अपडेटेड 6 January 2026 at 09:18 IST
Iran में 35 प्रदर्शनकारियों की मौत, 1200 को हिरासत में लिया, जुल्म ढा रही अली खामेनेई की सेना
Iran Protest : ईरान में आर्थिक संकट से भड़के विरोध प्रदर्शनों में कम से कम 35 लोगों की मौत हो चुकी है और 1200 से अधिक गिरफ्तारियां हुई हैं। रियाल मुद्रा के रिकॉर्ड निचले स्तर पर गिरने से शुरू हुए ये प्रदर्शन 27 प्रांतों में 250 स्थानों पर फैल चुके हैं।
Iran Anti Govt Protest : ईरान में आर्थिक संकट के कारण शुरू हुए विरोध प्रदर्शनों में हिंसा बढ़ने से कम से कम 35 लोगों की मौत हो चुकी है और 1200 से अधिक लोग गिरफ्तार किए गए हैं। ये प्रदर्शन करीब एक सप्ताह से अधिक समय से जारी हैं और रुकने के कोई संकेत नहीं दिख रहे।
ईरान में लोग अयातुल्ला अली खामेनेई के नेतृत्व वाले इस्लामिक शासन के खिलाफ बढ़ती महंगाई और खस्ताहाल अर्थव्यवस्था के चलते सड़कों पर उतरे हैं। ये प्रदर्शन दिसंबर 2025 में ईरानी रियाल मुद्रा के रिकॉर्ड निचले स्तर पर गिरने के बाद शुरू हुए। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रियाल की कीमत 14 लाख तक पहुंच गई, जिससे महंगाई और जीवनयापन की लागत बेहद बढ़ गई। अमेरिकी प्रतिबंधों और इजराइल के साथ हालिया युद्ध के कारण अर्थव्यवस्था पहले से ही दबाव में थी।
31 में से 27 प्रांतों में प्रदर्शन
ईरान में 31 प्रांत हैं और ये प्रदर्शन 27 प्रांतों में 250 से अधिक जगहों पर फैल चुके हैं। शुरुआत तेहरान के ग्रैंड बाजार में दुकानदारों की हड़ताल से हुई, जहां दुकानें बंद कर दी गईं। बाद में छात्र और आम नागरिक भी सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारी ‘डेथ टू खामेनेई’ और 'मुल्लाओं को छोड़ना होगा देश' जैसे नारे लगा रहे हैं।
रिपोर्टिंग की पाबंदियां
ये प्रदर्शन 2022 में महसा अमीनी की मौत के बाद हुए बड़े आंदोलन के बाद सबसे बड़े हैं, हालांकि अभी उतने व्यापक नहीं हुए। ईरान में राज्य मीडिया ने प्रदर्शनों की कम कवरेज की है और पत्रकारों पर रिपोर्टिंग की पाबंदियां हैं। प्रदर्शन जारी हैं और अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ने से स्थिति और तनावपूर्ण हो सकती है।
चार बच्चों की भी मौत
मानवाधिकार समूहों के अनुसार, मारे गए लोगों में 29 प्रदर्शनकारी, चार बच्चे और दो सुरक्षा बल के सदस्य शामिल हैं। प्रदर्शनों में 250 पुलिस अधिकारी और 45 बसीज बल के सदस्य घायल हुए हैं। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनी ने कहा कि दंगाइयों को उनकी जगह पर रखा जाना चाहिए। उन्होंने प्रदर्शनों को दंगा करार दिया।
अमेरिकी हस्तक्षेप की संभावना
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती मौत की संख्या के साथ अमेरिकी हस्तक्षेप की संभावना भी बढ़ जाती है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को ईरान को चेतावनी दी कि अगर तेहरान शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की हिंसक हत्याएं करता है, तो संयुक्त राज्य अमेरिका उनकी मदद के लिए आगे आएगा। इससे ईरानी अधिकारियों ने अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाने की धमकी दी।
Published By : Sagar Singh
पब्लिश्ड 6 January 2026 at 09:18 IST