Kim Jong Un: युद्धपोत की असफल लॉन्चिंग पर किम जोंग का गुस्सा सातवें आसमान पर, कहा- दोषियो को देंगे मौत की सजा, उत्तर कोरिया में हड़कंप
किम जोंग उन के निर्देश पर युद्धपोत की विफल लॉन्चिंग के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की गिरफ्तारी की प्रक्रिया शुरू हो गई है। सैन्य समिति ने इसे 'अक्षम्य अपराध' करार देते हुए स्पष्ट किया है कि दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। इस घटनाक्रम के बाद उत्तर कोरियाई प्रशासन में हलचल तेज हो गई है।
उत्तर कोरिया में एक बड़ी नौसैनिक चूक के बाद कई उच्च अधिकारियों पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। बीते बुधवार को उत्तर कोरिया की नौसेना के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माने जा रहे एक नए विध्वंसक युद्धपोत का जलावतरण (लॉन्चिंग) समारोह आयोजित किया गया था। लेकिन यह ऐतिहासिक क्षण उस समय शर्मनाक हादसे में बदल गया, जब युद्धपोत पानी में उतरते ही क्षतिग्रस्त हो गया। इस समारोह में उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन स्वयं मौजूद थे। युद्धपोत के क्षतिग्रस्त होने पर उन्होंने मौके पर ही कड़ी नाराजगी जताई और इसे 'आपराधिक लापरवाही' का नतीजा बताया। उनके इस गुस्से के बाद अब यह स्पष्ट हो गया है कि शासन इस घटना को हल्के में नहीं ले रहा।
हालिया रिपोर्टों के अनुसार, किम जोंग उन के निर्देश पर युद्धपोत की विफल लॉन्चिंग के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की गिरफ्तारी की प्रक्रिया शुरू हो गई है। सैन्य समिति ने इसे 'अक्षम्य अपराध' करार देते हुए स्पष्ट किया है कि दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। इस घटनाक्रम के बाद उत्तर कोरियाई प्रशासन में हलचल तेज हो गई है और उन अधिकारियों पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है जो इस तकनीकी विफलता या प्रबंधन की चूक के लिए जिम्मेदार माने जा रहे हैं। यह हादसा न केवल सैन्य प्रतिष्ठा पर सवाल खड़े कर रहा है, बल्कि शासन की सख्ती का भी एक नया संकेत बनकर उभरा है। उधर, सैटेलाइट इमेज में जहाज को एक तरफ झुका हुआ दिखाया गया है, जिस पर नीले रंग की चादरें डाली गई हैं और इसके कुछ हिस्से पानी में डूबे हुए नजर आ रहे हैं।
हादसे में वॉरशिप को कितना नुकसान?
उत्तर कोरिया का दावा है कि जहाज की मरम्मत में करीब 10 दिन लगेंगे, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि जहाज की वास्तविक क्षति काफी गंभीर हो सकती है और यह अवधि पर्याप्त नहीं है। उत्तर कोरिया की सरकारी मीडिया ने शुक्रवार को कहा कि 5,000 टन वर्ग के इस विध्वंसक को गंभीर नुकसान नहीं हुआ है। इससे पहले दी गई रिपोर्ट को वापस लेते हुए कहा गया कि जहाज के निचले हिस्से में छेद नहीं हैं। रिपोर्ट में बताया गया कि जहाज के दाहिने हिस्से (स्टारबोर्ड साइड) पर खरोंचें आई हैं और पिछले हिस्से (स्टर्न) में कुछ समुद्री पानी भर गया है। सरकारी बयान में कहा गया कि अब जहाज से पानी निकालने, उसे सीधा करने और खरोंचें ठीक करने में लगभग 10 दिन लगेंगे। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों का मानना है कि वास्तविक क्षति को कम करके पेश किया जा रहा है और यह उत्तर कोरिया की छवि बचाने का प्रयास हो सकता है।
यह लॉन्चिंग किम जोंग उन के लिए क्यों महत्वपूर्ण?
उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन अपने देश को बाहरी खतरों से सुरक्षित रखने के लिए शक्तिशाली नौसेना बल तैयार करने में जुटे हैं। इसी रणनीति के तहत बुधवार को उत्तर कोरियाई नौसेना के लिए एक अत्याधुनिक 5,000 टन वजनी विध्वंसक युद्धपोत का जलावतरण होना था। यह लॉन्चिंग किम जोंग की सैन्य महत्वाकांक्षा का एक अहम पड़ाव मानी जा रही थी। हालांकि, यह बहुप्रतीक्षित समारोह उस समय विवादों में घिर गया जब युद्धपोत को पानी में उतारते वक्त एक बड़ी तकनीकी चूक हो गई। लॉन्चिंग के दौरान युद्धपोत रैंप से फिसलकर बीच में ही फंस गया, जिससे उसका संतुलन बिगड़ गया। इस दुर्घटना में जहाज का निचला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया और पूरे कार्यक्रम की प्रतिष्ठा पर सवाल खड़े हो गए। यह घटना किम जोंग उन के लिए केवल एक तकनीकी असफलता नहीं, बल्कि उनकी सैन्य तैयारियों और रणनीतिक योजनाओं को भी झटका देने वाली साबित हुई है। माना जा रहा है कि इस विफलता के पीछे की लापरवाही को लेकर अब सख्त कदम उठाए जा रहे हैं और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई तय है।
Published By : Ravindra Singh
पब्लिश्ड 23 May 2025 at 19:07 IST