Nepal Flood: नेपाल बाढ़ त्रासदी में 530 से ज्यादा लोगों की मौत, 1400 लापता और 3742 जिंदगियां बचाई, जानिए रेस्क्यू के ताजा हालात

भीषण बाढ़ ने अपनी चपेट में कई गांव और शहरों को ले लिया। इससे नेपाल के कई जिले प्रभावित हैं। सबसे ज्यादा नुकसान रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, गोरखा, नवलपरासी, चितवन आदि इलाकों में हुआ है। बाढ़ का मलबा नीचे के मैदानी इलाकों तक पहुंच गया है। ऐसे में राहत-बचाव कार्य में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। फिर भी नेपाली सेना ने अब तक अपने रेस्क्यू ऑपरेशन के जरिए करीब 3742 लोगों को बचा लिया है।

नेपाल बाढ़ त्रासदी के बाद बढ़ा मौत का आंकड़ा | Image: AP

नेपाल इतिहास के अपने सबसे बड़ी बाढ़ त्रासदी झेल रहा है। पड़ोसी देश के भोटेकोशी-त्रिशूली नदी के आसपास आई बाढ़ में मौत का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। राहत-बचाव काम तेजी से चल रहा है लेकिन जगह-जगह जमे गाद के कारण दिक्कतें आ रही हैं। खास कर पहाड़ी इलाकों के ऊपरी हिस्सों में बचाव कार्य में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक नेपाल में बाढ़ के कारण मरने वालों की संख्या 530 से ज्यादा हो गई है। इस बीच नेपाल में बाढ़ का नया अलर्ट जारी किया गया है। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा रहा है।

भोटेकोशी बाढ़ में कितने लोगों की मौत?

पड़ोसी देश नेपाल में बाढ़ के बाद हालात और खराब हो गए हैं। राहत बचाव कार्य में नेपाल की सेना अपनी पूरी ताकत के साथ लगी हुई है। नेपाल पुलिस के मुताबिक भोटेकोशी बाढ़ के बाद अब तक 475 शव बरामद किए जा चुके हैं। जबकि दूसरी मीडिया रिपोर्ट्स में मौत का आंकड़ा 389 तक पहुंच चुका है। राहत-बचाव कार्यों के बीच अब भी 1400 लोग लापता हैं। बाढ़ के ताजा अलर्ट ने लोगों को दहशत में डाल दिया है।

कौन से इलाके ज्यादा प्रभावित हैं?

भीषण बाढ़ ने अपनी चपेट में कई गांव और शहरों को ले लिया। इससे नेपाल के कई प्रभावित हैं। सबसे ज्यादा नुकसान रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, गोरखा, नवलपरासी, चितवन आदि इलाकों में हुआ है। बाढ़ का मलबा नीचे के मैदानी इलाकों तक पहुंच गया है। ऐसे में राहत-बचाव कार्य में काफी मशक्कत का सामना करना पड़ रहा है। फिर भी नेपाली सेना ने अब तक अपने रेस्क्यू ऑपरेशन के जरिए करीब 3742 लोगों को बचा लिया है। राहत-बचाव कार्य के बीच सेना ने अब तक 489 शवों को बरामद कर लिया है। इनमें से 393 की शिनाख्त नहीं हो सकी है।

बाढ़ का नया अलर्ट जारी होने से दहशत

नेपाल में बाढ़ का एक नया अलर्ट जारी किया गया है। इसके बाद सबसे ज्यादा प्रभावित त्रिशूली इलाके से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा रहा है। इस अलर्ट के बाद स्थानीय लोगों को आवागमन से रोका जा रहा है। बचाव कार्य में लगे वाहन वापस लौट रहे हैं। अर्लट के बाद कुछ इलाकों में जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा गया है। इस बीच नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने आज शुक्रवार 28 अगस्त को प्रधानमंत्री कार्यालय में मंत्रिमंडल की बैठक बुलाई और नेपाल के हालात की समीक्षी की।

चीन के सिचुआन जिले में 5.1 तीव्रता का भूकंप

अभी नेपाल में राहत-कार्य पूरा भी नहीं हुआ है कि शुक्रवार सुबह चीन के सिचुआन प्रांत में 5.1 तीव्रता का भूकंप आया। इसके बाद नेपाल में फिर बाढ़ की चेतावनी जारी कर दी गई। भूकंप का केंद्र दक्षिण-पश्चिम चीन के सिचुआन प्रांत के लोंगचांग शहर में रहा। भूकंप के झटकों ने लोगों को झकझोर दिया। लोग घरों से बाहर आ गए। नेपाल पुलिस ने अलर्ट जारी करते हुए कहा कि तिब्बत की ओर से एक बांध फिर टूट गया है। ऐसे में राहत बचाव कार्यों में लगे सभी सुरक्षाकर्मियों और आम जनता से अनुरोध किया गया है कि सतर्क रहें और सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं।

इस बीच गुरुवार को नेपाल के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र से तमिलनाडु के सुरक्षित बचाए गए 21 लोग राजधानी काठमांडू पहुंच गए हैं। विदेश मंत्रालय ने बताया है कि भारतीय राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने भारत लौटने से पहले उनसे उनका हाल चाल जाना।

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Published By : Sujeet Kumar

पब्लिश्ड 28 August 2026 at 15:03 IST