अपडेटेड 16 March 2026 at 11:11 IST
ईरान ने सीजफायर की मांग के दावे को बताया 'झूठा', तो ट्रंप ने कहा फेक न्यूज मास्टर; होर्मुज पर जापान-ऑस्ट्रेलिया ने दिया US को झटका
US-Iran war: ट्रंप ने होर्मुज की सुरक्षा के लिए करीब सात देशों से अपने युद्धपोत भेजने को कहा है। जापान और ऑस्ट्रेलिया ने ट्रंप को बड़ा झटका दिया है। ऑस्ट्रेलिया ने उनके अनुरोध को सिरे से खारिज कर दिया है।
Donald Trump news: ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सीजफायर की मांग वाले दावे को झूठा बताया है। ईरानी विदेश मंत्री ने कहा कि उन्होंने अमेरिकी न तो सीजफायर की गुहार लगाई है और न ही बातचीत की बात कही है। इस पर अब ट्रंप ने कहा कि ईरान फेक न्यूज फैलाने के लिए जाना जाता है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने अराघची के बयान पर कहा कि वे जनता को यह नहीं बताएंगे। मैंने बस उनके गलत प्रचार के बारे में सच सामने रखा हैय़ उन्होंने कहा कि उन्होंने USS अब्राहम लिंकन पर हमला किया, उस पर कभी हमला नहीं हुआ। उसमें कभी आग नहीं लगी।हमने जब यह शुरू किया, उससे पहले मुझे यह एहसास नहीं था, लेकिन ईरान बहुत सारी फेक न्यूज के लिए जाना जाता है।
ट्रंप को ऑस्ट्रेलिया और जापान ने दिया बड़ा झटका
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति दूसरे देशों से सहयोग मांग रहे हैं। ट्रंप ने होर्मुज की सुरक्षा के लिए करीब सात देशों से अपने युद्धपोत भेजने को कहा है। उन्होंने कहा है कि इन देशों को आगे आकर अपने इलाके की रक्षा करें, क्योंकि यह उनका ही इलाका है। इससे पहले उन्होंने चीन, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया और ब्रिटेन से अपील की थी।
हालांकि जापान और ऑस्ट्रेलिया ने ट्रंप को बड़ा झटका दिया है। ऑस्ट्रेलिया ने उनके अनुरोध को सिरे से खारिज कर दिया है, लेकिन ऑस्ट्रेलिया के कैबिनेट मंत्री कैथरीन किंग ने कहा कि हम होर्मुज जलडमरूमध्य में कोई जहाज नहीं भेज रहे हैं। वहीं, जापान के वरिष्ठ सांसद सनाए ताकाची ने स्पष्ट किया कि वह फिलहाल सुरक्षा अभियानों के लिए अपने युद्धपोत भेजने पर विचार नहीं कर रहा है।
यह उनका इलाका है, इसकी रक्षा करें- ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति से जब पूछा गया कि देशों का वह गठबंधन कब बनेगा जो होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की निगरानी करेगा। इस पर उन्होंने कहा कि इसमें थोड़ा समय लगेगा। कुछ देशों के पास बारूदी सुरंग हटाने वाले जहाज (minesweepers) हैं। यह अच्छी बात है। कुछ देशों के पास खास तरह के वोट हैं, जो हमारी मदद कर सकते हैं। ट्रंप ने कहा कि मैं सचमुच यह मांग कर रहा हूं कि ये देश आगे आएं और अपने इलाके की रक्षा करें, क्योंकि यह उनका ही इलाका है। यह वह जगह है जहां से उन्हें अपनी ऊर्जा मिलती है और उन्हें आगे आकर इसकी रक्षा करने में हमारी मदद करनी चाहिए।
चीन पर क्या बोले ट्रंप?
उन्होंने यह भी कहा कि आप यह तर्क भी दे सकते हैं कि शायद हमें वहां बिल्कुल भी नहीं होना चाहिए, क्योंकि हमें इसकी जरूरत नहीं है। हमारे पास बहुत सारा तेल है। हम दुनिया में सबसे बड़े उत्पादक हैं, लेकिन फिर भी हम ऐसा करते हैं। ऐसा लगता है जैसे हम यह आदत के तौर पर करते हैं। लेकिन हम ऐसा अपने कुछ बहुत अच्छे सहयोगियों के लिए भी करते हैं, जो मध्य-पूर्व में हमारे साथ हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज की निगरानी में चीन के सहयोग पर भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि चीन अपना लगभग 90% तेल होर्मुज जलडमरूमध्य से ही लेता है। यह अच्छा होगा कि दूसरे देश भी हमारे साथ मिलकर निगरानी करें। हम मदद करेंगे, और हम उनके साथ काम करेंगे।
ट्रंप ने आगे यह भी कहा कि मैं पक्के तौर पर तो नहीं कह सकता, लेकिन चीन एक दिलचस्प केस स्टडी है। उन्हें अपना ज्यादातर तेल... 90% तेल इसी जलडमरूमध्य (Strait) से मिलता है। इसलिए, मैंने कहा, 'क्या आप इसमें शामिल होना चाहेंगे?' शायद वे शामिल हों, शायद न हों... कुछ और भी गहरे कारण हो सकते हैं जिनकी वजह से वे शामिल न हों। मेरी राय में, उन्हें शामिल होना चाहिए।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि अमेरिका दूसरे देशों से बात कर रहा है जिससे वे होर्मुज की निगरानी में मदद कर सकें। उनका मानना है कि कई देश मदद करने के लिए तैयार हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह बहुत छोटा काम है, क्योंकि ईरान के पास अब ज्यादा ताकत नहीं बची है।
Published By : Ruchi Mehra
पब्लिश्ड 16 March 2026 at 11:10 IST