होर्मुज में भीषण धमाका, स्ट्रेट से गुजर रहे ऑयल टैंकर में माइन से टकराने के बाद ब्लास्ट

इस जलमार्ग से गुजर रहा एक ऑयल टैंकर समुद्र में बिछाई गई माइन (नौसैनिक बारूदी सुरंग) से टकरा गया, जिसके बाद जोरदार धमाका हुआ और टैंकर में आग लग गई।

प्रतीकात्मक | Image: AP/Representative

रणनीतिक रूप से बेहद अहम माने जाने वाले होर्मुज जलडमरूमध्य में एक बार फिर तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। ईरान की अर्धसरकारी समाचार एजेंसी तस्नीम के अनुसार, इस जलमार्ग से गुजर रहा एक ऑयल टैंकर समुद्र में बिछाई गई माइन (नौसैनिक बारूदी सुरंग) से टकरा गया, जिसके बाद जोरदार धमाका हुआ और टैंकर में आग लग गई।

तस्नीम न्यूज एजेंसी, जिसे ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (आईआरजीसी) से जुड़ा माना जाता है, ने बताया कि हादसे का शिकार हुआ टैंकर ईरान द्वारा निर्धारित सुरक्षित रूट को छोड़कर किसी अन्य मार्ग से गुजर रहा था, जिसके चलते वह माइन की चपेट में आ गया। एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना जलडमरूमध्य के उस हिस्से में हुई, जिसे ईरानी नौसेना पहले ही खतरनाक और असुरक्षित घोषित कर चुकी थी।

अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं

घटना को लेकर ईरानी सरकार या नौसेना की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। धमाके में हताहतों की संख्या, टैंकर पर सवार चालक दल की स्थिति और जहाज का झंडा किस देश का है, इसकी भी अभी पुष्टि नहीं हो पाई है। अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों या शिपिंग कंपनियों की ओर से भी स्वतंत्र रूप से इस घटना की पुष्टि नहीं हो सकी है।

होर्मुज में तनाव लगातार बढ़ रहा

गौरतलब है कि पिछले कुछ हफ्तों से होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव लगातार बढ़ रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य टकराव के बीच आईआरजीसी पहले ही चेतावनी दे चुकी है कि जब तक अमेरिकी "आक्रामकता" बंद नहीं होती, तब तक जलडमरूमध्य का दक्षिणी हिस्सा पूरी तरह असुरक्षित और बंद रहेगा। ईरानी नौसेना का दावा है कि इस क्षेत्र में माइनें बिछाई जा चुकी हैं, और जो भी जहाज बिना समन्वय के इस रूट से गुजरने की कोशिश करेगा, उसे भारी नुकसान झेलना पड़ सकता है।

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे व्यस्त और रणनीतिक रूप से संवेदनशील समुद्री मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। ऐसे में इस तरह की घटनाएं वैश्विक तेल बाजार में हलचल पैदा कर सकती हैं और कच्चे तेल की कीमतों पर असर डाल सकती हैं। स्थिति पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर बनी हुई है, और आगे की जानकारी सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट होगी।

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Published By : Kunal Verma

पब्लिश्ड 26 July 2026 at 18:47 IST