अपडेटेड 20 January 2026 at 23:02 IST
फ्रांस से साथ उलझता रहा अमेरिका, इधर भारत ने कर दिया बड़ा खेला; यूरोपीय यूनियन चीफ के FTA वाले बयान से ट्रंप को लगेगी मिर्ची
India-EU FTA: भारत और यूरोपीय संघ में जल्द 'ऐतिहासिक व्यापार समझौते' का ऐलान होने वाला है। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने इसे 'मदर ऑफ ऑल डील्स' बताया है। इससे अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को बड़ा झटका लग सकता है।
India-EU FTA: एक तरफ अमेरिका और फ्रांस के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है, जहां डोनाल्ड ट्रंप को फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों पर खुलेआम निशाना साधते देखा जा रहा हैं। इधर, भारत ने इस वैश्विक उथल-पुथल के बीच बड़ा दांव खेल दिया है। दरअसल, भारत और ईयू 'ऐतिहासिक व्यापार समझौते' के बेहद करीब पहुंच गए हैं। अगले हफ्ते इसके ऐलान की भी संभावना है। यूरोपीय कमीशन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने खुद इसे 'मदर ऑफ ऑल डील्स' करार दिया।
FTA पर EU कमीशन चीफ का बड़ा बयान
विश्व आर्थिक मंच (WEF) डावोस में यूरोपीय कमीशन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने भारत के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक समझौता 2 अरब लोगों का बाजार बनाएगा, जो ग्लोबल जीडीपी का लगभग एक चौथाई हिस्सा होगा। वॉन डेर लेयेन ने स्पष्ट किया कि कुछ काम बाकी है, लेकिन समझौता बहुत करीब है।
गणतंत्र दिवस पर आ रहीं भारत
दरअसल, गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) के अवसर पर यूरोपीय कमीशन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन 25-27 जनवरी को भारत आएंगी। वो और यूरोपीय काउंसिल के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि होंगे। वहीं, 27 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ होने वाली शिखर वार्ता में इस एफटीए (FTA) के संपन्न होने की घोषणा होने की संभावना है।
EU कमीशन चीफ ने कहा कि मैं भारत की यात्रा करूंगी। अभी काफी काम करना बाकी है, लेकिन हम एक ऐतिहासिक व्यापार समझौते की कगार पर हैं। कुछ लोग इसे अब तक के सभी समझौतों की जननी कहते हैं।
पहले ही यूरोपीय यूनियन भारत का सबसे बड़ा ट्रेड पार्टनर है। वित्त वर्ष 2023-24 में दोनों के बीच 135 अरब डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार हुआ। वहीं भारत-EU व्यापार समझौते पर बातचीत 2022 में दोबारा शुरू हुई थी, जो अब यह अंतिम चरण में पहुंच चुकी है।
ट्रंप को लगेगा झटका?
ये डील ऐसे समय में हो रही है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप टैरिफ को हथियार बनाकर कई देशों को घुटने पर लाने की कोशिश कर रहे हैं। ट्रंप के आक्रामक टैरिफ से भारत और यूरोपीय संघ दोनों प्रभावित हैं। भारत पर तो अमेरिका ने 50% का भारी भरकम टैरिफ पहले ही लगाया हुआ है। वहीं, ट्रंप ने 8 यूरोपीय देशों पर टैरिफ की घोषणा की है, जिनमें डेनमार्क, नॉर्वे, स्वीडन, फ्रांस, जर्मनी, नीदरलैंड, फिनलैंड और यूनाइटेड किंगडम (UK) शामिल हैं। ऐसे में यूरोपीय यूनियन के साथ भारत की ये डील ट्रंप के मंसूबों पर पानी फेर सकती है।
Published By : Ruchi Mehra
पब्लिश्ड 20 January 2026 at 23:02 IST