करते हुए मीडिया में चल रही अटकलों पर विराम लगा दिया। 7वें CII इंटरनेशनल एनर्जी कॉन्फ्रेंस में उन्होंने साफ किया कि सरकार के पास ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है और बेबुनियाद खबरों से बचने की सलाह दी।

  • Facebook Share Icon
  • Twitter Share Icon
  • WhatsApp Share Icon
 
Follow : Google News Icon
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने गैस की कीमत बढ़ने की अटकलों पर लगाया विराम
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने गैस की कीमत बढ़ने की अटकलों पर लगाया विराम | Image: ANI

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कुकिंग गैस पर किसी भी तरह का नया टैक्स लगाने की खबरों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। 7वें CII इंटरनेशनल एनर्जी कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार के पास ऐसा कोई प्रस्ताव विचारधीन नहीं है। उन्होंने बिना पुष्टि की गई मीडिया रिपोर्टों पर नाराजगी जताते हुए कहा कि बिना आधार के फैली अफवाहों पर सरकार से जवाब मांगना सही नहीं है।

E20 पेट्रोल पूरी तरह सुरक्षित, मिलावट के दावे गलत

इथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल E20 पर उठी चिंताओं को दूर करते हुए मंत्री ने कहा कि भारत का ईंधन सप्लाई नेटवर्क पूरी तरह सुरक्षित है। देशभर के पेट्रोल पंपों से रोजाना लगभग 2,000 सैंपल लेकर गहन जांच की गई। कुल 1,07,000 रिटेल आउटलेट्स में से केवल चार जगह ही गड़बड़ी पाई गई। उन्होंने कहा कि कुछ लोग जानबूझकर आंकड़ों को गलत तरीके से पेश कर रहे थे, जबकि असल स्थिति बिल्कुल सामान्य है।

मजबूत बुनियादी ढांचा और पर्याप्त तेल भंडार

2014 में देश में जहां 52,000 पेट्रोल पंप थे, वहीं आज इनकी संख्या बढ़कर 1,07,000 हो चुकी है। वैश्विक संकटों के बावजूद भारत के किसी भी पेट्रोल पंप पर ईंधन की कमी नहीं हुई। पेट्रोलियम मंत्री ने बताया कि भारत के पास फिलहाल लगभग 74 दिनों की आवश्यकता का रणनीतिक तेल भंडार उपलब्ध है। अलग-अलग देशों से कच्चा तेल खरीदने और बेहतर तकनीक की वजह से भारत का ऊर्जा क्षेत्र बेहद मजबूत स्थिति में है।

वैश्विक स्तर पर बढ़ता भारत का ऊर्जा दबदबा

भारत आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा ऊर्जा उपभोक्ता और आयातक है, वहीं रिफाइनिंग के मामले में चौथे स्थान पर है। आने वाले साल में 2025-2050 तक दुनिया भर में तेल की मांग में होने वाली कुल बढ़ोतरी में भारत की हिस्सेदारी लगभग 30% होगी। एक तरफ जहां यूरोप और अमेरिका में रिफाइनिंग क्षमता घट रही है, वहीं भारत तेजी से अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए विस्तार कर रहा है।

Advertisement

LPG की सप्लाई और कच्चे तेल के नए प्रोजेक्ट्स

खाड़ी देशों से LPG सप्लाई में आने वाली रुकावटों से निपटने के लिए भारत ने अपने घरेलू LPG उत्पादन को रोजाना 34,000 मीट्रिक टन से बढ़ाकर 55,000 मीट्रिक टन कर दिया है। इसके अलावा, भारत अब अपनी कुल LPG जरूरत का लगभग 67% अमेरिका से आयात करता है, जिससे खाड़ी क्षेत्र पर निर्भरता कम हुई है।

पुरानी खदानों से उत्पादन बढ़ाने के लिए ONGC, ब्राजील की पेट्रोब्रास और BP मिलकर काम कर रहे हैं। मुंबई हाई में उत्पादन फिर शुरू करने के लिए सरकार ड्रिलिंग खर्च का 50% तक योगदान देगी।

Advertisement

टैक्स कटौती से जनता को मिली राहत 

वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल के दामों में उतार-चढ़ाव के बावजूद, केंद्र सरकार द्वारा एक्साइज ड्यूटी में की गई कटौती के कारण भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम काबू में रहे। सरकार ने नवंबर 2021, मई 2022 और मार्च 2026 में कुल मिलाकर लगभग 10 रुपये प्रति लीटर तक टैक्स घटाया। यही वजह है कि भारत में ईंधन की दरें पड़ोसी देशों और यूरोपीय देशों की तुलना में काफी कम और सस्ती बनी हुई हैं।

ये भी पढ़ें - JPSC-JSSC Protest: '13 तारीख तक पेपर लीक विवाद हल नहीं हुआ तो मैं करूंगा भूख हड़ताल...', BJP सांसद निशिकांत दुबे ने हेमंत सरकार को दी चेतावनी

Published By:
 Aarya Pandey
पब्लिश्ड