ट्रंप का एक बयान और अमेरिका ने 2 दिनों में 170 से ज्यादा सैन्य ठिकानों पर हमला कर ईरान को कर दिया धुआं-धुआं, युद्ध में आगे क्या होगा?

Donald Trump ने ईरान के साथ सीजफायर खत्म घोषित किया और नेताओं को नीच बताया। अमेरिका ने दो दिनों में 170 से ज्यादा सैन्य ठिकानों पर हमले किए, जिससे आग लगी और 14 मौतें हुईं। ईरान ने जवाबी हमले किए।

Donald Trump | Image: AP

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान ईरान के साथ सीजफायर समझौते को खत्म घोषित कर दिया। उन्होंने कहा कि वह अब ईरान के साथ किसी डील के बारे में निश्चित नहीं हैं और अमेरिका को काम पूरा करना चाहिए।

ट्रंप ने ईरानी नेताओं को "स्कम" (नीच) और बीमार लोग बताया और चेतावनी दी कि अगर हमले फिर हुए तो "बहुत कठोर" जवाब मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि "कुछ भी बहुत तेजी से होगा" और खार्ग द्वीप पर कब्जा करने की संभावना जताई।

इस बयान के साथ ही अमेरिका ने ईरान पर ताजा हवाई हमले किए। रिपोर्ट्स के अनुसार, पिछले दो दिनों में अमेरिकी सेना (CENTCOM) ने ईरान के 170 से अधिक सैन्य ठिकानों और लक्ष्यों पर हमले किए। इनमें हॉर्मुज जलडमरूमध्य के पास तटीय क्षेत्रों में एयर डिफेंस सिस्टम, मिसाइल-ड्रोन भंडारण, नौसैनिक ठिकाने, तटीय निगरानी और लॉजिस्टिक इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल थे। एक रात में अकेले 90 से अधिक लक्ष्यों पर हमले की बात कही गई।

हमलों का असर

ईरानी मीडिया के अनुसार, इन हमलों से कुछ बंदरगाहों और इलाकों में आग और धुआं देखा गया। बुशहर और कुहस्तक जैसे इलाकों में धुआं उठने की खबरें आईं। ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने 14 लोगों की मौत और 78 घायल होने की पुष्टि की। कुछ पुलों और रेलवे लाइनों को भी नुकसान पहुंचा, जिससे परिवहन प्रभावित हुआ।

अमेरिका ने दावा किया कि हमले हॉर्मुज में नेविगेशन की स्वतंत्रता को खतरे में डालने वाली ईरानी क्षमताओं को कमजोर करने के लिए थे। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने बहरीन, कुवैत और कतर में अमेरिकी ठिकानों या संबंधित लक्ष्यों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। कुछ हमलों को इंटरसेप्ट किया गया, लेकिन क्षेत्र में तनाव बढ़ गया।

तेल की कीमतें बढ़ीं

इन हमलों के बाद हॉर्मुज जलडमरूमध्य में टैंकर ट्रैफिक प्रभावित हुआ। ईरान ने संभावित अमेरिकी नेवल ब्लॉकेड से बचने के लिए रात भर में भारी मात्रा में कच्चा तेल निर्यात कर दिया। इस हमले के बाद तेल की कीमतें बढ़ीं हैं। ब्रेंट क्रूड में 1% से अधिक की तेजी दर्ज की गई। वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

युद्ध में आगे क्या होगा?

ट्रंप ने कहा है कि यह लंबे समय तक नहीं चलेगा और बहुत तेजी से खत्म होगा, लेकिन उन्होंने काम पूरा करने की बात भी दोहराई। माना जा रहा है कि ट्रंप की रणनीति दबाव बनाने की हो सकती है ताकि ईरान को बातचीत की मेज पर लाया जा सके। आशंका है कि अमेरिका और हमले कर सकता है, खासकर अगर ईरान हॉर्मुज में जहाजों पर हमला जारी रखे।  

ईरान ने अमेरिका के हमले का करारा जवाब देने की चेतावनी दी है। क्षेत्रीय ठिकानों या प्रॉक्सी के जरिए जवाबी कार्रवाई संभव है। इसके अलावा तेल की कीमतें और बढ़ सकती हैं, जिससे मुद्रास्फीति और वैश्विक मंदी का खतरा।

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Published By : Sagar Singh

पब्लिश्ड 9 July 2026 at 23:44 IST