ट्रंप के 'दोस्त' पर ही नहीं, दुनियाभर में 'आतंक' मचा देंगे हूती! भयंकर मोड़ पर पहुंचा युद्ध; नेतन्याहू का 'सबसे बड़ा दुश्मन' कितना खतरनाक?

यमन के हूतियों ने पहली बार ईरान युद्ध में किसी हमले की जिम्मेदारी ली है। इस हमले के बाद जंग खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है।

प्रतीकात्मक तस्वीर | Image: AP

यमन के हूतियों ने पहली बार ईरान युद्ध में किसी हमले की जिम्मेदारी ली है। इस हमले के बाद जंग खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है।

आपको बता दें कि हूती समूह की सशस्त्र सेनाओं ने शनिवार को टेलीग्राम पर बताया कि उन्होंने बैलिस्टिक मिसाइलों के एक जत्थे के साथ अपना पहला सैन्य अभियान चलाया है, जिसने इज़राइल के संवेदनशील सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है।

उन्होंने इसके पीछे ईरान, लेबनान, इराक और फ़िलिस्तीनी क्षेत्रों के खिलाफ लगातार बढ़ रहे सैन्य तनाव का हवाला दिया।

कितने खतरनाक हैं हूती?

ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर हमला करके पहले ही दुनियाभर के तेल सप्लाई पर पहरा लगा दिया है। वहीं, युद्ध में हूती की एंट्री से लाल सागर में भी तेल सप्लाई बाधित होने की संभावना बढ़ गई है।

आपको बता दें कि लाल सागर वैश्विक व्यापार के लिए एक महत्वपूर्ण गलियारा है, विशेष रूप से यूरोप और एशिया के बीच होने वाले व्यापार के लिए। दुनिया भर में समुद्र के रास्ते होने वाली तेल की खेप का लगभग दसवां हिस्सा आमतौर पर 'बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य' से होकर गुजरता है।

यह एक संकरा मार्ग (चोकपॉइंट) है, जिसकी चौड़ाई मात्र 16 मील है और जो अरब प्रायद्वीप को 'हॉर्न ऑफ अफ्रीका' से अलग करता है। वहीं, होर्मुज मार्ग में आई बाधाओं के चलते सऊदी अरब ने लाल सागर वाले रास्ते से तेल की खेप भेजना और भी बढ़ा दिया है। ऐसे में अगर हूती इस क्षेत्र को भी बंद कर देते हैं, तो दुनियाभर में तेल संकट बढ़ जाएगा।

ईरान पहले ही दे चुका है ये संकेत

ईरान ने पहले ही ये संकेत दिया है कि यह जलमार्ग एक निशाना बन सकता है। इस हफ्ते उसने कहा कि अफ़्रीका और एशिया को अलग करने वाला 1,400 मील लंबा यह जलमार्ग, अमेरिकी विमानवाहक पोत USS Gerald R. Ford की मौजूदगी के कारण जवाबी हमलों का एक वैध निशाना बन गया है।

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Published By : Kunal Verma

पब्लिश्ड 28 March 2026 at 20:04 IST