नहीं रुक रहे नेतन्याहू, ईरान-अमेरिका डील के एक दिन बाद ही इजरायल ने लेबनान पर किए ताबड़तोड़ हमले, 16 लोगों की मौत; क्या करेंगे ट्रंप?
इजरायली सेना ने एक बार फिर लेबनान के दक्षिणी इलाकों में भारी बमबारी की है। इस हमले में कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई है। इन हमलों ने एक बार फिर ईरान-अमेरिका समझौते पर सवाल खड़े कर दिए।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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दक्षिणी लेबनान में शुक्रवार को एक फिर से हिंसा भड़क गई। ईरान और अमेरिका के बीच हुए शांति समझौते के 24 घंटे भी नहीं हुए थे कि हिज्बुल्लाह और इजरायल के बीच संघर्ष शुरू हो गया। इजरायली सेना के भीषण बमबारी में 16 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल बताए जा रहे हैं। ईरान-अमेरिका के बीच हुए समझौते में इजरायल और लेबनान के बीच लड़ाई रोकने की बात कही गई थी, फिर भी ये हमले जारी हैं। अब सवाल उठ रहा है कि राष्ट्रपति ट्रंप क्या करेंगे?
हमले की पुष्टि करते हुए इजरायल डिफेंस फोर्स (IDF) ने एक बयान में कहा कि उन्होंने रात भर दक्षिणी लेबनान में कई हमले किए। ये हमले हिज्बुल्लाह द्वारा सीजफायर के बार-बार उल्लंघन का जवाब में था। वहीं, लेबनान की सरकारी नेशनल न्यूज एजेंसी ने बताया कि दक्षिणी लेबनान के अलग-अलग हिस्सों में इजरायली हवाई हमलों में कम से कम 16 लोग मारे गए।
दक्षिणी लेबनान में IDF ने किया हमला
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने साफ कहा है कि लेबनान से हिज्बुल्लाह को पूरी तरह खत्म किए बिना हमले नहीं रुकेंगे। उन्होंने कहा, “ये कार्रवाई तब तक जारी रहेगी जब तक हिज्बुल्लाह का खतरा पूरी तरह समाप्त नहीं हो जाता।” इस संघर्ष में इजरायल को भी भारी नुकसान हुआ है। इजरायली सेना के प्रवक्ता ने पुष्टि की है कि दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह के हमले में चार सैनिक घायल बताए जा रहे हैं।
लेबनान ने इजरायली सेना की गाड़ी को बनाया निशाना
खबरों के मुताबिक, इजरायली ड्रोन ने टायर (Tyre) इलाके में भी कई हमले किए, जिनमें बड़ी संख्या में लोग घायल हो गए। लेबनानी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, एक और ड्रोन हमले में नबातीह (Nabatieh) के बिंत जबील (Bint Jbeil) जिले को निशाना बनाया गया। वहीं, लेबनान ने भी इन हमलों के जवाब में इजरायल सेना की 5 गाड़ी को निशाना बनाया। इस हमले IDF के जवान घायल हो गए।
अमेरिका-ईरान डील पर पड़ेगा असर
लेबनान में बढ़ते इजरायली हमलों का असर अमेरिका और ईरान के बीच चल रही शांति समझौते की वार्ता पर भी पड़ सकता है। सूत्रों का कहना है कि क्षेत्रीय तनाव बढ़ने से दोनों देशों के बीच कूटनीतिक प्रयास प्रभावित हो सकते हैं। इधर व्हाइट हाउस ने पुष्टि की कि अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने स्विट्जरलैंड की अपनी यात्रा टाल दी है। उन्हें वहां फ्रेमवर्क समझौते को लागू करने और भविष्य की परमाणु बातचीत को लेकर ईरानी अधिकारियों के साथ चर्चा के नए दौर की अगुवाई करनी थी।
ट्रंप का क्या होगा अगला कदम?
दक्षिणी लेबनान में इजरायल की सैन्य मौजूदगी और ईरान-समर्थित हिज्बुल्लाह आंदोलन के खिलाफ उसका जारी अभियान बातचीत के दौरान असहमति के मुख्य बिंदु रहे हैं। जहां ईरान का कहना है कि किसी भी व्यापक समझौते में लेबनान में सैन्य कार्रवाई को खत्म करना शामिल होना चाहिए, वहीं इजरायल का कहना है कि उसे हिज्बुल्लाह के खिलाफ कार्रवाई की आजादी बनाए रखनी चाहिए। अब इजरायली पीएम नेतन्याहू के इस एक्शन पर ट्रंप क्या कदम उठाते हैं यो देखना होगा।
Published By : Rupam Kumari
पब्लिश्ड 19 June 2026 at 15:03 IST