अपडेटेड 14 January 2026 at 15:07 IST
Iran Protests: कौन है 26 साल का प्रदर्शनकारी इरफान सुल्तानी, जिन्हें ईरान देगा फांसी,अल्लाह के खिलाफ जंग छेड़ने का लगा आरोप
ईरान में खामेनेई शासन के खिलाफ जारी व्यापक विरोध प्रदर्शनों के बीच पहली फांसी का भी आदेश जारी कर दिया गया है। 26 वर्षीय प्रदर्शनकारी इरफान सुल्तानी को मौत की सजा सुनाई गई है l
ईरान हिंसा (Iran Violence) की आग में जल रहा है। सरकार के खिलाफ बीते 15 दिनों से जारी विरोध-प्रदर्शन रूकने का नाम नहीं ले रहा है। ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई (Ali Khamenei) की सरकार के खिलाफ शुरु हुआ विद्रोह अब बेहद गंभीर होता जा रहा है। हिंसा की घटना में अब तक 2000 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है। सरकार की लोगों के खिलाफ कार्रवाई के बावजूद भी ईरानी लोगों ने झुकने से इनकार कर दिया है। इस बीच पहली फांसी की आहट ने हालात को और भी बिगाड़ दिया है। जानते है कौन हैं इरफान सुल्तानी जिन्हें ईरान देने जा रहा है फांसी और क्या है आरोप?
ईरान में खामेनेई शासन के खिलाफ जारी व्यापक विरोध प्रदर्शनों के बीच पहली फांसी का भी आदेश जारी कर दिया गया है। 26 वर्षीय प्रदर्शनकारी इरफान सुल्तानी (Erfan Soltani) को मौत की सजा सुनाई गई है, जिसे आज (14 जनवरी 2026) लागू किया जा सकता है। सुल्तानी को पिछले हफ्ते राजधानी तेहरान के पास करज में विरोध प्रदर्शनों के दौरान गिरफ्तार किया गया था। यह ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों से जुड़ी पहली फांसी की सजा है।
कौन है प्रदर्शनकारी इरफान सुल्तानी?
मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, इरफान सुल्तानी को 8 जनवरी को तेहरान के पास करज शहर के फर्दिस इलाके में विरोध प्रदर्शनों में भाग लेने के दौरान गिरफ्तार किया गया था। मात्र तीन दिनों के भीतर, 11 जनवरी को एक सुनवाई के बाद उन्हें मोहारेबेह (अल्लाह के खिलाफ युद्ध छेड़ने) के आरोप में मौत की सजा सुनाई गई। परिवार के सदस्यों और संगठनों का कहना है कि उन्हें कोई वकील नहीं दिया गया, न ही उचित सुनवाई हुई और न अपील का मौका।
इरफान सुल्तानी पर क्या है आरोप?
इरफान सुल्तानी के परिवार को सिर्फ 10 मिनट की आखिरी मुलाकात की इजाजत दी गई है। नेशनल यूनियन फॉर डेमोक्रेसी इन ईरान (NUFD) ने कहा है कि सुल्तानी का एकमात्र अपराध ईरान के लिए आजादी की मांग करना है। NUFD सुल्तानी की फांसी रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय समर्थन की भी अपील कर रहा है। इधर अमेरिका ने भी खामेनेई की चेतावनी दी है कि अगर ईरान ऐसी कार्रवाई करेगा तो इसका अंजाम काफी बुरा होगा।
हिंसा की आग में जल रहा ईरान
ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, हिसां के सत्रहवें दिन के अंत तक, देश भर में कुल 614 विरोध प्रदर्शन दर्ज किए गए थे। ये प्रदर्शन 187 शहरों में हुए और देश के सभी 31 प्रांतों में फैले हुए थे। 18,434 लोगों की हिरासत की पुष्टि हुई है। एजेंसी ने यह भी कहा कि 2,403 प्रदर्शनकारियों की मौत की पुष्टि हुई है। मारे गए लोगों में 12 बच्चे (18 साल से कम उम्र के व्यक्ति) शामिल हैं। सुरक्षा बलों और सरकारी समर्थकों के 147 सदस्य मारे गए हैं, जिनमें सरकार के कम से कम पांच नागरिक समर्थक शामिल हैं।
Published By : Rupam Kumari
पब्लिश्ड 14 January 2026 at 15:07 IST