पहले जयशंकर-अराघची की फोन पर बात... अब ईरान के डिप्टी विदेश मंत्री भारत क्यों आ रहे? अमेरिका के साथ तनाव के बीच बड़ा फैसला
ईरान के कानूनी और अंतर्राष्ट्रीय मामलों के उप विदेश मंत्री, काजेम गरीबाबादी इस महीने नई दिल्ली का दौरा कर सकते हैं ताकि BRICS की मंत्री-स्तरीय चर्चाओं में हिस्सा ले सकें।
ईरान के कानूनी और अंतर्राष्ट्रीय मामलों के उप विदेश मंत्री, काजेम गरीबाबादी इस महीने नई दिल्ली का दौरा कर सकते हैं ताकि BRICS की मंत्री-स्तरीय चर्चाओं में हिस्सा ले सकें। ANI द्वारा बताए गए सूत्रों के अनुसार, यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब भारत, जो अभी BRICS की अध्यक्षता कर रहा है, 14-15 मई को विदेश मंत्रियों की बैठक की मेजबानी करने की तैयारी कर रहा है।
यह बैठक सितंबर में होने वाले 18वें BRICS शिखर सम्मेलन के लिए एक महत्वपूर्ण प्रस्तावना का काम करेगी।
पहले जयशंकर-अराघची की फोन पर बात
यह संभावित दौरा विदेश मंत्री एस. जयशंकर और उनके ईरानी समकक्ष, सैयद अब्बास अराघची के बीच हुई एक उच्च-स्तरीय फोन बातचीत के बाद हो रहा है। जहां एक ओर पूरी दुनिया का ध्यान पश्चिम एशिया की अस्थिर स्थिति पर टिका हुआ है, वहीं तेहरान BRICS को कूटनीतिक जुड़ाव के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में देख रहा है। नई दिल्ली की मध्यस्थ की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण बनी हुई है, विशेष रूप से तब, जब हाल ही में BRICS के दूतों की एक बैठक क्षेत्रीय संघर्ष पर किसी साझा सहमति तक पहुंचने में विफल रही थी।
अमेरिका-ईरान के बीच क्या चल रहा है?
विदेशी मीडिया के मुताबिक, अमेरिका और ईरान एक बड़ी कूटनीतिक सफलता के करीब पहुंच रहे हैं। कहा जा रहा है कि दोनों पक्षों के बीच इस बात पर सहमति बन गई है कि महीनों से चल रहे संघर्ष को खत्म करने की कोशिशों के बीच, रणनीतिक रूप से बेहद अहम 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' को धीरे-धीरे फिर से खोल दिया जाए।
रिपोर्ट्स के अनुसार, इस प्रस्तावित व्यवस्था में यह शामिल है कि अमेरिका अपनी नौसैनिक घेराबंदी को चरणबद्ध तरीके से कम करेगा, जिसके बदले में ईरान 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' से होने वाली समुद्री आवाजाही पर लगी पाबंदियों में ढील देगा। यह स्ट्रेट तेल की ढुलाई का एक अहम वैश्विक मार्ग है, जिससे दुनिया की लगभग पांचवें हिस्से की ऊर्जा आपूर्ति होती है।
यह घटनाक्रम तब सामने आया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान के साथ चल रही बातचीत को लेकर उम्मीद जताई। उन्होंने कहा कि पिछले 24 घंटों में "बहुत अच्छी बातचीत" हुई है और एक समझौता होना "पूरी तरह संभव" है।
Published By : Kunal Verma
पब्लिश्ड 7 May 2026 at 14:47 IST