'हमें पाकिस्ताना पर भरोसा नहीं...', अमेरिका के दोस्त इजरायल ने लगाई लताड़, अब्राहम अकॉर्ड पर दो तरफा घिरा पड़ोसी PAK
इजरायल पाकिस्तान को भरोसे के काबिल नहीं मानता क्योंकि पाकिस्तान बार-बार इजरायल के खिलाफ नफरत भरे बयान देता है। इजरायल शांति चाहता है, लेकिन इसके लिए दूसरे देशों को भी अपना रवैया बदलना होगा।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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इजरायल के भारत में राजदूत रूवेन अजार (Reuven Azar) ने पाकिस्तान पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा है कि इजरायल पाकिस्तान पर भरोसा नहीं करता। उन्होंने पाकिस्तान की एंटी-सेमिटिक (यहूदियों के खिलाफ) टिप्पणियों को लेकर नाराजगी जताई।
रेवेन अजार ने दिल्ली में ‘ग्रेटर वेस्ट एशिया फोरम’ के मौके पर यह बात कही। उन्होंने कहा, “हम पाकिस्तान पर भरोसा नहीं करते क्योंकि वे इजरायल के खिलाफ बहुत बुरी एंटी-सेमिटिक बातें करते हैं।”
क्यों कहा ऐसा?
पाकिस्तान ने हाल ही में इजरायल के खिलाफ यहूदी-विरोधी बयान दिए थे। इजरायली राजदूत ने इन्हें बहुत खतरनाक बताया। उन्होंने कहा कि जब तक पाकिस्तान अपना नजरिया नहीं बदलता, तब तक वह अब्राहम समझौते (Abraham Accords) में शामिल नहीं हो सकता।
अब्राहम समझौते पर क्या कहा?
अब्राहम समझौते (Abraham Accords) में कई अरब देशों ने इजरायल के साथ शांति और संबंध बनाने का फैसला किया था। पाकिस्तान ने अब्राहम समझौते को ठुकरा दिया है। इस पर राजदूत अजार ने कहा कि इन समझौतों में शामिल होने के लिए सिर्फ कागज पर हस्ताक्षर करने से काम नहीं चलेगा। इसके लिए सोच और नजरिये में बड़ा बदलाव लाना जरूरी है।
उन्होंने यह भी कहा कि इजरायल इस इलाके का मूल निवासी है। इस बात को इस्लामिक ग्रंथों समेत कई धार्मिक किताबों में लिखा गया है। जो लोग इसे मानने को तैयार नहीं, उन्हें शांति की राह पर चलना मुश्किल होगा।
हिजबुल्लाह और लेबनान पर बात
इजरायल राजदूत ने बताया कि मार्च में हिजबुल्लाह ने बिना वजह हमला किया और युद्धविराम तोड़ दिया। उसके बाद से हिजबुल्लाह ने 1000 से ज्यादा रॉकेट दागे हैं, जिसमें 12 से ज्यादा इजरायली नागरिक और सैनिक मारे गए। उन्होंने साफ किया कि इजरायल का लेबनान देश के साथ कोई झगड़ा नहीं है। समस्या सिर्फ हिजबुल्लाह नाम के चरमपंथी संगठन से है, जो इजरायल को मिटाने की बात करता है।
उन्होंने भारत की तारीफ करते हुए कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेज बढ़ती अर्थव्यवस्था है। अगर पश्चिम एशिया में स्थिरता आई तो भारत के साथ व्यापार और निवेश से पूरे क्षेत्र को फायदा होगा।
Published By : Sagar Singh
पब्लिश्ड 1 June 2026 at 19:25 IST