फिर भड़का युद्ध का ज्वाला... अमेरिकी हमले में 7 लोगों की मौत से बौखलाए ईरान का ताबड़तोड़ अटैक, अब हूती ने दी खुली धमकी; क्या करेंगे ट्रंप?
हमलों के जवाब में ईरान ने भी अमेरिकी बेस पर अटैक किया। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA ने दावा किया कि अमेरिकी हमले के जवाब में IRGC एयरोस्पेस फोर्स ने जॉर्डन में अमेरिकी प्रिंस हसन एयर बेस पर बैलिस्टिक मिसाइल ऑपरेशन किया, जिसमें खास तौर पर RU-4 और MQ-9 यूएवी हैंगर को निशाना बनाया गया।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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ईरान-अमेरिका फिर से एक दूसरे के सामने है। सीजफायर के बाद कुछ महीनों तक मिसाइल की आवाजें नहीं सुनाई दी। लेकिन एक बार फिर अमेरिका-ईरान के बीच युद्ध का ज्वाला भड़क गया है। पहले अमेरिका ने ईरान पर हमला किया। जिसमें एक बच्चे समेत 7 लोगों की मौत हो गई। बौखलाए ईरान ने जॉर्डन में अमेरिकी बेस पर हमला किया। ऐसे में दुनिया की टेंशन बढ़ गई है, क्योंकि पिछली बार जब युद्ध चरम पर था तो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई थी और दुनिया के कई देशों में इंधन संकट पैदा हो गया था।
मिडिल ईस्ट में फिर भड़की युद्ध की चिंगारी
एक बार फिर दुनिया को संकट का सामना करना पड़ सकता है। सीजफायर के बाद पहले अमेरिका और ईरान के बीच जुबानी जंग चल रही थी। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया था कि ईरान बरबाद हो चुका है, उसकी सैन्य शक्ति खत्म हो चुकी है। जिसका ईरान ने पूरी तरह खंडन किया था। ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने इसे अमेरिका का इंटेलिजेंस फेलियर बताया था। उन्होंने तंज करते हुए कहा था कि फेक न्यूज से ज्यादा खतरनाक है फेक इंटेलिजेंस। अराघची ने कहा कि अमेरिकी इंटेलिजेंस फेलियर के कारण ही ईरान-अमेरिका युद्ध की शुरुआत हुई।
अटैक में ईरान ने की 7 मौत की पुष्टि
मंगलवार 1 सितंबर को अमेरिका ने ईरान पर फिर से जोरदार हमला किया। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी के मुताबिक संयुक्त राज्य अमेरिका ने ईरान के खुजेस्तान प्रांत में तीन जगहों को निशाना बनाकर मिसाइल अटैक किया। हमले में 7 लोगों की मौत हो गई जबकि 8 लोग घायल हैं। हमले के बाद अमेरिकी केंद्रीय कमान बलों ने कहा कि उसने ईरानी सैन्य ठिकानों के खिलाफ नए हमलों का दौर पूरा कर लिया है। इन हमलों में हवाई रक्षा स्थल और बारूदी सुरंग बिछाने की क्षमता को नष्ट किया गया है।
ईरान ने जॉर्डन में किया मिसाइल अटैक
हमलों के जवाब में ईरान ने भी अमेरिकी बेस पर अटैक किया। ईरान की सारकारी समाचार एजेंसी IRNA ने दावा किया कि अमेरिकी हमले के जवाब में IRGC एयरोस्पेस फोर्स ने जॉर्डन में अमेरिकी प्रिंस हसन एयर बेस पर बैलिस्टिक मिसाइल ऑपरेशन किया, जिसमें खास तौर पर RU-4 और MQ-9 यूएवी हैंगर को निशाना बनाया गया। एजेंसी ने दावा किया कि हमले में कई ड्रोन नष्ट हो गए और कुछ पायलट और फ्लाइट क्रू सदस्य भी मारे गए। हालांकि अमेरिका की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
हूती ने दी अमेरिका को धमकी
अमेरिकी हमले से ईरान ही नहीं हूती भी बौखला गया है। उसने कहा है कि अमेरिकी हमले से ईरान का संकल्प कमजोर नहीं होगा। अमेरिका ने इस इलाके में फिर से तनाव थोपा है। ऐसे में वाशिंगटन और उसे समर्थन करने वाले देशों को इसका गंभीर परिणाम भुगतना पड़ेगा। इसके लिए अमेरिका ही जिम्मेदार होगा।
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट पर दावा किया था कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर अमेरिका का पूरी तरह नियंत्रण है और ईरान की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो रही है।
डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर क्या कहा?
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया ट्रुथ पर एक पोस्ट में कहा कि वह ईरान को बातचीत के लिए मजबूर करने की कोशिश नहीं कर रहे हैं। उन्होंने उन रिपोर्टों को खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि वह तेहरान को वार्ता की मेज पर वापस लाने का प्रयास कर रहे हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि एबीसी ने फेक रिपोर्ट की है। मैं ईरान को बातचीत की मेज पर लाने की कोशिश नहीं कर रहा हूं। मुझे हमारी वर्तमान स्थिति बेहतर लगती है, जहां हमने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर कंट्रोल कर रखा है। उनकी इकोनॉमी पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। ट्रंप ने ईरान की जनता से अपनी सरकार को चुनौती देने का आह्वान किया और कहा कि ईरान के लोग अब उठ खड़े होंगे और लड़ेंगे।
Published By : Sujeet Kumar
पब्लिश्ड 2 September 2026 at 20:29 IST