Flydubai Pilot: कैप्टन मच्छार पर हमला करने वाले ओमानी को-पायलट की हुई पहचान, कटरपंथी विचार धारा का निकला हमाम अल-हमामी; रिपोर्ट्स में बड़ा खुलासा
भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला करने वाले को-पायलट का नाम हमाम अल-हमामी बताया जा रहा है। आरोप है कि वह चरमपंथी विचारधारा का था। ओमान में इसके Fly करने पर रोक थी।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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फ्लाईदुबई की तेल अवीव जा रही फ्लाइट में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला करने वाले को-पायलट की पहचान हो गई है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस घटना में शामिल को-पायलट ओमान का नागरिक है और उसका नाम हमाम अल-हमामी बताया जा रहा है। उस पर फ्लाइट को हाईजैक करने की कोशिश करने का भी आरोप है।
अल अरेबिया इंग्लिश की रिपोर्ट के मुताबिक, हमाम अल-हमामी पहले ओमान की राष्ट्रीय एयरलाइन ओमान एयर में काम कर चुका है। आरोप है कि वह चरमपंथी विचारधारा का था। इसी आदत के कारण ओमान एयर ने उसे 2024-25 में नौकरी से निकाल दिया था। बताया जाता है कि सीरिया में रहने के दौरान हमाम अल-हमामी कट्टरपंथी विचारों के प्रभाव में आ गया था।
ओमान में नहीं रहता हमाम अल-हमामी
अल अरबिया और CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, चरमपंथी विचारों को लेकर अधिकारियों द्वारा उड़ान भरने से रोके जाने के बाद अल-हमामी ओमान छोड़कर चला गया था। सूत्रों के हवाले से यह भी बताया गया कि ओमान का यह को-पायलट ज्यादातर समय देश के बाहर, खासकर सीरिया में रहा था, जहां UAE आने से पहले वह चरमपंथी विचारों से प्रभावित हुआ था।
फ्लाईदुबई के फैसले पर उठा सवाल
चौंकाने वाली बात यह है कि फ्लाईदुबई ने बिना उचित बैकग्राउंड चेक किए ही उसे नौकरी पर रख लिया। उसकी मां सीरियाई मूल की हैं। वहीं, CNN ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि चरमपंथी विचारों को लेकर चिंता के कारण ओमान के इस को-पायलट को पिछले साल ओमान की नेशनल एयरलाइन में उसकी पिछली नौकरी से हटा दिया गया था। लेकिन बाद में उसे एयरलाइन में दूसरे काम का जिम्मा सौंपा गया था।
पिता ओमान के और मां सीरिया की
एक अन्य सूत्र ने CNN को बताया कि अल-हमामी का जन्म संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में हुआ था। उसके पिता ओमान के और मां सीरिया की थीं और उसने अपनी जिंदगी के कई साल UAE में बिताए थे। संदिग्ध को सऊदी अरब (जहा विमान उतरा था) से UAE भेज दिया गया, जहां उस पर आतंकवाद से जुड़ी जांच चल रही है।
ओमान ने Fly करने पर लगाई थी रोक
एक इजरायली अधिकारी ने CNN को बताया कि संदिग्ध ने फ्लाईदुबई के लिए सिर्फ आठ महीने काम किया था, जबकि एक तीसरे सूत्र ने कहा कि उसने पहले रॉयल एयर मारोक के लिए काम किया था। इन रिपोर्टों ने इस बात पर भी सवाल उठाए हैं कि ओमान के नागरिक को तेल अवीव जाने वाली फ्लाइट में पायलट के तौर पर काम करने की इजाजत कैसे मिली, जबकि ओमान इजराइल को मान्यता नहीं देता है।
आतंकी एंगल से भी हो रही जांच
कई इजरायली एजेंसियां इस बात की जांच कर रही हैं कि ओमान का यह पायलट फ्लाइट क्रू का हिस्सा कैसे बना। सूत्रों के मुताबिक, ओमान के को-पायलट के सामान में "फ्री फिलिस्तीन" ग्रुप के पर्चे और पब्लिकेशन के साथ-साथ फिलिस्तीन-समर्थक सामग्री भी मिली थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि उसके कथित इस्लामी कट्टरपंथ और संभावित आतंकवादी इरादों की व्यापक जांच के हिस्से के तौर पर इसकी जांच की जा रही है।
फ्लाईदुबई की फ्लाइट में क्या हुआ था?
बता दें कि दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में को-पायलट (ओमानी नागरिक) ने विमान को क्रैश करने की कोशिश की थी। उसने भारतीय कैप्टन स्मित पर चाकू (या कुल्हाड़ी जैसे हथियार) से जानलेवा हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। लहूलुहान हालत में भी कैप्टन स्मित ने कॉकपिट का दरवाजा खोला, जिससे चालक दल और यात्रियों को हमलावर को काबू करने में मदद मिली। इसके बाद विमान को सुरक्षित रूप से सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर डायवर्ट कर लैंड कराया गया।
Published By : Rupam Kumari
पब्लिश्ड 3 October 2026 at 09:39 IST