नेपाल के पूर्व PM केपी ओली और पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक गिरफ्तार, बालेंद्र शाह के सत्ता में आते ही 24 घंटे के अंदर एक्शन
नेपाल में Gen-Z युवाओं के भ्रष्टाचार विरोधी प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा और मौतों के मामले में पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक को गिरफ्तार कर लिया गया। जांच आयोग की सिफारिश पर दोनों नेताओं पर लापरवाही का आरोप है। यह गिरफ्तारी नेपाल में प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह के नेतृत्व में बनी नई सरकार के शपथ लेने के 24 घंटे के भीतर हुई है।
नेपाल में पिछले साल सितंबर में हुए जनरेशन Z (Gen-Z) युवाओं के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा और मौतों के मामले में पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक को शनिवार सुबह गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों नेताओं को भक्तपुर जिले से अलग-अलग जगहों से हिरासत में लिया गया।
पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा को भक्तपुर के गुंडू स्थित उनके आवास से हिरासत में लिया गया। उनके निजी सचिव जनक भट्टा ने बताया कि रमेश लेखक को उसी सुबह लगभग 5 बजे भक्तपुर के सूर्यबिनयक स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया गया। यह गिरफ्तारी नेपाल में प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह के नेतृत्व में बनी नई सरकार के शपथ लेने के 24 घंटे के भीतर हुई है।
यह गिरफ्तारी सितंबर 2025 में हुए Gen-Z विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई कथित दमन और लापरवाही से जुड़े एक मामले में हुई है। पुलिस ने भक्तपुर जिला पुलिस रेंज और काठमांडू घाटी पुलिस कार्यालय की टीमों को तैनात किया था, जबकि पूरे काठमांडू घाटी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी।
क्या था मामला?
नेपाल में पिछले साल सितंबर में Gen-Z बड़े पैमाने पर सड़कों पर उतरे थे। ये प्रदर्शन भ्रष्टाचार के खिलाफ और सोशल मीडिया पर लगे प्रतिबंध के विरोध में थे। इन प्रदर्शनों के दौरान पुलिस कार्रवाई में कुल 77 लोगों की मौत हो गई थी और सरकारी व निजी संपत्ति को अरबों का नुकसान पहुंचा था। ये प्रदर्शन इतने जोरदार थे कि केपी शर्मा ओली को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था।
पूर्व विशेष अदालत के जज गौरी बहादुर कार्की की अध्यक्षता में जांच आयोग ने इस घटना की जांच की। आयोग ने पाया कि प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाने और स्थिति को नियंत्रित करने में पूर्व प्रधानमंत्री ओली और उनके गृह मंत्री रमेश लेखक की लापरवाही और गलत निर्णय थे। आयोग के मुताबिक, पहले से खुफिया जानकारी होने के बावजूद जरूरी कदम नहीं उठाए गए, जिससे हिंसा बढ़ी और कई मौतें हुईं।
10 साल की हो सकती है सजा
आयोग की सिफारिश पर सरकार ने कार्रवाई शुरू की। ओली और लेखक पर राष्ट्रीय दंड संहिता की धारा 181 और 182 के तहत मामला दर्ज किया गया है। इन धाराओं में दोषी पाए जाने पर अधिकतम 10 साल तक की जेल हो सकती है। इस मामले में तत्कालीन पुलिस प्रमुख चंद्र कुबेर खापुंग समेत कई अन्य अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की सिफारिश की गई है।
युवाओं ने शुरू से ही ओली और लेखक की गिरफ्तारी की मांग की थी। अब करीब छह महीने बाद आयोग की रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई हुई है।
कैसे हुई गिरफ्तारी?
शुक्रवार को देश के नए प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक में आयोग की रिपोर्ट लागू करने का फैसला लिया गया। इसके बाद गृह मंत्रालय ने पुलिस को लिखित आदेश दिया। शनिवार सुबह भक्तपुर पुलिस ने दोनों नेताओं को हिरासत में ले लिया।
Published By : Sagar Singh
पब्लिश्ड 28 March 2026 at 06:58 IST