अपडेटेड 11 March 2026 at 07:48 IST
Iran-Israel War: खाड़ी में जारी संकट के बीच G7 देशों की आपात बैठक आज, कच्चे तेल की बढ़ती कीमत समेत कई अहम मुद्दों पर होगी चर्चा
ग्रुप ऑफ सेवन (G7) देश आज ऊर्जा संकट और तेल की बढ़ती कीमतों पर चर्चा करने के लिए एक इमरजेंसी मीटिंग बुलाई है। बैठक में खास तौर पर वैश्विक ऊर्जा स्थिति और युद्ध के आर्थिक असर पर विचार किया जाएगा।
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर अब पूरी दुनिया में दिखने लगा है। ईरान के साथ जारी इजरायल-अमेरिका के संघर्ष की वजह से विश्वभर में ऊर्जा संकट और ईंधन की कीमतों में भारी उछाल देखा जा रहा है। ग्रुप ऑफ सेवन (G7) देश आज तेल की बढ़ती कीमतों पर चर्चा करने के लिए एक इमरजेंसी मीटिंग बुलाई है। बैठक में खास तौर पर वैश्विक ऊर्जा स्थिति और युद्ध के आर्थिक असर पर विचार किया जाएगा।
ईरान-इजरायल संघर्ष की वजह से वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पूरी तरह बाधित हो गई। होर्मुज जलमार्ग के बंद होने और आपूर्ति श्रृंखला टूटने के कारण क्रूड ऑयल की कीमतों में 25% से अधिक की तेजी दर्ज की गई है। ग्रुप ऑफ सेवन (Group of Seven ) देशों के नेता मध्य पूर्व में जारी युद्ध और उसके आर्थिक प्रभावों पर चर्चा के लिए आज वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए आपात बैठक करेंगे। यह बैठक 14:00 GMT पर शुरू होगी, जो भारतीय समय के अनुसार शाम 7:30 बजे (IST) है।
G7 देशों की आपात बैठक
फ्रांस के राष्ट्रपति कार्यालय एलिसी पैलेस (Elysee Palace) के अनुसार, बैठक में खास तौर पर वैश्विक ऊर्जा स्थिति और युद्ध के आर्थिक असर पर विचार किया जाएगा। बताया गया है कि इन मुद्दों पर G7 सदस्य देशों के बीच यह पहली औपचारिक चर्चा होगी, जिसमें आर्थिक समन्वय को मौजूदा स्थिति से निपटने के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।
फ्रांस के राष्ट्रपति करेंगे अध्यक्षता
बैठक की अध्यक्षता फ्रांस के राष्ट्रपति राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों (Emmanuel Macron) करेंगे, क्योंकि इस साल फ्रांस के पास G7 की अध्यक्षता है। UK की चांसलर रेचल रीव्स समेत G7 देशों के फाइनेंस मिनिस्टर इस लड़ाई के आर्थिक असर पर चर्चा करने के लिए इकट्ठा होंगे। बता दें कि G7 बड़े इंडस्ट्रियलाइज्ड देशों का एक ग्रुप है, जिसमें कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, यूनाइटेड किंगडम और यूनाइटेड स्टेट्स, साथ ही यूरोपियन यूनियन भी शामिल हैं।
इन मुद्दों पर होगी चर्चा
होर्मुज स्ट्रेट के खास शिपिंग रूट से एनर्जी सप्लाई में लंबे समय तक रुकावट की आशंका के चलते आज दुनिया भर में तेल की कीमतें में लगभग 120 US डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गईं। G7 देशों ने कहा है कि ईरान के साथ US-इजरायल युद्ध के बाद तेल की कीमतों में तेजी आने के बाद, वे एनर्जी की ग्लोबल सप्लाई को सपोर्ट करने के लिए जरूरी कदम उठाने के लिए तैयार हैं।
Published By : Rupam Kumari
पब्लिश्ड 11 March 2026 at 07:48 IST