अपडेटेड 24 January 2026 at 18:44 IST
'थैंक यू इंडिया', UNHRC में भारत ने खुलकर दिया साथ तो गदगद हुआ ईरान, मुंह देखते रह गए पश्चिमी देश
Iran-India: भारत ने UNHRC के मंच पर खुलकर ईरान का समर्थन किया। भारत की ओर से ईरान के खिलाफ लाए गए प्रस्ताव के खिलाफ वोट किया। इसके लिए ईरानी राजदूत मोहम्मद फथाली ने भारत सरकार का आभार जताया है।
India Backs Iran in UNHRC: मुश्किल वक्त में दोस्तों का साथ निभाना भारत की विदेश नीति की मजबूत पहचान रही है।संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) में एक बार फिर यह साबित हुआ। शुक्रवार, 23 जनवरी को जब पश्चिमी देशों ने ईरान को फंसाना चाहा और उसके खिलाफ प्रस्ताव लेकर आए। तो जिनेवा में UNHRC के मंच पर ईरान के खिलाफ लाए गए प्रस्ताव का भारत ने विरोध किया और खुलकर ईरान के पक्ष में वोटिंग की। इस कदम के लिए भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फथली ने सरकार को 'थैंक यू' कहा है।
ईरान के राजदूत ने दिया धन्यवाद
उन्होंने X पर एक पोस्ट में कहा, "मैं UNHRC में ईरान के प्रति भारत सरकार के सैद्धांतिक और मजबूत समर्थन के लिए हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं, जिसमें एक अन्यायपूर्ण और राजनीतिक रूप से प्रेरित प्रस्ताव का विरोध करना भी शामिल है। यह रुख न्याय, बहुपक्षवाद और राष्ट्रीय संप्रभुता के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।"
दरअसल, शुक्रवार को UNHRC में ईरान में मानवाधिकारों की स्थिति को लेकर पश्चिमी देशों की ओर से एक निंदा प्रस्ताव लाया गया, जिस पर भारत के स्टैंड ने पश्चिमी देशों को चौंका दिया। भारत ने इस प्रस्ताव को लेकर खुलकर ईरान का साथ दिया। इस प्रस्ताव का विरोध करते हुए भारत ने 'NO' (विपक्ष में) वोट डाला।
7 देशों ने प्रस्ताव के खिलाफ किया वोट
UNHRC में 25 देशों ने प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया, जिसमें ज्यादातर पश्चिमी और यूरोपीय देश जैसे अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी, ब्रिटेन शामिल थे। वहीं, 7 देशों ने प्रस्ताव के विरोध में वोट डाला, जिसमें भारत, चीन, पाकिस्तान, क्यूबा, वेनेजुएला, बोलीविया और इथियोपिया शामिल थे। वहीं, 14 देश Abstained (तटस्थ) रहे।
भारत ने इस प्रस्ताव के खिलाफ वोट देकर ईरान का मजबूती से साथ दिया। पश्चिमी देशों के सामने भारत ने अपना रुख साफ किया कि वह मानवाधिकार के नाम पर किसी देश के आंतरिक मामलों में बाहरी हस्तक्षेप को सही नहीं ठहराता। ऐसे में UNHRC में ईरान को अलग-थलग करने की कोशिश कर रहे पश्चिमी देशों की उम्मीदों पर पानी फिर गया।
जिनेवा में UNHRC की इमरजेंसी मीटिंग में ईरान के खिलाफ प्रस्ताव पास हुआ, जो 2022 में शुरू हुई जांच को बढ़ाने का था। ऐसे में अब UN जांचकर्ता हाल ही में हुए ईरान में विरोध प्रदर्शन की भी जांच करेंगे।
Published By : Ruchi Mehra
पब्लिश्ड 24 January 2026 at 18:44 IST