'TMC को करारी हार का सामना...', BJP की जीत से फूले नहीं समा रहा बांग्लादेश, तीस्ता समझौते पर कही बड़ी बात; ममता बनर्जी पर लगाए ये आरोप
बांग्लादेश के बीएपी नेता ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के परिणाम को लेकर हैरानी जताई। उन्होंने कहा कि मैं हैरान हूं कि पश्चिम बंगाल में TMC को लंबे समय तक सत्ता में रहने के बाद करारी हार का सामना करना पड़ा।
Bangladesh: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में सत्ता परिवर्तन की लहर देखने को मिली। 15 साल से 'अभेद' ममता बनर्जी के किले की दीवारें नतीजों के साथ आखिरकार दरक गई। इसी के साथ पिछले लगातार तीन कार्यकालों से सत्ता में रही तृणमूल कांग्रेस की विदाई हो गई।
अब बांग्लादेश की सत्ताधारी पार्टी बीएनपी (बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी) ने पश्चिम बंगाल के नतीजों पर हैरानी जताई है। बीएनपी के सूचना सचिव अजीजुल बारी हेलाल ने भारतीय जनता पार्टी की ऐतिहासिक जीत का स्वागत किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि बीजेपी की सरकार में भारत और बांग्लादेश के संबंध मजबूत होंगे। इतना ही नहीं, राज्य में सत्ता परिवर्तन से दोनों देशों के बीच दशकों पुराने जल विवादों के सुलझने की एक उम्मीद भी जगी है।
ममता बनर्जी की हार से हैरान बांग्लादेश
BNP नेता अजीजुल बारी हेलाल ने समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कहा, 'मैं हैरान हूं कि पश्चिम बंगाल में TMC को लंबे समय तक सत्ता में रहने के बाद करारी हार का सामना करना पड़ा। मैं सुवेंदु अधिकारी के नेतृ्त्व में बनी सरकार को बधाई देता हूं। सुवेंदु अधिकारी के नेतृ्त्व में बीजेपी की यह जीत सुनिश्चित करेगी कि पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश सरकार के बीच संबंध पहले की तरह अच्छे बने रहें। मुझे उम्मीद है कि भारत और बांग्लादेश के बीच शांतिपूर्ण संबंध स्थापित होंगे।'
सुवेंदु अधिकारी की जीत पर क्या बोले हेलाल?
उन्होंने आगे तीस्ता जल बंटवारे समझौते में ममता बनर्जी की सरकार पर देरी का आरोप लगाया। BNP नेता ने कहा, 'पहले हमने देखा था कि तीस्ता बैराज के निर्माण में असल बाधा ममता बनर्जी ही थीं। तीस्ता बैराज समझौता बांग्लादेश सरकार और मोदी सरकार दोनों की चाहत थी। ऐसे में क्योंकि अब सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में बीजेपी ने चुनाव जीता है, तो उम्मीद है कि इस समझौते को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।'
अजीजुल बारी हेलाल कहते हैं, 'हमारे संबंध अच्छे हैं। वैचारिक रूप से हम भले ही अलग हैं, लेकिन कुछ राष्ट्रीय मुद्दों पर हम पूरी तरह से एकजुट हैं। जैसे तीस्ता बैराज और बांग्लादेश-भारत के बीच सामान्य संबंध ऐसे ही मुद्दे हैं।'
बंगाल की सत्ता में बदलाव अच्छा- बांग्लादेश
इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि भारत के राज्यों में बांग्लादेश के साथ सबसे लंबी सीमा पश्चिम बंगाल की ही लगती है। ऐसे में बांग्लादेश की राजनीति का सीधा असर दोनों देशों के संबंधों पर पड़ता है। राज्य में सत्ता में परिवर्तन आना दोनों के लिए ही बेहतर है। इससे दोनों देशों के बीच सीमा के मुद्दे पर सुधार की गुंजाइश है।
Published By : Priyanka Yadav
पब्लिश्ड 6 May 2026 at 11:21 IST