Yemen: हूतियों ने अब यमन के राष्ट्रपति भवन पर दागी मिसाइल, बाल-बाल बचे प्रधानमंत्री, हमले में 5 लोगों की मौत; 16 घायल
यमन के दक्षिणी शहर अदन में अल-माशीक राष्ट्रपति भवन को निशाना बनाकर किए गए हूतियों के हमले में 5 लोगों की मौत हो गई जबकि 16 लोग घायल हो गए। हमले के समय पीएम भी राष्ट्रपति भवन में मौजूद थे।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने अब यमन सरकार को खत्म करने की कोशिश की है। यमन के अदन स्थित राष्ट्रपति भवन (अल-माशिक पैलेस) पर मिसाइल हमला किया है। इस हमले में कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई है और 16 लोग घायल हुए हैं। यमन की अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार के स्वास्थ्य मंत्री ने यह जानकारी दी है। हमले के समय प्रधानमंत्री भी राष्ट्रपति भवन में मौजूद थे। मिसाइल हमले में पीएम बाल-बाल बच गए।
यमन के दक्षिणी शहर अदन में अल-माशीक राष्ट्रपति भवन को निशाना बनाकर किए गए हूतियों के हमले में 5 लोगों की मौत हो गई जबकि 16 लोग घायल हो गए। यमन के स्वास्थ्य मंत्री कासिम मोहम्मद बुहैबेह ने हमले की पुष्टि की है। यमन के सूचना मंत्रालय ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया कि परिसर में कम से कम पांच मिसाइलें गिरीं।
हूती विद्रोहियों ने ली हमले की जिम्मेदारी
हूती विद्रोहियों के प्रवक्ता याह्या सरी ने अपने X पर एक पोस्ट कर हमले की जिम्मेदारी ली है। उन्होंने कहा, "अदन में सऊदी दुश्मन के युद्ध संचालन मुख्यालय पर बमबारी, सऊदी सेना की तैनाती को कहीं भी निशाना बनाने की हमारी घोषित नीति का हिस्सा है। हम सऊदी दुश्मन की किसी भी सैन्य मौजूदगी को, चाहे वह कहीं भी हो, अपने बलों के लिए एक वैध लक्ष्य मानते हैं।"
सैन्य कमांड केंद्रों को बनाया निशाना
राष्ट्रपति भवन के पास कम से कम पांच जोरदार धमाके सुनाई दिए और परिसर के ऊपर धुएं का बड़ा गुब्बार देखा गया। परिसर के अंदर स्थित सैन्य कमांड केंद्रों को निशाना बनाया। इन केंद्रों का इस्तेमाल यमन के सरकारी बलों और उनका समर्थन कर रहे सऊदी-नेतृत्व वाले गठबंधन द्वारा किया जाता है। मृतकों में दो सुरक्षा गार्ड भी शामिल हैं। हमले के समय परिसर में प्रधानमंत्री और अन्य मंत्री मौजूद थे।
हमले का जवाब दिया जाएगा
यमन की राष्ट्रपति नेतृत्व परिषद के अध्यक्ष रशाद अल-अलीमी ने इस हमले को यमन और सऊदी अरब में हवाई अड्डों और तेल सुविधाओं पर हो रहे हमलों का ही एक पार्ट बताया। अल-अलीमी ने कहा कि उन्होंने सरकारी बलों को निर्देश दिया है कि वे सरकारी संस्थानों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाएं, आतंकवादी खतरों का मुकाबला करें और खतरों के स्रोतों को उचित जवाब दें।
प्रधानमंत्री ने हमले की निंदा की
वहीं, यमन की अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार के प्रधानमंत्री शया अल-जिंदानी ने भी इस हमले की निंदा की है। X पर एक पोस्ट में जिंदानी ने इसे एक कायराना कृत्य बताया। सरकार के एक मंत्री ने AFP को बताया कि हमले के समय अल-जिंदानी महल में ही मौजूद थे, लेकिन उन्हें कोई चोट नहीं आई। हमले के समय सरकार के कुछ मंत्री भी भवन में मौजूद थे।
साल 2014 में हूती विद्रोहियों के राजधानी सना पर कब्जा करने के बाद यमन की सरकार अदन से ही संचालित होती है। यह हमला सऊदी समर्थित यमन सरकार को कमजोर करने के इरादे से किया गया बताया जा रहा है।
Published By : Rupam Kumari
पब्लिश्ड 16 October 2026 at 10:07 IST